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शुक्रवार, 15 नवंबर 2013

हरी हरी वसुंधरा पे - Hari Hari Vasundhara Pe (Mukesh)



Movie/Album: बूँद जो बन गयी मोती (1967)
Music By: सतीश भाटिया
Lyrics By: भरत व्यास
Performed By: मुकेश

हरी हरी वसुंधरा पे नीला नीला ये गगन
के जिसपे बादलों की पालकी उड़ा रहा पवन
दिशायें देखो रंगभरी, चमक रही उमंगभरी
ये किसने फूल फूल पे किया सिंगार है
ये कौन चित्रकार है, ये कौन चित्रकार
ये कौन चित्रकार है...

तपस्वीयों सी हैं अटल ये पर्वतों की चोटियाँ
ये सर्प सी घूमेरदार, घेरदार घाटियाँ
ध्वजा से ये खड़े हुये हैं वृक्ष देवदार के
गलीचे ये गुलाब के, बगीचे ये बहार के
ये किस कवि की कल्पना का चमत्कार है
ये कौन चित्रकार हैं...

कुदरत की इस पवित्रता को तुम निहार लो
इसके गुणों को अपने मन में तुम उतार लो
चमका लो आज लालिमा, अपने ललाट की
कण-कण से झाँकती तुम्हें, छबि विराट की
अपनी तो आँख एक है, उसकी हज़ार है
ये कौन चित्रकार है...

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सोमवार, 30 सितंबर 2013

होठों में ऐसी बात - Hothon Mein Aisi Baat (Lata Mangeshkar, Jewel Thief)



Movie/Album: जुअल थीफ (1967)
Music By: एस.डी.बर्मन
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: लता मंगेशकर

होठों में ऐसी बात मैं दबा के चली आयी
खुल जाये वही बात तो दुहाई है दुहाई
हाँ रे हाँ, बात जिसमें, प्यार तो है, ज़हर भी है, हाय
होंठों में ऐसी बात...

हो शालू...
रात काली नागन सी हुई है जवां
हाय दईय्या किसको डसेगा ये समां
जो देखूँ पीछे मुड़ के
तो पग में पायल तड़पे
आगे चलूँ तो धड़कती है सारी अंगनाई
होंठों में ऐसी बात...

हो शालू...
ऐसे मेरा ज्वाला सा तन लहराये
लट कहीं जाए घूँघट कहीं जाये
अरे अब झुमका टूटे
के मेरी बिंदिया छूटे
अब तो बनके क़यामत लेती हूँ अंगड़ाई
होंठों में ऐसी बात...

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रविवार, 29 सितंबर 2013

बैठे हैं क्या उसके पास - Baithe Hain Kya Uske Paas (Asha Bhosle, Jewel Thief)



Movie/Album: जुअल थीफ (1967)
Music By: एस.डी.बर्मन
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: आशा भोंसले

बैठे हैं क्या उसके पास
आईना मुझ सा नहीं
मेरी तरफ़ देखिये

आईने की नज़र में ऐसी मस्ती कहाँ है
मस्ती मेरी नज़र की इतनी सस्ती कहाँ है
बैठे हैं क्या...

ये लब हम क्यूँ छू ले, यूँ ही आहें भरें क्या
हमसे भी खूबसूरत तुम हो हम भी करें क्या
बैठें हैं क्या...

बीती है रात कितनी, ये सब कुछ भूल जायें
जलती शम्में बुझा के आओ हम दिल जलायें
बैठें हैं क्या...

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शनिवार, 28 सितंबर 2013

ये दिल ना होता बेचारा - Ye Dil Na Hota Bechara (Kishore Kumar, Jewel Thief)



Movie/Album: जुअल थीफ (1967)
Music By: एस.डी.बर्मन
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: किशोर कुमार

ये दिल ना होता बेचारा
कदम न होते आवारा
जो खूबसूरत कोई अपना हमसफ़र होता
ये दिल न होता...

अरे सुना, जब से ज़माने हैं बहार के
हम भी आये हैं राही बन के प्यार के
कोई न कोई तो बुलायेगा
खड़े हैं हम भी राहों में
ये दिल न होता...

