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मंगलवार, 14 अप्रैल 2015

Jata Kahan Hai Deewane Lyrics Translation| Bombay Velvet (Fifi)



Movie: Bombay Velvet
Music: OP Nayyar, Remixed by Mikey McCleary
Lyrics: Majrooh Sultanpuri
Singer: Suman Sridhar
Label: Zee Music Company

The original song, composed by OP Nayyar and sung by Geeta Dutt for the film CID, could not be included in the film because of censor board's objection, probably due to the picturization of the song. However, the intended meaning of the word fifi/fiffy is not too clear.

jaata kahaan hai deewane
sab kuch yahaan hai sanam
baaki ke saare fasaane
jhooThe hain teri kasam

Where do you go, O crazy one,
everything is here O dear..
all other stories,
are false, I swear on you..

fifi, kuch tere dil mein fiffy
kuch mere dil mein fiffy
zamaana hai bura…

there is something fiffy in your heart,
there is something fiffy in mine..
oh, this world is all bad..

saiyyaad hai tu magar
mujhko na yoon tan ke dekh
naadaan zara ek baar
qaidi mera ban ke dekh
maano maano meri baat
hai ye pehli mulaqaat
maano maano meri baat
dekho pehlu se uth ke hai jaana bura

you are a hunter, but
don’t look at me all straightened up like that..
O naive one, just try becoming
my prisoner for once..
listen to what I say,
this is the first meeting,
listen and do as I say..
It is bad to get up and go from so close to me..

jata kahaan hai deewane
sab kuch yahaan hai sanam
baaki ke saare fasaane
jhooThe hain teri kasam

fifi, kuch tere dil mein fifi
kuch mere dil mein fifi
zamaana hai bura..

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मंगलवार, 12 नवंबर 2013

जाने कहाँ मेरा जिगर गया जी - Jaane Kahan Mera Jigar Gaya Ji (Geeta Dutt, Md.Rafi)



Movie/Album: मिस्टर ऐण्ड मिसेज़ ५५ (1955)
Music By: ओ.पी.नैय्यर
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: गीता दत्त, मो.रफ़ी

जाने कहाँ मेरा जिगर गया जी
अभी अभी यहीं था किधर गया जी
किसी की अदाओं पे मर गया जी
बड़ी-बड़ी अँखियों से डर गया जी

कहीं मारे डर के चूहा तो नहीं हो गया
कोने-कोने देखा न जाने कहाँ खो गया
यहाँ उसे लाए काहे को बिना काम रे
जल्दी जल्दी ढूँढो के होने लगी शाम रे
जाने कहाँ मेरा जिगर...

कोई उल्फ़त की नज़र ज़रा फेर दे
ले ले दो चार आने जिगर मेरा फेर दे
ऐसे नहीं चोरी खुलेगी तकरार से
चलो चलो थाने बताएं जमादार से
जाने कहाँ मेरा जिगर...

सच्ची-सच्ची कह दो दिखाओ नहीं चाल रे
तूने तो नहीं हैं चुराया मेरा माल रे
बातें हैं नज़र की नज़र से समझाऊंगी
पहले पड़ो पईयाँ तो फिर बतलाऊंगी
जाने कहाँ मेरा जिगर...

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शनिवार, 9 नवंबर 2013

दिल पर हुआ ऐसा जादू - Dil Par Hua Aisa Jaadoo (Md.Rafi)



Movie/Album: मिस्टर ऐण्ड मिसेज़ ५५ (1955)
Music By: ओ.पी.नैय्यर
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: मो.रफ़ी

दिल पर हुआ ऐसा जादू
तबीयत मचल-मचल गई
नज़रें मिलीं क्या किसी से
के हालत बदल-बदल गई

कल तक हमारा न पूछ कैसा हाल था
मिलती कहीं आँख दिल को ये मलाल था
उसने जो देखा तो हसरत निकल गई
सुन प्यारे, अपनी तो किस्मत बदल गई
दिल पर हुआ ऐसा जादू...

