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सोमवार, 1 नवंबर 2010

चाँद तनहा है, आस्माँ तनहा



Singer: Meena Kumari

चाँद तनहा है, आस्माँ तनहा
दिल मिला है कहाँ कहाँ तनहा

बुझ गई आस, छुप गया तारा
थरथराता रहा धुआँ तनहा

ज़िंदगी क्या इसी को कहते हैं
जिस्म तनहा है और जाँ तनहा

हमसफ़र कोई ग़र मिले भी कहीं
दोनों चलते रहे तनहा-तनहा

जलती बुझती सी रोशनी के परे
सिमटा-सिमटा सा एक मकां तनहा
राह देखा करेगा सदियों तक
छोड़ जाएंगे ये जहाँ तनहा



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