अरे माना उसको नहीं मैं पहचानता
बंदा उसका पता भी नहीं जानता
मिलना लिखा है तो आयेगा
खड़े हैं हम भी राहों में
ये दिल ना होता...

अरे उसकी धुन में पड़ेगा दुख झेलना
सीखा हमने भी पत्थरों से खेलना
सूरत कभी तो दिखायेगा
पड़े हैं हम भी राहों में
ये दिल ना होता...

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शुक्रवार, 27 सितंबर 2013

रात अकेली है - Raat Akeli Hai (Asha Bhosle, Jewel Thief)



Movie/Album: जुअल थीफ (1967)
Music By: एस.डी.बर्मन
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: आशा भोंसले

रात अकेली है, बुझ गए दिये
आके मेरे पास, कानों में मेरे
जो भी चाहे कहिये, जो भी चाहे कहिये
रात...

तुम आज मेरे लिये रुक जाओ, रुत भी है फ़ुरसत भी है
तुम्हें ना हो ना सही, मुझे तुमसे मुहब्बत है
मुहब्बत की इजाज़त है, तो चुप क्यूँ रहिये
जो भी चाहे कहिये
रात...

सवाल बनी हुई दबी दबी उलझन सीनों में है
जवाब देना था, तो डूबे हो पसीनों में
ठनी है दो हसीनों में, तो चुप क्यूँ रहिये
जो भी चाहे कहिये
रात...

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रविवार, 22 सितंबर 2013

दिल पुकारे आ रे आ रे - Dil Pukaare Aare Aare (Md.Rafi, Lata Mangeshkar)



Movie/Album: जुअल थीफ (1967)
Music By: एस.डी.बर्मन
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: मो.रफ़ी, लता मंगेशकर

दिल पुकारे, आरे आरे आरे
अभी ना जा मेरे साथी
दिल पुकारे...
बरसों बीते दिल पे काबू पाते
हम तो हारे तुम ही कुछ समझाते
समझाती मैं तुमको लाखों अरमां
खो जाते हैं लब तक आते आते
पूछो ना कितनी बातें पड़ी हैं
दिल में हमारे
दिल पुकारे...

पा के तुमको है कैसी मतवाली
आँखें मेरी बिन काजल के काली
जीवन अपना मैं भी रंगीं कर लूँ
मिल जाये जो इन होठों की लाली
जो भी है अपना, लायी हूँ सब कुछ
पास तुम्हारे
दिल पुकारे...

महका महका आँचल हल्के हल्के
रह जाती हो क्यों पलकों से मलके
जैसे सूरज बन कर आये हो तुम
चल दोगे फिर दिन के ढलते ढलते
आज कहो तो मोड़ दूं बढ़ के
वक़्त के धारे
दिल पुकारे...

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बुधवार, 3 अप्रैल 2013

आसमां के नीचे, हम आज अपने पीछे - Aasmaan Ke Neeche, Hum Aaj Apne Peeche (Jewel Thief, Kishore, Lata)



Movie/Album: जुअल थीफ (1967)
Music By: एस.डी.बर्मन
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: लता मंगेशकर, किशोर कुमार

आसमाँ के नीचे, हम आज अपने पीछे
प्यार का जहां, बसा के चले
कदम के निशाँ, बना के चले

तुम चले तो फूल जैसे आँचल के रँग से
सज गई राहें, सज गई राहें
पास आओ मैं पहना दूँ, चाहत का हार ये
खुली खुली बाहें, खुली खुली बाहें
जिसका हो आँचल खुद ही चमन
कहिये, वो क्यूँ, हार बाहों के डाले
आसमाँ के नीचे...

बोलती हैं आज आँखें कुछ भी न आज तुम
कहने दो हमको, कहने दो हमको
बेखुदी बढ़ती चली है, अब तो ख़ामोश ही
रहने दो हमको, रहने दो हमको
एक बार, एक बार, मेरे लिये
कह दो, खनकें, लाल होंठों के प्याले
आसमाँ के नीचे...

साथ मेरे चलके देखो आई हैं धूम से
अब की बहारें, अब की बहारें
हर गली हर मोड़ पे वो दोनों के नाम से
हमको पुकारे, तुमको पुकारे
कह दो बहारों से, आएँ इधर
उन तक, उठकर, हम नहीं जाने वाले
आसमाँ के नीचे...