कैसी है उल्फ़त की दिल्लगी ये हमनशीं
वो हो गई मेरी और उसे खबर नहीं
ज़ालिम मोहब्बत भी क्या चाल चल गई
सुन प्यारे, अपनी तो किस्मत बदल गई
दिल पर हुआ ऐसा जादू...

मिलती है आहट सी प्यारे उसके पाँव की
दिल में चमकती हैं बिजलियाँ अदाओं की
होगा उजाला कि अब रात ढल गई
सुन प्यारे, अपनी तो किस्मत बदल गई
दिल पर हुआ ऐसा जादू...

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गुरुवार, 7 नवंबर 2013

ठण्डी हवा काली घटा आ ही गई - Thandi Hawa Kaali Ghata Aa Hi Gayi (Geeta Dutt)



Movie/Album: मिस्टर ऐण्ड मिसेज़ ५५ (1955)
Music By: ओ.पी.नैय्यर
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: गीता दत्त

ठण्डी हवा, काली घटा, आ ही गई झूम के
प्यार लिये डोले हँसी, नाचे जिया घूम के

बैठी थी चुपचाप यूँ ही, दिल की कली चुन के मैं
दिल ने ये क्या बात कही, रह न सकी सुन के मैं
मैं जो चली, दिल ने कहा और ज़रा झूम के
प्यार लिये डोले हँसी...
ठण्डी हवा, काली घटा...

आज तो मैं अपनी छबी देख के शरमा गई
जाने ये क्या सोच रही थी के हँसी आ गई
लोट गई, ज़ुल्फ़ मेरी होंठ मेरा चूम के
प्यार लिये डोले हँसी...
ठण्डी हवा, काली घटा...

दिल का हर एक तार हिला, छेड़ने लगी रागनी
कजरा भरे नैन लिये बन के चलूँ कामनी
कह दो कोई, आज घटा बरसे ज़रा धूम से
प्यार लिये डोले हँसी...
ठण्डी हवा, काली घटा...

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सोमवार, 14 अक्टूबर 2013

जाता कहाँ है दीवाने - Jaata Kahan Hai Deewane (Geeta Dutt, CID)



Movie/Album: सी.आई.डी. (1956)
Music By: ओ.पी.नैय्यर
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: गीता दत्त

जाता कहाँ है दीवाने
सब कुछ यहाँ है सनम
बाकी के सारे फ़साने
झूठे हैं तेरी क़सम
फिफ्टी
कुछ तेरे दिल में फिफ्टी
कुछ मेरे दिल में फिफ्टी
ज़माना है बुरा

पहलू बदलने लगे, घबरा के चलने लगे
आँखें मिलीं भी नहीं, यूँ ही सम्भलने लगे
अजी सुनिये हुज़ूर, जाना हमसे न दूर
देखो दिल है किसी का जलाना बुरा
जाता कहाँ है दीवाने...

सैयाद है तू मगर, मुझको न यूँ तन के देख
नादां ज़रा एक बार, क़ैदी मेरा बन के देख
मानो-मानो मेरी बात, है ये पहली मुलाक़ात
देखो पहलू से उठ के है जाना बुरा
जाता कहाँ है दीवाने...

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रविवार, 13 अक्टूबर 2013

आज मैं ऊपर - Aaj Main Upar (Kavita Krishnamurthy, Kumar Sanu)



Movie/Album: खामोशी - द म्यूज़िकल (1996)
Music By: जतिन-ललित
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: कविता कृष्णमूर्ती, कुमार सानू

आज मैं ऊपर, आसमाँ नीचे
आज मैं आगे, ज़माना है पीछे
Tell Me ओ ख़ुदा, अब मैं क्या करूँ
चलूँ सीधी की उल्टी चलूँ [F]
सर के बल या कदम से चलूँ [M]
आज मैं ऊपर...

यूँ ही बिन बात के, छलके जाये हँसी
डोले जब हवा, लागे गुद्गुदी
सम्भ्लूं, गिर पड़ूँ, तौबा क्या करूँ
चलूँ सीधी की उल्टी चलूँ
आज मैं ऊपर...

