Movie: Amar Prem
Music: Rahul Dev Burman
Lyrics: Anand Bakshi
Singer: Kishore Kumar
Kuchh to log kahenge logon ka kaam hai kehnaa
chhodo bekaar ki baaton mein kaheen beet na jaaye rainaa
People will say something or the other, it's their business to talk,
Ignore it, lest the night ends in these useless things..
kuchh reet jagat ki aisi hai har ek subah ki shaam hui..
tu kaun hai tera naam hai kya sita bhi yahaan badnaam huyi
phir kyon sansaar ki baaton se, bheeg gaye tere naina
This world's tradition is such, that every morning has an evening..
You're a nobody here, even (the goddess) Sita was slandered here.
So why did your eyes grow moist, hearing the world's talks..
kuchh to log kahenge, logon kaa kaam hai kehna
chhodo bekaar ki baaton mein kaheen beet na jaaye rainaa
hum ko jo taane dete hain, ham khoye hain in rang-raliyon mein,
hum ne un ko bhi chhup chhup ke aate dekhaa in galiyon mein
ye sach hai jhoothi baat nahi tum bolo ye sach hai na
Those who taunt us, saying we're lost in debauchery..
I've seen even them come in these lanes in hiding..
This is the truth, not a false rumor.. you say, isn't it true?
kuchh to log kahenge logon kaa kaam hai kehna
chhodo bekaar kee baaton mein kaheen beet na jaaye raina
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रविवार, 4 अगस्त 2013
रविवार, 5 अगस्त 2012
बड़ा नटखट है रे - Bada Natkhat Hai (Lata Mangeshkar, Amar Prem)
Movie/Album: अमर प्रेम (1971)
Music By: आर.डी.बर्मन
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: लता मंगेशकर
बड़ा नटखट है रे कृष्ण कन्हैया
का करे यशोदा मैय्या
बड़ा नटखट है रे...
ढूँढे री अंखियाँ उसे चहूँ ओर
जाने कहाँ छुप गया नंदकिशोर
उड़ गया ऐसे जैसे पुरवईया
का करे यशोदा मैय्या...
आ तोहे मैं गले से लगा लूँ
लागे ना किसी की नज़र मन में छुपा लूँ
धूप जगत है रे, ममता है छैंया
का करे यशोदा मैय्या...
मेरे जीवन का तू एक ही सपना
जो कोई देखे तोहे समझे वो अपना
सबका है प्यारा, बंसी-बजईय्या
का करे यशोदा मैय्या...
Music By: आर.डी.बर्मन
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: लता मंगेशकर
बड़ा नटखट है रे कृष्ण कन्हैया
का करे यशोदा मैय्या
बड़ा नटखट है रे...
ढूँढे री अंखियाँ उसे चहूँ ओर
जाने कहाँ छुप गया नंदकिशोर
उड़ गया ऐसे जैसे पुरवईया
का करे यशोदा मैय्या...
आ तोहे मैं गले से लगा लूँ
लागे ना किसी की नज़र मन में छुपा लूँ
धूप जगत है रे, ममता है छैंया
का करे यशोदा मैय्या...
मेरे जीवन का तू एक ही सपना
जो कोई देखे तोहे समझे वो अपना
सबका है प्यारा, बंसी-बजईय्या
का करे यशोदा मैय्या...
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शुक्रवार, 11 नवंबर 2011
रैना बीती जाये - Raina Beeti Jaaye (Lata Mangeshkar)
Movie/Album: अमर प्रेम (1971)
Music By: आर.डी.बर्मन
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: लता मंगेशकर
रैना बीती जाये, श्याम न आये
निंदिया न आये, निंदिया न आये
शाम को भूला, श्याम का वादा
संग दीये के, जागे राधा
निंदिया न आये, निंदिया न आये
रैना बीती जाये...
बिरहा की मारी, प्रेम दीवानी
तन मन प्यासा, अंखियों में पानी
निंदिया न आये, निंदिया न आये
रैना बीती जाये...
किस सौतन ने रोकी डगरिया
किस बैरन से लागी नज़रिया
निंदिया न आये, निंदिया न आये
रैना बीती जाये..
Music By: आर.डी.बर्मन
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: लता मंगेशकर
रैना बीती जाये, श्याम न आये
निंदिया न आये, निंदिया न आये
शाम को भूला, श्याम का वादा
संग दीये के, जागे राधा
निंदिया न आये, निंदिया न आये
रैना बीती जाये...
बिरहा की मारी, प्रेम दीवानी
तन मन प्यासा, अंखियों में पानी
निंदिया न आये, निंदिया न आये
रैना बीती जाये...
किस सौतन ने रोकी डगरिया
किस बैरन से लागी नज़रिया
निंदिया न आये, निंदिया न आये
रैना बीती जाये..
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कुछ तो लोग कहेंगे - Kuch To Log Kahenge (Kishore Kumar)
Movie/Album: अमर प्रेम (1971)
Music By: आर.डी.बर्मन
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: किशोर कुमार
कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना
छोड़ो बेकार की बातों में कहीं बीत ना जाए रैना
कुछ रीत जगत की ऐसी है, हर एक सुबह की शाम हुई
तू कौन है, तेरा नाम है क्या, सीता भी यहाँ बदनाम हुई
फिर क्यूँ संसार की बातों से, भीग गये तेरे नैना
कुछ तो लोग कहेंगे...