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मंगलवार, 2 अप्रैल 2013

रुला के गया सपना मेरा - Rula Ke Gaya Sapna Mera (Lata Mangeshkar, Jewel Thief)



Movie/Album: जुअल थीफ (1967)
Music By: एस.डी.बर्मन
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: लता मंगेशकर

रुला के गया सपना मेरा
बैठी हूँ कब हो सवेरा
रुला के गया सपना...

वही है ग़म-ए-दिल, वही है चंदा-तारे
वही हम बेसहारे
आधी रात वही है, और हर बात वही है
फिर भी न आया लुटेरा
रुला के गया सपना...

कैसी ये ज़िंदगी, कि साँसों से हम ऊबे
कि दिल डूबा, हम डूबे
इक दुखिया बेचारी, इस जीवन से हारी
उस पर ये ग़म का अन्धेरा
रुला के गया सपना...

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गुरुवार, 21 फ़रवरी 2013

नज़र न लग जाए - Nazar Na Lag Jaaye (Md.Rafi)



Movie/Album: नाईट इन लन्दन (1967)
Music By: लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: मो.रफ़ी

नज़र न लग जाए किसी की राहों में
छुपा के रख लूँ आ तुझे निगाहों में
तू खो न जाए
ओ माई लव
नज़र न लग जाए...

देखकर तेरी तरफ़ बहार
आज हो रही है बेक़रार
छू रहे हैं फूल यूँ तुझे
जैसे हो इन्हें भी तुझसे प्यार
ये हो न जाए
ओ माई लव
नज़र न लग जाए...

ऐ मेरी हसीन दिलरुबा
मेरे दिल में छुप के बैठ जा
तुझमें मुझमें फ़र्क ना रहे
आ क़रीब आ क़रीब आ
तू खो न जाए
ओ माई लव
नज़र न लग जाए ...

सामने जो एक तू न हो
दिल में कोई आरज़ू न हो
मंज़िलें हज़ार हों मगर
मंज़िलों की जुस्तजू न हो
ये हो न जाए
ओ माई लव
नज़र न लग जाए ...

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शुक्रवार, 15 फ़रवरी 2013

चले जाना ज़रा ठहरो - Chale Jaana Zara Thahro (Mukesh, Sharda)



Movie/Album: अराउंड द वर्ल्ड (1967)
Music By: शंकर जयकिशन
Lyrics By: शैलेन्द्र
Performed By: शारदा राजन इयेंगर, मुकेश

चले जाना ज़रा ठहरो
किसी का दम निकलता है
ये मंज़र देखकर जाना
चले जाना ज़रा...

अभी आए हो बैठो तो, ये मौसम भी सुहाना है
अभी तो हाल-ए-दिल तुमको निगाहों से सुनाना है
नज़र प्यासी, ये दिल प्यासा
किसी का दम...

हसीं झरनों के साये में, अकेला छोड़ जाते हो
हमारे दिल को आख़िर किसलिए तुम तोड़ जाते हो
ज़रा दम लो, कहा मानो
किसी का दम...

हमारी जान हो तुम भी, अगर चल दीं तो फ़िर क्या है
तुम्हारे बिन, बहारों में, ख़ुशी क्या है, मज़ा क्या है
ओ जान-ए-मन न जाओ तुम
किसी का दम...

क़सम खाती हूँ मैं अपनी, तुम्हें अब ना सताऊँगी
तुम्हारी बात जो भी हो, वही मैं मान जाऊँगी
भरी आँखें, रुकी सासें
किसी का दम...

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गुरुवार, 14 फ़रवरी 2013

कसमे वादे प्यार वफ़ा सब - Kasme Waade Pyar Wafa Sab (Manna Dey)



Movie/Album: उपकार (1967)
Music By: कल्याणजी आनंदजी
Lyrics By: कमर जलालाबादी
Performed By: मन्ना डे

कसमे वादे प्यार वफ़ा सब
बातें हैं बातों का क्या
कोई किसी का नहीं ये झूठे
नाते हैं नातों का क्या
कसमे वादे प्यार वफ़ा...