झूमें जा मौज में, रुकना न जान-ए-जाँ
देखूँ ये तरंग रुकती है कहाँ
मैं भी तेरे संग, इन लहरों पे चलूँ
सर के बल या कदम से चलूँ
आज मैं ऊपर...

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शनिवार, 12 अक्टूबर 2013

कहीं पे निगाहें कहीं पे निशाना - Kahin Pe Nigahein Kahin Pe Nishana (Shamshad Begum, CID)



Movie/Album: सी.आई.डी. (1956)
Music By: ओ.पी.नैय्यर
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: शमशाद बेगम

कहीं पे निगाहें कहीं पे निशाना
जीने दो ज़ालिम बनाओ न दीवाना
कहीं पे निगाहें...

कोई न जाने इरादे हैं किधर के
मार न देना तीर नज़र का किसी के जिगर पे
नाज़ुक ये दिल है बचाना ओ बचाना
कहीं पे निगाहें...

तौबा जी तौबा निगाहों का मचलना
देख-भाल के ऐ दिलवालों पहलू बदलना
क़ाफ़िर अदा की अदा है मस्ताना
कहीं पे निगाहें...

ज़ख़्मी हैं तेरे जायें तो कहाँ जायें
तेरे तीर के मारे हुये देते हैं सदायें
कर दो जी घायल तुम्हारा है ज़माना
कहीं पे निगाहें...

आया शिकारी ओ पंछी तू सम्भल जा
देख जाल है ज़ुल्फ़ों का तू चुपके से निकल जा
उड़ जा ओ पंछी शिकारी है दीवाना
कहीं पे निगाहें...

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गुरुवार, 10 अक्टूबर 2013

ऐ दिल है मुशकिल जीना यहाँ - Aye Dil Hai Mushkil Jeena Yahan (Md.Rafi, Geeta Dutt, CID)



Movie/Album: सी.आई.डी. (1956)
Music By: ओ.पी.नैय्यर
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: मो.रफ़ी, गीता दत्त

ऐ दिल है मुशकिल जीना यहाँ
ज़रा हट के, ज़रा बच के
ये है बॉम्बे मेरी जाँ

कहीं बिल्डिंग, कहीं ट्रामे, कहीं मोटर, कहीं मिल
मिलता है यहाँ सब कुछ, इक मिलता नहीं दिल
इन्साँ का नहीं कहीं नाम-ओ-निशाँ
ज़रा हट के...

कहीं सट्टा, कहीं पत्ता, कहीं चोरी, कहीं रेस
कहीं डाका, कहीं फाँका, कहीं ठोकर, कहीं ठेस
बेकारों के हैं कई काम यहाँ
ज़रा हट के...

बेघर को आवारा यहाँ कहते हँस-हँस
खुद काटे गले सबके, कहे इसको बिज़नस
इक चीज़ के है कई नाम यहाँ
ज़रा हट के...

बुरा दुनिया को है कहता, ऐसा भोला तो ना बन
जो है करता, वो है भरता, है यहाँ का ये चलन
दादागिरी नहीं चलने की यहाँ
ये है बॉम्बे...
ऐ दिल है मुश्किल...

ऐ दिल है आसाँ जीना यहाँ
सुनो मिस्टर, सुनो बन्धु
ये है बॉम्बे मेरी जाँ

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रविवार, 6 अक्टूबर 2013

ये दिल सुन रहा है - Ye Dil Sun Raha Hai (Kavita Krishnamurthy, Khamoshi)



Movie/Album: खामोशी - द म्यूज़िकल (1996)
Music By: जतिन-ललित
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: कविता कृष्णमूर्ती

ये दिल सुन रहा है, तेरे दिल की ज़ुबां
ऐ मेरे हमनशी, मैं वहाँ, तू जहाँ

मेरी सदा में बोले तू, ये कोई क्या जाने
गीत में है, साज में है, तू ही तू, नगमा कहाँ
ये दिल सुन रहा है...

