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मंगलवार, 22 जनवरी 2013

पत्थर के सनम तुझे हमने - Patthar Ke Sanam Tujhe Humne (Md.Rafi)



Movie/Album: पत्थर के सनम (1968)
Music By: लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: मो.रफ़ी

पत्थर के सनम, तुझे हमने मोहब्बत का खुदा जाना
बड़ी भूल हुयी, अरे हमने, ये क्या समझा, ये क्या जाना

चेहरा तेरा दिल में लिए चलते रहे अंगारों पे
तू हो कहीं , सजदे किये, हमने तेरे रुखसारो पे
हमसा ना हो, कोई दीवाना
पत्थर के सनम...

सोचा था ये बढ़ जायेंगी, तन्हाईयाँ जब रातों की
रस्ता हमें दिखलाएगी, शम्म-ए-वफ़ा उन हाथों की
ठोकर लगी, तब पहचाना
पत्थर के सनम...

ऐ काश के होती खबर, तूने किसे ठुकराया है
शीशा नहीं, सागर नहीं, मंदीर सा एक दिला ढाया है
ता आसमां, है वीराना
पत्थर के सनम...

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सोमवार, 21 जनवरी 2013

महबूब मेरे, महबूब मेरे - Mehboob Mere, Mehboob Mere (Mukesh)



Movie/Album: पत्थर के सनम (1968)
Music By: लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: मुकेश, लता मंगेशकर

महबूब मेरे, महबूब मेरे
तु है तु दुनिया कितनी हसीं है
जो तु नहीं तो, कुछ भी नहीं है

तु हो तो बढ़ जाती है कीमत मौसम की
ये जो तेरी आँखें हैं शोला शबनम की
यहीं मरना भी है मुझको, मुझे जीना भी यहीं है
महबूब मेरे, महबूब मेरे...

अरमां किसको जन्नत की रंगीं गलियों का
मुझको तेरा दामन है बिस्तर कलियों का
जहाँ पर हैं तेरी बाहें, मेरी जन्नत भी वहीँ है
महबूब मेरे, महबूब मेरे...

रख दे मुझको तु अपना दीवाना कर के
नजदीक आ जा फिर देखूं तुझको जी भर के
मेरे जैसे होंगे लाखों, कोई भी तुझसा नहीं है
महबूब मेरे, महबूब मेरे...

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