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मंगलवार, 14 फ़रवरी 2012

मस्त बहारों का मैं आशिक़ - Mast Baharon Ka Main Aashiq (Md.Rafi)



Movie/Album: फ़र्ज़ (1967)
Music By: लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: मो.रफ़ी

मस्त बहारों का मैं आशिक़ मैं जो चाहे यार करूँ
चाहे गुलों के साए से खेलूँ, चाहे कली से प्यार करूँ
सारा जहाँ है मेरे लिए, मेरे लिए

मैं हूँ वो दीवाना जिसके सब दीवाने हाँ
किसको है ज़रूरत तेरी ऐ ज़माने हाँ
मेरा अपना रास्ता, दुनिया से क्या वास्ता
मेरे दिल में तमन्नाओं की
दुनिया जवां है मेरे लिए
मस्त बहारों का मैं आशिक...

मेरी आँखों से ज़रा आँखें तो मिला दे हाँ
मेरी राहें रोक ले नज़रें तू बिछा दे हाँ
तेरे सर की है कसम, मैं जो चला गया सनम
तो ये रुत भी चली जाएगी
ये तो यहाँ है मेरे लिए
मस्त बहारों का मैं आशिक...

सबको ये बता दो कह दो हर नज़र से हाँ
कोई भी मेरे सिवा गुज़रे ना इधर से हाँ
बतला दो जहां को, समझा दो ख़िज़ां को
आए-जाए यहाँ ना कोई
ये गुलसितां है मेरे लिए
मस्त बहारों का मैं आशिक...

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रविवार, 12 फ़रवरी 2012

हम तो तेरे आशिक हैं - Hum To Tere Aashiq Hain (Mukesh, Lata Mangeshkar)



Movie/Album: फ़र्ज़ (1967)
Music By: लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: मुकेश, लता मंगेशकर

हम तो तेरे आशिक हैं सदियों पुराने
चाहे तू माने, चाहे न माने
हम भी ज़माने से हैं तेरे दीवाने
चाहे तू माने, चाहे न माने

आई हैं यूँ प्यार से जवानियाँ
अरमां दिल में है, दिल मुश्किल में है
जान-ए-तमन्ना
तेरे इसी प्यार की कहानियाँ
हर महफ़िल में हैं, सबके दिल में हैं
जान-ए-तमन्ना
छेड़ते हैं सब मुझको अपने-बेगाने
चाहे तू माने...

सोचो मोहब्बत में कभी हाथ से
दामन छूटे तो, दो दिल रूठे तो
तो फिर क्या हो
ऐसा न हो काश कभी प्यार में
वादे टूटे तो, दो दिल रूठे तो
तो फिर क्या हो
हम तो चले आएं सनम तुझको मनाने
चाहे तू माने...

मस्त निगाहों से इस दिल को
मस्त बनाए जा, और पिलाए जा
प्यार के सागर
दिल पे बड़े शौक से सितमगर
ठेस लगाए जा, तीर चलाये जा
याद रहे पर
तीर कभी बन जाते हैं खुद निशाने
चाहे तू माने...

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