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गुरुवार, 14 नवंबर 2013

साथी हाथ बढ़ाना - Saathi Haath Badhana (Asha, Rafi, Naya Daur)



Movie/Album: नया दौर (1957)
Music By: ओ.पी.नैय्यर
Lyrics By: साहिर लुधियानवी
Performed By: मो.रफ़ी, आशा भोंसले

साथी हाथ बढ़ाना, साथी हाथ बढ़ाना
एक अकेला थक जायेगा
मिल कर बोझ उठाना
साथी हाथ बढ़ाना...

हम मेहनतवालों ने जब भी मिलकर कदम बढ़ाया
सागर ने रस्ता छोड़ा, परबत ने सीस झुकाया
फ़ौलादी हैं सीने अपने, फ़ौलादी हैं बाहें
हम चाहें तो पैदा करदें, चट्टानों में राहें
साथी हाथ बढ़ाना...

मेहनत अपने लेख की रेखा, मेहनत से क्या डरना
कल गैरों की खातिर की, आज अपनी खातिर करना
अपना सुख भी एक है साथी, अपना दुःख भी एक
अपनी मंजिल सच की मंजिल अपना रस्ता नेक
साथी हाथ बढ़ाना...

एक से एक मिले तो कतरा बन जाता है दरिया
एक से एक मिले तो ज़र्रा बन जाता है सेहरा
एक से एक मिले तो राई बन सकती है परबत
एक से एक मिले तो इन्सां, बस में कर ले किस्मत
साथी हाथ बढ़ाना...

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शनिवार, 1 जून 2013

दुखी मन मेरे - Dukhi Mann Mere (Kishore Kumar, Funtoosh)



Movie/Album: फनटूश (1956)
Music By: एस.डी.बर्मन
Lyrics By: साहिर लुधियानवी
Performed By: किशोर कुमार

दुखी मन मेरे, सुन मेरा कहना
जहाँ नहीं चैना, वहाँ नहीं रहना
दुखी मन मेरे...

दर्द हमारा कोई न जाने
अपनी गरज के सब हैं दीवाने
किसके आगे रोना रोएं
देस पराया, लोग बेगाने
दुखी मन मेरे...

लाख यहाँ झोली फैला ले
कुछ नहीं देंगे इस जग वाले
पत्थर के दिल मोम न होंगे
चाहे जितना नीर बहाले
दुखी मन मेरे...

अपने लिये कब हैं ये मेले
हम हैं हर इक मेले में अकेले
क्या पाएगा उसमें रहकर
जो दुनिया जीवन से खेले
दुखी मन मेरे...

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सोमवार, 27 मई 2013

किसका रस्ता देखे - Kiska Rasta Dekhe (Kishore Kumar)



Movie/Album: जोशीला (1973)
Music By: आर.डी.बर्मन
Lyrics By: साहिर लुधियानवी
Performed By: किशोर कुमार

किसका रस्ता देखे, ऐ दिल, ऐ सौदाई
मीलों है खामोशी, बरसों है तनहाई
भूली दुनिया, कभी की, तुझे भी, मुझे भी
फिर क्यों आँख भर आई
किसका रस्ता देखे...

कोई भी साया नहीं राहों में
कोई भी आएगा न बाहों में
तेरे लिए, मेरे लिए, कोई नहीं रोने वाला
झूठा भी नाता नहीं चाहों में
तू ही क्यों डूबा रहे आहों में
कोई किसी संग मरे, ऐसा नहीं होने वाला
कोई नहीं जो यूँ ही जहां में, बाँटे पीर पराई
किसका रस्ता देखे...

तुझे क्या बीती हुई रातों से
मुझे क्या खोई हुई बातों से
सेज नहीं, चिता सही, जो भी मिले सोना होगा
गई जो डोरी छूट हाथों से
लेना क्या छूटे हुए साथों से
खुशी जहाँ माँगी तूने, वहीं मुझे रोना होगा
न कोई तेरा, न कोई मेरा, फिर किसकी याद आई
किसका रस्ता देखे...

