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सोमवार, 30 सितंबर 2013

होठों में ऐसी बात - Hothon Mein Aisi Baat (Lata Mangeshkar, Jewel Thief)



Movie/Album: जुअल थीफ (1967)
Music By: एस.डी.बर्मन
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: लता मंगेशकर

होठों में ऐसी बात मैं दबा के चली आयी
खुल जाये वही बात तो दुहाई है दुहाई
हाँ रे हाँ, बात जिसमें, प्यार तो है, ज़हर भी है, हाय
होंठों में ऐसी बात...

हो शालू...
रात काली नागन सी हुई है जवां
हाय दईय्या किसको डसेगा ये समां
जो देखूँ पीछे मुड़ के
तो पग में पायल तड़पे
आगे चलूँ तो धड़कती है सारी अंगनाई
होंठों में ऐसी बात...

हो शालू...
ऐसे मेरा ज्वाला सा तन लहराये
लट कहीं जाए घूँघट कहीं जाये
अरे अब झुमका टूटे
के मेरी बिंदिया छूटे
अब तो बनके क़यामत लेती हूँ अंगड़ाई
होंठों में ऐसी बात...

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रविवार, 29 सितंबर 2013

बैठे हैं क्या उसके पास - Baithe Hain Kya Uske Paas (Asha Bhosle, Jewel Thief)



Movie/Album: जुअल थीफ (1967)
Music By: एस.डी.बर्मन
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: आशा भोंसले

बैठे हैं क्या उसके पास
आईना मुझ सा नहीं
मेरी तरफ़ देखिये

आईने की नज़र में ऐसी मस्ती कहाँ है
मस्ती मेरी नज़र की इतनी सस्ती कहाँ है
बैठे हैं क्या...

ये लब हम क्यूँ छू ले, यूँ ही आहें भरें क्या
हमसे भी खूबसूरत तुम हो हम भी करें क्या
बैठें हैं क्या...

बीती है रात कितनी, ये सब कुछ भूल जायें
जलती शम्में बुझा के आओ हम दिल जलायें
बैठें हैं क्या...

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शनिवार, 28 सितंबर 2013

ये दिल ना होता बेचारा - Ye Dil Na Hota Bechara (Kishore Kumar, Jewel Thief)



Movie/Album: जुअल थीफ (1967)
Music By: एस.डी.बर्मन
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: किशोर कुमार

ये दिल ना होता बेचारा
कदम न होते आवारा
जो खूबसूरत कोई अपना हमसफ़र होता
ये दिल न होता...

अरे सुना, जब से ज़माने हैं बहार के
हम भी आये हैं राही बन के प्यार के
कोई न कोई तो बुलायेगा
खड़े हैं हम भी राहों में
ये दिल न होता...

अरे माना उसको नहीं मैं पहचानता
बंदा उसका पता भी नहीं जानता
मिलना लिखा है तो आयेगा
खड़े हैं हम भी राहों में
ये दिल ना होता...

अरे उसकी धुन में पड़ेगा दुख झेलना
सीखा हमने भी पत्थरों से खेलना
सूरत कभी तो दिखायेगा
पड़े हैं हम भी राहों में
ये दिल ना होता...

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शुक्रवार, 27 सितंबर 2013

रात अकेली है - Raat Akeli Hai (Asha Bhosle, Jewel Thief)



Movie/Album: जुअल थीफ (1967)
Music By: एस.डी.बर्मन
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: आशा भोंसले

रात अकेली है, बुझ गए दिये
आके मेरे पास, कानों में मेरे
जो भी चाहे कहिये, जो भी चाहे कहिये
रात...

तुम आज मेरे लिये रुक जाओ, रुत भी है फ़ुरसत भी है
तुम्हें ना हो ना सही, मुझे तुमसे मुहब्बत है
मुहब्बत की इजाज़त है, तो चुप क्यूँ रहिये
जो भी चाहे कहिये
रात...