हमको जो ताने देते हैं, हम खोए हैं इन रंगरलियों में
हमने उनको भी छुप-छुपके, आते देखा इन गलियों में
ये सच है झूठी बात नहीं, तुम बोलो ये सच है ना
कुछ तो लोग कहेंगे...
Music By: आर.डी.बर्मन
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: किशोर कुमार
कुछ तो लोग कहेंगे, लोगों का काम है कहना
छोड़ो बेकार की बातों में कहीं बीत ना जाए रैना
कुछ रीत जगत की ऐसी है, हर एक सुबह की शाम हुई
तू कौन है, तेरा नाम है क्या, सीता भी यहाँ बदनाम हुई
फिर क्यूँ संसार की बातों से, भीग गये तेरे नैना
कुछ तो लोग कहेंगे...
हमको जो ताने देते हैं, हम खोए हैं इन रंगरलियों में
हमने उनको भी छुप-छुपके, आते देखा इन गलियों में
ये सच है झूठी बात नहीं, तुम बोलो ये सच है ना
कुछ तो लोग कहेंगे...
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ये क्या हुआ, कैसे हुआ - Ye Kya Hua, Kaise Hua (Kishore Kumar)
Movie/Album: अमर प्रेम (1971)
Music By: आर.डी.बर्मन
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: किशोर कुमार
ये क्या हुआ, कैसे हुआ
कब हुआ, क्यूँ हुआ
जब हुआ, तब हुआ
ओ छोड़ो, ये ना सोचो
ये क्या हुआ...
हम क्यूँ, शिकवा करें झूठा, क्या हुआ जो दिल टूटा
शीशे का खिलौना था, कुछ ना कुछ तो होना था
हुआ
ये क्या हुआ...
हमने, जो देखा था, सुना था, क्या बताएँ वो क्या था
सपना सलोना था, खत्म तो होना था
हुआ
ये क्या हुआ...
ऐ दिल, चल पीकर झूमें, इन्हीं गलियों में घूमें
यहाँ तुझे खोना था, बदनाम होना था
हुआ
ये क्या हुआ...
Music By: आर.डी.बर्मन
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: किशोर कुमार
ये क्या हुआ, कैसे हुआ
कब हुआ, क्यूँ हुआ
जब हुआ, तब हुआ
ओ छोड़ो, ये ना सोचो
ये क्या हुआ...
हम क्यूँ, शिकवा करें झूठा, क्या हुआ जो दिल टूटा
शीशे का खिलौना था, कुछ ना कुछ तो होना था
हुआ
ये क्या हुआ...
हमने, जो देखा था, सुना था, क्या बताएँ वो क्या था
सपना सलोना था, खत्म तो होना था
हुआ
ये क्या हुआ...
ऐ दिल, चल पीकर झूमें, इन्हीं गलियों में घूमें
यहाँ तुझे खोना था, बदनाम होना था
हुआ
ये क्या हुआ...
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रविवार, 13 मार्च 2011
चिंगारी कोई भड़के - Chingari Koi Bhadke (Kishore Kumar)
Movie/Album : अमर प्रेम (1971)
चिंगारी कोई भड़के, तो सावन उसे बुझाये
सावन जो अगन लगाये, उसे कौन बुझाये
पतझड़ जो बाग़ उजाड़े, वो बाग़ बहार खिलाये
जो बाग़ बहार में उजड़े, उसे कौन खिलाये
हमसे मत पूछो कैसे, मंदिर टूटा सपनों का
लोगों की बात नहीं है, ये क़िस्सा है अपनों का
कोई दुश्मन ठेस लगाये, तो मीत जिया बहलाये
मन मीत जो घाव लगाये,
उसे कौन मिटाये
ना जाने क्या हो जाता, जाने हम क्या कर जाते
पीते हैं तो ज़िन्दा हैं, न पीते तो मर जाते
दुनिया जो प्यासा रखे, तो मदिरा प्यास बुझाये
मदिरा जो प्यास लगाये,
उसे कौन बुझाये
माना तूफाँ के आगे, नहीं चलता ज़ोर किसी का
मौजों का दोष नहीं है, ये दोष है और किसी का
मझधार में नैय्या डोले, तो माझी पार लगाये
माझी जो नाव डुबोए,
उसे कौन बचाये
Music By : आर.डी.बर्मन
Lyrics By : आनंद बक्षी
Performed By : किशोर कुमार
Lyrics By : आनंद बक्षी
Performed By : किशोर कुमार
सावन जो अगन लगाये, उसे कौन बुझाये
पतझड़ जो बाग़ उजाड़े, वो बाग़ बहार खिलाये
जो बाग़ बहार में उजड़े, उसे कौन खिलाये
हमसे मत पूछो कैसे, मंदिर टूटा सपनों का
लोगों की बात नहीं है, ये क़िस्सा है अपनों का
कोई दुश्मन ठेस लगाये, तो मीत जिया बहलाये
मन मीत जो घाव लगाये,
उसे कौन मिटाये
ना जाने क्या हो जाता, जाने हम क्या कर जाते
पीते हैं तो ज़िन्दा हैं, न पीते तो मर जाते
दुनिया जो प्यासा रखे, तो मदिरा प्यास बुझाये
मदिरा जो प्यास लगाये,
उसे कौन बुझाये
माना तूफाँ के आगे, नहीं चलता ज़ोर किसी का
मौजों का दोष नहीं है, ये दोष है और किसी का
मझधार में नैय्या डोले, तो माझी पार लगाये
माझी जो नाव डुबोए,
उसे कौन बचाये
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