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बुधवार, 20 मार्च 2013

चुनर मोरी कोरी - Chunar Mori Kori (Naya Raasta, Md.Rafi, Asha Bhosle)



Movie/Album: नया रास्ता (1970)
Music By: एन.दत्ता
Lyrics By: साहिर लुधियानवी
Performed By: मो.रफ़ी, आशा भोंसले

चुनर मोरी कोरी, उमर मोरी बाली
धीरे रंग डारो, करो ना जोरा जोरी
बरस भरे बीते, तब आये कहीं होरी
झिझक नहीं हमसे, निकट आजा गोरी


धीरे धीरे पिचकारी मारो
नहीं मारो बेदर्दी से कस के
देखो देखो बैंया ना खींचो
मोरी रेशम की चोली ना मस्के
मोहे तुमरी कसम, मोहे लागे सरम
मानो मानो अरज मानो मोरी
चुनर मोरी कोरी...

भीगी भीगी चुनरी से झांके
तोरे मतवाले अंगों का जादू
आजा मेरी बाहों में छुप जा
गोरी घबरा के यूं ना सिमट तु
मिले तन से जो तन
बुझे मन की अगन
कहें हम भी की आई है होरी
बरस भरे बीते...

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मंगलवार, 5 मार्च 2013

संसार की हर शय का - Sansar Ki Har Shay Ka (Mahendra Kapoor)



Movie/Album: धुंध (1973)
Music By: रवि
Lyrics By: साहिर लुधियानवी
Performed By: महेंद्र कपूर

संसार की हर शय का इतना ही फ़साना है
एक धुँध से आना है, एक धुँध में जाना है

ये राह कहाँ से है, ये राह कहाँ तक है
ये राज़ कोई राही समझा है न जाना है
संसार की हर शय का...

एक पल की पलक पर है, ठहरी हुई ये दुनिया
एक पल के झपकने तक हर खेल सुहाना है
संसार की हर शय का...

क्या जाने कोई किस पल, किस मोड़ pe क्या बीते
इस राह में ऐ राही, हर मोड़ बहाना है
संसार की हर शय का...

हम लोग खिलौने हैं, एक ऐसे खिलाड़ी के
जिसको अभी सदियों तक, ये खेल रचाना है
संसार की हर शय का...

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सोमवार, 28 जनवरी 2013

तेरे चेहरे से नज़र नहीं - Tere Chehre Se Nazar Nahin (Kishore, Lata, Kabhie Kabhie)



Movie/Album: कभी कभी (1976)
Music By: खैय्याम
Lyrics By: साहिर लुधियानवी
Performed By: किशोर कुमार, लता मंगेशकर

तेरे चेहरे से नज़र नहीं हटती
नज़ारे हम क्या देखें
तुझे मिलके भी प्यास नहीं घटती
नज़ारे हम क्या देखें

पिघले बदन तेरी तपती निगाहों से
शोलों की आँच आए बर्फ़ीली राहों से
लगे कदमों से आग लिपटती
नज़ारे हम क्या देखें...

रंगों की बरखा है खुशबू का साथ है
किसको पता है अब दिन है कि रात है
लगे दुनिया ही आज सिमटती
नज़ारे हम क्या देखें...

पलकों पे फैला तेरी पलकों का साया है
चेहरे ने तेरे मेरा चेहरा छुपाया है
तेरे जलवों की धुँध नहीं छँटती
नज़ारे हम क्या देखें...

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रविवार, 27 जनवरी 2013

मैं पल दो पल का - Main Pal Do Pal Ka (Mukesh)



Movie/Album: कभी कभी (1976)
Music By: खैय्याम
Lyrics By: साहिर लुधियानवी
Performed By: मुकेश

मैं पल दो पल का शायर हूँ
पल दो पल मेरी कहानी है
पल दो पल मेरी हस्ती है
पल दो पल मेरी जवानी है
मैं पल दो पल का...