होगा मसीहा सामने तेरे
फिर भी न तू बच पायेगा
तेर अपना खून ही आखिर
तुझको आग लगायेगा
आसमान में उड़ने वाले
मिट्टी में मिल जायेगा
कसमे वादे प्यार वफ़ा...

सुख में तेरे साथ चलेंगे
दुख में सब मुख मोड़ेंगे
दुनिया वाले तेरे बनकर
तेरा ही दिल तोड़ेंगे
देते हैं भगवान को धोखा
इन्सां को क्या छोड़ेंगे
कसमे वादे प्यार वफ़ा...

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सोमवार, 11 फ़रवरी 2013

दीवानों से ये मत पूछो - Deewanon Se Ye Mat Poocho (Mukesh)



Movie/Album: उपकार (1967)
Music By: कल्याणजी आनंदजी
Lyrics By: कमर जलालाबादी
Performed By: मुकेश

दीवानों से ये मत पूछो
दीवानों पे क्या गुज़री है
हाँ उनके दिलों से ये पूछो
अरमानों पे क्या गुज़री है
दीवानों से ये...

औरों को पिलाते रहते हैं
और ख़ुद प्यासे रह जाते हैं
ये पीने वाले क्या जाने
पैमानों पे क्या गुज़री है
दीवानों से ये..

मालिक ने बनाया इन्सां को
इनसान मुहब्बत कर बैठा
वो ऊपर बैठा क्या जाने
इनसानों पे क्या गुज़री है
दीवानों से ये...

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गुरुवार, 24 जनवरी 2013

बोल गोरी बोल - Bol Gori Bol (Mukesh, Lata, Milan)



Movie/Album: मिलन (1967)
Music By: लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: मुकेश, लता मंगेशकर

बोल गोरी बोल तेरा कौन पिया
कौन है वो तूने जिसे प्यार किया
बोल गोरी बोल...
अरे, तू जाने ना उसका नाम
हर सुबह, हर शाम
दुनिया ने उसी का नाम लिया
बोल तू ही बोल मेरा कौन पिया
बोल गोरी बोल...

है कौन सारे जग से निराला
कोई निशानी बतलाओ बाला
उसकी निशानी वो भोला-भाला
उसके गले में सर्पों की माला
वो कई हैं जिसके रूप
कहीं छाँव कहीं धूप
तेरा साजन है या बहुरूपिया
बोल गोरी बोल...

मन उसका मंदिर, प्राण पुजारी
घोड़ा न हाथी अरे बैल सवारी
कैलाश परबत का वो तो जोगी
अच्छा वही दर-दर का भिखारी
हाँ वो है भिखारी ठीक, लेके भक्ति की भीख
बदले में जगत को मोक्ष दिया
बोल तू ही बोल...

मैं जिसको भाऊँ जो मुझको भाए
इक दोष तो कोई उसमें बताए
तू जिसपे मरती है हाय
वो जटाओं में गंगा बहाए
दो दिन का है साथ युग-युग से मेरी बात
मैं हूँ बाती तू दीया
बोल तू ही बोल...

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मंगलवार, 8 जनवरी 2013

चुनरी संभाल गोरी - Chunri Sambhal Gori (Manna Dey, Lata Mangeshkar)



Movie/Album: बहारों के सपने (1967)
Music By: आर.डी.बर्मन
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: मन्ना डे, लता मंगेशकर

चुनरी सम्भाल गोरी, उड़ी चली जाए रे
मार न दे डंक कहीं, नज़र कोई हाय
देख देख पग न फिसल जाए रे

फिसलें नहीं चल के, कभी दुख की डगर पे
ठोकर लगे हँस दें, हम बसने वाले, दिल के नगर के
अरे, हर कदम बहक के सम्भल जाए रे!

किरणें नहीं अपनी, तो है बाहों का सहारा
दीपक नहीं जिन में, उन गलियों में है हमसे उजाले
अरे, भूल ही से चाँदनी खिल जाए रे!

पल छिन पिया पल छिन, अँखियों का अंधेरा
रैना नहीं अपनी, पर अपना होगा कल का सवेरा
अरे, रैन कौन सी जो न ढल जाए रे!