दर्द-ए-मोहब्बत के सिवा, मैं भी क्या, तू भी क्या
ये ज़मीं हम, आसमां हम, अब हमें जाना कहाँ
ये दिल सुन रहा है...

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शुक्रवार, 4 अक्टूबर 2013

बाहों के दरमियाँ - Baahon Ke Darmiyaan (Alka Yagnik, Hariharan)



Movie/Album: खामोशी - द म्यूज़िकल (1996)
Music By: जतिन-ललित
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: अलका याग्निक, हरिहरन

बाहों के दरमियाँ, दो प्यार मिल रहे है
जाने क्या बोले मन, डोले सुनके बदन
धड़कन बनी ज़ुबां

खुलते बंद होते, लबों की ये अनकही
मुझसे कह रही हैं के बढ़ने दे बेखुदी
मिल यूँ के दौड़ जाएँ, नस नस में बिजलियाँ
बाहों के दरमियाँ...

आसमां को भी ये, हसीं राज है पसंद
उलझी उलझी साँसों की, आवाज है पसंद
मोती लूटा रही है, सावन की बदलियाँ
बाहों के दरमियाँ...

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सोमवार, 30 सितंबर 2013

होठों में ऐसी बात - Hothon Mein Aisi Baat (Lata Mangeshkar, Jewel Thief)



Movie/Album: जुअल थीफ (1967)
Music By: एस.डी.बर्मन
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: लता मंगेशकर

होठों में ऐसी बात मैं दबा के चली आयी
खुल जाये वही बात तो दुहाई है दुहाई
हाँ रे हाँ, बात जिसमें, प्यार तो है, ज़हर भी है, हाय
होंठों में ऐसी बात...

हो शालू...
रात काली नागन सी हुई है जवां
हाय दईय्या किसको डसेगा ये समां
जो देखूँ पीछे मुड़ के
तो पग में पायल तड़पे
आगे चलूँ तो धड़कती है सारी अंगनाई
होंठों में ऐसी बात...

हो शालू...
ऐसे मेरा ज्वाला सा तन लहराये
लट कहीं जाए घूँघट कहीं जाये
अरे अब झुमका टूटे
के मेरी बिंदिया छूटे
अब तो बनके क़यामत लेती हूँ अंगड़ाई
होंठों में ऐसी बात...

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रविवार, 29 सितंबर 2013

बैठे हैं क्या उसके पास - Baithe Hain Kya Uske Paas (Asha Bhosle, Jewel Thief)



Movie/Album: जुअल थीफ (1967)
Music By: एस.डी.बर्मन
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: आशा भोंसले

बैठे हैं क्या उसके पास
आईना मुझ सा नहीं
मेरी तरफ़ देखिये

आईने की नज़र में ऐसी मस्ती कहाँ है
मस्ती मेरी नज़र की इतनी सस्ती कहाँ है
बैठे हैं क्या...

ये लब हम क्यूँ छू ले, यूँ ही आहें भरें क्या
हमसे भी खूबसूरत तुम हो हम भी करें क्या
बैठें हैं क्या...

बीती है रात कितनी, ये सब कुछ भूल जायें
जलती शम्में बुझा के आओ हम दिल जलायें
बैठें हैं क्या...

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शनिवार, 28 सितंबर 2013

ये दिल ना होता बेचारा - Ye Dil Na Hota Bechara (Kishore Kumar, Jewel Thief)



Movie/Album: जुअल थीफ (1967)
Music By: एस.डी.बर्मन
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: किशोर कुमार

ये दिल ना होता बेचारा
कदम न होते आवारा
जो खूबसूरत कोई अपना हमसफ़र होता
ये दिल न होता...

अरे सुना, जब से ज़माने हैं बहार के
हम भी आये हैं राही बन के प्यार के
कोई न कोई तो बुलायेगा
खड़े हैं हम भी राहों में
ये दिल न होता...

अरे माना उसको नहीं मैं पहचानता
बंदा उसका पता भी नहीं जानता
मिलना लिखा है तो आयेगा
खड़े हैं हम भी राहों में
ये दिल ना होता...