सवाल बनी हुई दबी दबी उलझन सीनों में है
जवाब देना था, तो डूबे हो पसीनों में
ठनी है दो हसीनों में, तो चुप क्यूँ रहिये
जो भी चाहे कहिये
रात...

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रविवार, 22 सितंबर 2013

दिल पुकारे आ रे आ रे - Dil Pukaare Aare Aare (Md.Rafi, Lata Mangeshkar)



Movie/Album: जुअल थीफ (1967)
Music By: एस.डी.बर्मन
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: मो.रफ़ी, लता मंगेशकर

दिल पुकारे, आरे आरे आरे
अभी ना जा मेरे साथी
दिल पुकारे...
बरसों बीते दिल पे काबू पाते
हम तो हारे तुम ही कुछ समझाते
समझाती मैं तुमको लाखों अरमां
खो जाते हैं लब तक आते आते
पूछो ना कितनी बातें पड़ी हैं
दिल में हमारे
दिल पुकारे...

पा के तुमको है कैसी मतवाली
आँखें मेरी बिन काजल के काली
जीवन अपना मैं भी रंगीं कर लूँ
मिल जाये जो इन होठों की लाली
जो भी है अपना, लायी हूँ सब कुछ
पास तुम्हारे
दिल पुकारे...

महका महका आँचल हल्के हल्के
रह जाती हो क्यों पलकों से मलके
जैसे सूरज बन कर आये हो तुम
चल दोगे फिर दिन के ढलते ढलते
आज कहो तो मोड़ दूं बढ़ के
वक़्त के धारे
दिल पुकारे...

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बुधवार, 3 अप्रैल 2013

आसमां के नीचे, हम आज अपने पीछे - Aasmaan Ke Neeche, Hum Aaj Apne Peeche (Jewel Thief, Kishore, Lata)



Movie/Album: जुअल थीफ (1967)
Music By: एस.डी.बर्मन
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: लता मंगेशकर, किशोर कुमार

आसमाँ के नीचे, हम आज अपने पीछे
प्यार का जहां, बसा के चले
कदम के निशाँ, बना के चले

तुम चले तो फूल जैसे आँचल के रँग से
सज गई राहें, सज गई राहें
पास आओ मैं पहना दूँ, चाहत का हार ये
खुली खुली बाहें, खुली खुली बाहें
जिसका हो आँचल खुद ही चमन
कहिये, वो क्यूँ, हार बाहों के डाले
आसमाँ के नीचे...

बोलती हैं आज आँखें कुछ भी न आज तुम
कहने दो हमको, कहने दो हमको
बेखुदी बढ़ती चली है, अब तो ख़ामोश ही
रहने दो हमको, रहने दो हमको
एक बार, एक बार, मेरे लिये
कह दो, खनकें, लाल होंठों के प्याले
आसमाँ के नीचे...

साथ मेरे चलके देखो आई हैं धूम से
अब की बहारें, अब की बहारें
हर गली हर मोड़ पे वो दोनों के नाम से
हमको पुकारे, तुमको पुकारे
कह दो बहारों से, आएँ इधर
उन तक, उठकर, हम नहीं जाने वाले
आसमाँ के नीचे...

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मंगलवार, 2 अप्रैल 2013

रुला के गया सपना मेरा - Rula Ke Gaya Sapna Mera (Lata Mangeshkar, Jewel Thief)



Movie/Album: जुअल थीफ (1967)
Music By: एस.डी.बर्मन
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: लता मंगेशकर

रुला के गया सपना मेरा
बैठी हूँ कब हो सवेरा
रुला के गया सपना...

वही है ग़म-ए-दिल, वही है चंदा-तारे
वही हम बेसहारे
आधी रात वही है, और हर बात वही है
फिर भी न आया लुटेरा
रुला के गया सपना...

कैसी ये ज़िंदगी, कि साँसों से हम ऊबे
कि दिल डूबा, हम डूबे
इक दुखिया बेचारी, इस जीवन से हारी
उस पर ये ग़म का अन्धेरा
रुला के गया सपना...

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