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सोमवार, 7 जनवरी 2013

आजा पिया तोहे - Aaja Piya Tohe Pyar (Asha Bhosle)



Movie/Album: बहारों के सपने (1967)
Music By: आर.डी.बर्मन
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: आशा भोंसले

आजा पिया, तोहे प्यार दूँ
गोरी बय्याँ, तोपे वार दूँ
किसलिए तू, इतना उदास?
सूखे सूखे होंठ, अखियों में प्यास
किसलिए, किसलिए?
आजा पिया...

जल चुके हैं बदन कई, पिया इसी रात में
थके हुए इन हाथों को, दे दे मेरे हाथ में
सुख मेरा ले ले, मैं दुःख तेरे ले लूं
मैं भी जीयूं, तू भी जिए
आजा पिया...

होने दे रे, जो ये जुल्मी है, पथ तेरे गाँव के
पलकों से छू डालूँगी मैं, कांटे तेरे पाँव के
लट बिखराए, चुनरियाँ बिछाए
बैठी हूँ मैं, तेरे लिए
आजा पिया...

अपनी तो, जब अखियों से, बह चलें धार के
खिल पडी, वही एक हसीं, पिया तेरे प्यार के
मैं जो नहीं हारी, सजन ज़रा सोचो
किसलिए, किसलिए?
आजा पिया...

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रविवार, 6 जनवरी 2013

ज़माने ने मारे - Zamane Ne Maare (Md.Rafi)



Movie/Album: बहारों के सपने (1967)
Music By: आर.डी.बर्मन
Lyrics By: मजरूह सुल्तानुरी
Performed By: मो.रफ़ी

ज़माने ने मारे जवाँ कैसे-कैसे
ज़मीं खा गई आसमाँ कैसे-कैसे
पले थे जो कल रंग में धूल में
हुए दर-ब-दर कारवाँ कैसे-कैसे
ज़माने ने मारे...

हज़ारों के तन कैसे शीशे हों चूर
जला धूप में कितनी आँखों का नूर
चेहरे पे ग़म के निशाँ कैसे-कैसे
ज़माने ने मारे...

लहू बन के बहते वो आँसू तमाम
कि होगा इन्हीं से बहारों का नाम
बनेंगे अभी आशियाँ कैसे-कैसे
ज़माने ने मारे...

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शनिवार, 7 जुलाई 2012

बड़े मियाँ दीवाने - Bade Miyaan Deewane (Md.Rafi, Manna Dey)



Movie/Album: शागिर्द (1967)
Music By: लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: मो.रफ़ी, मन्ना दे

बड़े मियाँ दीवाने, ऐसे ना बनो
हसीना क्या चाहे, हमसे सुनो
बड़े मियाँ दीवाने...

सबसे पहले सुनो मियाँ
करके वर्जिश बनो जवाँ
चेहरा पॉलिश किया करो
थोड़ी मालिश किया करो
इस्ताइल से उठे क़दम
सीना ज़्यादा तो पेट कम
ऐ किबला, उजले बालों को रंग डालो
बन जाओ गुलफ़ाम
बड़े मियाँ दीवाने...

सीखो करतब नए-नए
फैशन के ढब नए-नए
ढीला-ढाला लिबास क्यों
रेशम पहनो कपास क्यों
फ़न ये जादूगरी का है
अरमाँ तुमको परी का है
तो किबला मारो मंतर टेडी बन कर
निकलो वक़्त-ए-शाम
बड़े मियाँ दीवाने...

तन्हाई में अगर कहीं
आ जाए वो नज़र कहीं
कहिए हाथों में हाथ डाल
ए गुल-चेहरा परी-जमाल
मुद्दत से दिल उदास है
तेरे होंठों की प्यास है
ऐ दिलबर मेरे लब पर कब छलकेगा
तेरे लब का जाम
बड़े मियाँ दीवाने...

इस तन्हाई में ऐ हसीं
इतनी दूरी भली नहीं
आया मौसम बहार का
रख ले दिल बेकरार का
मेरे हाथों में हाथ डाल
ऐ गुल चेहरा परी जमाल
मुद्दत से दिल उदास है
तेरे होंठों की प्यास है
ऐ दिलबर मेरे दिल पर
कब छलकेगा तेरे लब का जाम!