अरे उसकी धुन में पड़ेगा दुख झेलना
सीखा हमने भी पत्थरों से खेलना
सूरत कभी तो दिखायेगा
पड़े हैं हम भी राहों में
ये दिल ना होता...

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शुक्रवार, 27 सितंबर 2013

रात अकेली है - Raat Akeli Hai (Asha Bhosle, Jewel Thief)



Movie/Album: जुअल थीफ (1967)
Music By: एस.डी.बर्मन
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: आशा भोंसले

रात अकेली है, बुझ गए दिये
आके मेरे पास, कानों में मेरे
जो भी चाहे कहिये, जो भी चाहे कहिये
रात...

तुम आज मेरे लिये रुक जाओ, रुत भी है फ़ुरसत भी है
तुम्हें ना हो ना सही, मुझे तुमसे मुहब्बत है
मुहब्बत की इजाज़त है, तो चुप क्यूँ रहिये
जो भी चाहे कहिये
रात...

सवाल बनी हुई दबी दबी उलझन सीनों में है
जवाब देना था, तो डूबे हो पसीनों में
ठनी है दो हसीनों में, तो चुप क्यूँ रहिये
जो भी चाहे कहिये
रात...

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रविवार, 22 सितंबर 2013

दिल पुकारे आ रे आ रे - Dil Pukaare Aare Aare (Md.Rafi, Lata Mangeshkar)



Movie/Album: जुअल थीफ (1967)
Music By: एस.डी.बर्मन
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: मो.रफ़ी, लता मंगेशकर

दिल पुकारे, आरे आरे आरे
अभी ना जा मेरे साथी
दिल पुकारे...
बरसों बीते दिल पे काबू पाते
हम तो हारे तुम ही कुछ समझाते
समझाती मैं तुमको लाखों अरमां
खो जाते हैं लब तक आते आते
पूछो ना कितनी बातें पड़ी हैं
दिल में हमारे
दिल पुकारे...

पा के तुमको है कैसी मतवाली
आँखें मेरी बिन काजल के काली
जीवन अपना मैं भी रंगीं कर लूँ
मिल जाये जो इन होठों की लाली
जो भी है अपना, लायी हूँ सब कुछ
पास तुम्हारे
दिल पुकारे...

महका महका आँचल हल्के हल्के
रह जाती हो क्यों पलकों से मलके
जैसे सूरज बन कर आये हो तुम
चल दोगे फिर दिन के ढलते ढलते
आज कहो तो मोड़ दूं बढ़ के
वक़्त के धारे
दिल पुकारे...

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सोमवार, 16 सितंबर 2013

दीवाना मस्ताना - Deewana Mastana (Asha Bhosle, Md.Rafi)



Movie/Album: बम्बई का बाबू (1960)
Music By: एस.डी.बर्मन
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: आशा भोंसले, मो.रफ़ी

प म ग, म रे ग, प म ग म
सां नी ध प म ग रे सा नी नी नी
दीवाना मस्ताना, हुआ दिल
जाने कहाँ हो के बहार आई

तन को छुए, छुए घट काली
छेड़े लहर, लहर मतवाली
बात कोई अनजाना
दीवाना मस्ताना...

कुछ अनकही, कहे, मेरी चितवन
बोले जिया, लिखे मेरी धड़कन
एक नया अफ़साना
दीवाना मस्ताना...

सावन लगा, मचल गए बादल
देखो जिसे हुआ वही पागल
कौन हुआ दीवाना
दीवाना मस्ताना...

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गुरुवार, 12 सितंबर 2013

अरे किसने चिलमन से मारा - Arre Kisne Chilman Se Maara (Manna Dey, Baat Ek Raat Ki)



Movie/Album: बात एक रात की (1962)
Music By: एस.डी.बर्मन 
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: मन्ना डे

अरे किसने, चिलमन से मारा
अरे नज़ारा मुझे

बिखेरे बाल जब वो
आसमानों पर घटा झूमे
चले जब नाज से ज़ालिम
क़यामत भी क़दम चूमे

हाँ, पग में पायल डार के
घूंघट नयन झुकाए
बिन बादल की दामिनी
चमकत लचकत जाय
फिर ना देखा हाय
अरे, फिर ना देखा पलट के दुबारा मुझे
किसने चिलमन से...

