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रविवार, 22 जुलाई 2012

त्याचा नानाची टांग - Tyacha Nanachi Taang (Kunal Ganjawala)



Movie/Album: खट्टा-मीठा (2010)
Music By: प्रीतम चक्रबर्ती
Lyrics By: इरशाद क़ामिल
Performed By: कुनाल गांजावाला

तेरे पीछे आये जो भी
तेरे आगे आये जो भी
प्यार से जो लेगा तेरा नाम
त्याचा नानाची टांग

जिसके तू नज़र में आये
जो तुझे नज़र लगाये
कर दूँ उसको, मैं तेरा गुलाम
त्याचा नानाची टांग

मेरी है तू तो मेरी है
तू मेरा सपना
चुराए मेरा सपना जो
बोलूँगा मैं उसको सरेआम
त्याचा नानाची टांग

मेरे सिवा तुझको जो देखे लगता बुरा
इक दिन मैं  दुनिया से तुझको ही लूँगा चुरा
आके फ़रिश्ते भी तुझसे मिलें तो जलूं
सुबहों को, शामों को, रातों को मैं ही मिलूँ
तेरे मेरे प्यार से जो जल रहा हो जान ले वो
दे रहा हूँ मैं उसे पैगाम
त्याचा नानाची टांग...

छूके हवाएं क्यूँ गुज़रे यूँ तुझको भला
तकते हुए तुझको क्यूँ  है ये सूरज ढला
इनको भी तुझसे मोहब्बत हुई जो कहीं
हो जायेगी इनसे भी फिर मेरी दुश्मनी
तू है तो पसंद मेरी चाहतें करें जो तेरी
प्यार के जो भेजेगा सलाम
त्याचा नानाची टांग...

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रविवार, 4 मार्च 2012

थोड़ा है थोड़े की ज़रूरत है - Thoda Hai Thodi Ki Zarurat Hai (Kishore Kumar, Lata Mangeshkar)



Movie/Album: खट्टा-मीठा (1978)
Music By: राजेश रौशन
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: किशोर कुमार, लता मंगेशकर

थोड़ा है, थोड़े की ज़रूरत है
ज़िन्दगी फिर भी अहा ख़ूबसूरत है

जिस दिन पैसा होगा, वो दिन कैसा होगा
उस दिन पहिये घूमेंगे
और क़िस्मत के लब चूमेंगे
बोलो ऐसा होगा
थोड़ा है, थोड़े की ज़रूरत है...

सुन सुन सुन, हवा चली, सबा चली
तेरे आँचल से उड़ के घटा चली
सुन सुन सुन, कहाँ चली, कहाँ चली
मैं छूने ज़रा आसमाँ चली
बादल पे उड़ना होगा
थोड़ा है, थोड़े की ज़रूरत है...

हमने सपना देखा है, कोई अपना देखा है
जब रात का घूँघट उतरेगा
और दिन की डोली गुज़रेगी
तब सपना पूरा होगा
थोड़ा है थोड़े की ज़रूरत है...

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शनिवार, 4 सितंबर 2010

सजदे - Sajde (K.K., Sunidhi Chauhan)



Movie/Album : खट्टा मीठा (2010)
Music By : प्रीतम चक्रबर्ती
Lyrics By : इरशाद कामिल
Performed By : के.के., सुनिधि चौहान

सजदे किये हैं लाखों, लाखों दुआएं मांगी,
पाया है मैंने फिर तुझे,
चाहत की तेरी मैंने, हक में हवाएं मांगी,
पाया है...
तुझसे ही दिल ये बहला, तू जैसे कलमा पहला,
चाहूँ ना फिर क्यूँ मैं तुझे, जिस पल ना चाहा तुझको,
उस पल सजाएं मांगी,
पाया है...

जाने तू सारा वो, दिल में जो मेरे हो,
पढ़ ले तू आँखें हर दफा,
नखरे से ना जी भी, होते हैं राज़ी भी
तुझसे ही होती हैं खफा,
जाने तू बातें सारी, कटती हैं रातें सारी
जलते दिये सी अनबुझे,
उठ-उठ के रातों को भी, तेरी वफाएं मांगी
पाया है...

चाहत कि काजल से, किस्मत के कागज पे
अपनी वफाएं लिख ज़रा,
बोले ज़माना यूँ, मैं तेरे जैसी हूँ
तू भी तो मुझसा दिख ज़रा,
मेरा ही साया तू है, मुझमें समाया तू है
हर पल ये लगता है मुझे,
खुद को मिटाया मैंने, तेरी बलाएं मांगी
पाया है...
चाहे तू चाहे मुझको, ऐसी अदाएं मांगी
पाया है...

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