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मंगलवार, 19 जून 2012

ना मुँह छुपा के जियो - Na Munh Chhupa Ke Jiyo (Mahendra Kapoor)



Movie/Album : हमराज़ (1967)
Music By : रवि
Lyrics By : साहिर लुधियानवी
Performed By : महेंद्र कपूर

ना मुँह छुपा के जियो और ना सर झुका के जियो
गमों का दौर भी आए तो मुस्कुरा के जियो

घटा में छुप के सितारे फना नहीं होते
अंधेरी रात के दिल में दीये जला के जियो
ना मुँह छुपा...

ना जाने कौन सा पल मौत की अमानत हो
हर एक पल की खुशी को गले लगा के जियो
ना मुँह छुपा...

ये जिंदगी किसी मंजिल पे रूक नहीं सकती
हर इक मकाम से आगे कदम बढ़ा के जियो
ना मुँह छुपा...

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मंगलवार, 14 फ़रवरी 2012

मस्त बहारों का मैं आशिक़ - Mast Baharon Ka Main Aashiq (Md.Rafi)



Movie/Album: फ़र्ज़ (1967)
Music By: लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: मो.रफ़ी

मस्त बहारों का मैं आशिक़ मैं जो चाहे यार करूँ
चाहे गुलों के साए से खेलूँ, चाहे कली से प्यार करूँ
सारा जहाँ है मेरे लिए, मेरे लिए

मैं हूँ वो दीवाना जिसके सब दीवाने हाँ
किसको है ज़रूरत तेरी ऐ ज़माने हाँ
मेरा अपना रास्ता, दुनिया से क्या वास्ता
मेरे दिल में तमन्नाओं की
दुनिया जवां है मेरे लिए
मस्त बहारों का मैं आशिक...

मेरी आँखों से ज़रा आँखें तो मिला दे हाँ
मेरी राहें रोक ले नज़रें तू बिछा दे हाँ
तेरे सर की है कसम, मैं जो चला गया सनम
तो ये रुत भी चली जाएगी
ये तो यहाँ है मेरे लिए
मस्त बहारों का मैं आशिक...

सबको ये बता दो कह दो हर नज़र से हाँ
कोई भी मेरे सिवा गुज़रे ना इधर से हाँ
बतला दो जहां को, समझा दो ख़िज़ां को
आए-जाए यहाँ ना कोई
ये गुलसितां है मेरे लिए
मस्त बहारों का मैं आशिक...

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रविवार, 12 फ़रवरी 2012

हम तो तेरे आशिक हैं - Hum To Tere Aashiq Hain (Mukesh, Lata Mangeshkar)



Movie/Album: फ़र्ज़ (1967)
Music By: लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: मुकेश, लता मंगेशकर

हम तो तेरे आशिक हैं सदियों पुराने
चाहे तू माने, चाहे न माने
हम भी ज़माने से हैं तेरे दीवाने
चाहे तू माने, चाहे न माने

आई हैं यूँ प्यार से जवानियाँ
अरमां दिल में है, दिल मुश्किल में है
जान-ए-तमन्ना
तेरे इसी प्यार की कहानियाँ
हर महफ़िल में हैं, सबके दिल में हैं
जान-ए-तमन्ना
छेड़ते हैं सब मुझको अपने-बेगाने
चाहे तू माने...

सोचो मोहब्बत में कभी हाथ से
दामन छूटे तो, दो दिल रूठे तो
तो फिर क्या हो
ऐसा न हो काश कभी प्यार में
वादे टूटे तो, दो दिल रूठे तो
तो फिर क्या हो
हम तो चले आएं सनम तुझको मनाने
चाहे तू माने...

मस्त निगाहों से इस दिल को
मस्त बनाए जा, और पिलाए जा
प्यार के सागर
दिल पे बड़े शौक से सितमगर
ठेस लगाए जा, तीर चलाये जा
याद रहे पर
तीर कभी बन जाते हैं खुद निशाने
चाहे तू माने...

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