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बुधवार, 11 सितंबर 2013

अपनी तो हर आह एक - Apni To Har Aah Ek (Md.Rafi, Kaala Bazaar)



Movie/Album: काला बाज़ार (1960)
Music By: एस.डी.बर्मन
Lyrics By: शैलेन्द्र
Performed By: मो.रफ़ी

अपनी तो हर आह एक तूफान है
क्या करे वो जान कर अनजान है
ऊपरवाला जान कर अनजान है

अब तो हँस के अपनी भी किस्मत को चमका दे
कानों में कुछ कह दे, जो इस दिल को बहला दे
ये भी मुश्किल है, तो क्या आसान है
ऊपरवाला जान कर...

सर पे मेरे तू जो अपना हाथ ही रख दे
फिर तो भटके राही को मिल जायेंगे रस्ते
दिल की बस्ती बिन तेरे वीरान है
ऊपरवाला जान कर...

दिल ही तो है, इसने शायद भूल भी की है
ज़िन्दगी है भूलकर ही राह मिलती है
माफ़ कर बंदा भी एक इंसान है
ऊपरवाला जान कर...

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सोमवार, 6 मई 2013

खोया खोया चाँद - Khoya Khoya Chand (Md. Rafi, Kaala Bazaar)



Movie/Album: काला बाज़ार (1960)
Music By: एस.डी.बर्मन
Lyrics By: शैलेन्द्र
Performed By: मो.रफ़ी

खोया खोया चाँद, खुला आसमान
आँखों में सारी रात जायेगी
तुम को भी कैसे नींद आयेगी

मस्ती भरी, हवा जो चली
खिल खिल गयी ये दिल की कली
दिल की गली में है खलबली
कि उनको तो बुलाओ
ख़ोया खोया चाँद...

तारे चले, नज़ारे चले
संग संग मेरे वो सारे चले
चारो तरह इशारे चले
किसी की तो हो जाओ
खोया खोया चाँद...

ऐसी ही रात, भीगी सी रात
हाथो में हाथ, होते वो साथ
कह लेते उनसे दिल की ये बात
अब तो ना सताओ
खोया खोया चाँद...

हम मिट चले हैं जिनके लिए
बिन कुछ कहे वो चुप चुप रहे
कोई ज़रा ये उनसे कहे
ना ऐसे आजमाओ
खोया खोया चाँद...

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