सीने में दिल है, दिल में दाग
दागों में सोज़-ओ-साद-ऐ-इश्क
परदा बपर्दा है पिनहा 
परदानशीं का राज़-ऐ-इश्क
जतन मिलन का तब करूं
नाम पता जब होय
एक झलक बस
एक झलक दिखलाय के
कर गई पागल मोय
मेरे दिल ने तड़पकर पुकारा मुझे
किसने चिलमन से...

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रविवार, 8 सितंबर 2013

आँखों में क्या जी - Aankhon Mein Kya Ji (Kishore Kumar, Asha Bhosle)



Movie/Album: नौ दो ग्यारह (1957)
Music By: एस.डी.बर्मन
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: किशोर कुमार, आशा भोंसले

आँखों में क्या जी, रुपहला बादल
बादल में क्या जी, किसी का आँचल
आँचल में क्या जी, अजब सी हलचल

रंगीं है मौसम
तेरे दम की बहार है
फिर भी है कुछ कम
बस तेरा इंतज़ार है
देखने में भोले हो पर हो बड़े चंचल
आँखों में क्या जी...

झुकती है पलकें
झुकने दो और झूम के
उड़ती है ज़ुल्फें
उड़ने दो होंठ चूम के
देखने में भोले हो पर हो बड़े चंचल
आँखों में क्या जी...

झूमें लहराएं
नयना मिल जाये नैन से
साथी बन जाएँ
रस्ता कट जाये चैन से
देखने में भोले हो पर हो बड़े चंचल
आँखों में क्या जी...

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शनिवार, 7 सितंबर 2013

आजा पंछी अकेला है - Aaja Panchhi Akela Hai (Rafi, Asha)



Movie/Album: नौ दो ग्यारह (1957)
Music By: एस.डी.बर्मन
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: मो.रफ़ी, आशा भोंसले

ओ आजा पंछी अकेला है
ओ सो जा निंदिया की बेला है
ओ आजा पंछी अकेला है

उड़ गई नींद यहां मेरे नैन से
बस करो यूं ही पड़े रहो चैन से
लागे रे डर मोहे लागे रे
ओ ये क्या डरने की बेला है
आजा पंछी अकेला है...

ओहो कितनी घुटी सी है ये फ़िज़ा
आहा कितनी सुहानी है ये हवा
मर गये हम, निकला दम, मर गये हम
ओ मौसम कितना अलबेला है
आजा पंछी अकेला है...

बिन तेरे कैसी अंधेरी ये रात है
दिल मेरा धड़कन मेरी तेरे साथ है
तन्हां है फिर भी दिल तन्हां है
ओ लागा सपनों का मेला है
आजा पंछी अकेला है...

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मंगलवार, 3 सितंबर 2013

तुमसे कहूँ इक बात - Tumse Kahoon Ek Baat (Md.Rafi, Dastak)



Movie/Album: दस्तक (1970)
Music By: मदन मोहन
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: मो.रफ़ी

तुमसे कहूँ इक बात परों सी हल्की-हल्की
रात मेरी है छाँव तुम्हारे ही आँचल की
तुमसे कहूँ इक बात...

सोई गलियाँ बाँह पसारे आँखें मीचे
मैं दुनिया से दूर घनी पलकों के नीचे
देखूँ चलते ख़्वाब लकीरों पर काजल की
तुमसे कहूँ इक बात...

धुंधली-धुंधली रैन मिलन का बिस्तर जैसे
खुलता छुपता चाँद सेज के ऊपर जैसे
चलती फिरती खाट हवाओं पर बादल की
तुमसे कहूँ इक बात...

है भीगा सा जिस्म तुम्हारा इन हाथों में
बाहर नींद भरा पंछी भीगी शाखों में
और बरखा की बूंद बदन से ढलकी-ढलकी
तुमसे कहूँ इक बात...

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