मुझसे पहले कितने शायर
आए और आकर चले गए
कुछ आहें भर कर लौट गए
कुछ नग़मे गाकर चले गए
वो भी एक पल का किस्सा थे
मैं भी एक पल का किस्सा हूँ
कल तुमसे जुदा हो जाऊँगा
वो आज तुम्हारा हिस्सा हूँ
मैं पल दो पल का...

कल और आएंगे नग़मों की
खिलती कलियाँ चुनने वाले
मुझसे बेहतर कहने वाले
तुमसे बेहतर सुनने वाले
कल कोई मुझको याद करे
क्यूँ कोई मुझको याद करे
मसरूफ़ ज़माना मेरे लिये
क्यूँ वक़्त अपना बरबाद करे
मैं पल दो पल का...

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शुक्रवार, 25 जनवरी 2013

कभी कभी मेरे दिल में - Kabhi Kabhi Mere Dil Mein (Mukesh)



Movie/Album: कभी कभी (1976)
Music By: खैय्याम
Lyrics By: साहिर लुधियानवी
Performed By: मुकेश, लता मंगेशकर

कभी कभी मेरे दिल में, ख़याल आता है
के जैसे तुझको बनाया गया है मेरे लिये
तू अब से पहले सितारों में बस रही थी कहीं
तुझे ज़मीं पे बुलाया गया है मेरे लिये
कभी कभी मेरे दिल में...

कभी कभी मेरे दिल में, ख़याल आता है
के ये बदन, ये निगाहें मेरी अमानत हैं
ये गेसुओं की घनी छाँव है मेरी ख़ातिर
ये होंठ और ये बाहें मेरी अमानत हैं
कभी कभी मेरे दिल में...

कभी कभी मेरे दिल में, ख़याल आता है
के जैसे बजती हैं शहनाइयां सी राहों में
सुहाग रात है, घूँघट उठा रहा हूँ मैं
सिमट रही है, तू शरमा के अपनी बाहों में
कभी कभी मेरे दिल में...

कभी कभी मेरे दिल में, ख़याल आता है
के जैसे तू मुझे चाहेगी उम्र भर यूँ ही
उठेगी मेरी तरफ़ प्यार की नज़र यूँ ही
मैं जानता हूँ के तू ग़ैर है, मगर यूँ ही
कभी कभी मेरे दिल में...

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मंगलवार, 1 जनवरी 2013

औरत ने जनम दिया मर्दों को - Aurat Ne Janam Diya Mardon Ko (Lata Mangeshkar)



Movie/Album: साधना (1958)
Music By: एन.दत्ता
Lyrics By: साहिर लुधियानवी
Performed By: लता मंगेशकर

औरत ने जनम दिया मर्दों को, मर्दों ने उसे बाज़ार दिया
जब जी चाहा मसला कुचला, जब जी चाहा दुत्कार दिया

तुलती है कहीं दीनारों में, बिकती है कहीं बाज़ारों में
नंगी नचवाई जाती है, ऐय्याशों के दरबारों में
ये वो बेइज़्ज़त चीज़ है जो, बंट जाती है इज़्ज़तदारों में
औरत ने जनम दिया मर्दों को...

मर्दों के लिये हर ज़ुल्म रवाँ, औरत के लिये रोना भी खता
मर्दों के लिये लाखों सेजें, औरत के लिये बस एक चिता
मर्दों के लिये हर ऐश का हक़, औरत के लिये जीना भी सज़ा
औरत ने जनम दिया मर्दों को...

जिन होठों ने इनको प्यार किया, उन होठों का व्योपार किया
जिस कोख में इनका जिस्म ढला, उस कोख का कारोबार किया
जिस तन से उगे कोपल बन कर, उस तन को ज़लील-ओ-खार किया
औरत ने जनम दिया मर्दों को...

मर्दों ने बनायी जो रस्में, उनको हक़ का फ़रमान कहा
औरत के ज़िन्दा जलने को, कुर्बानी और बलिदान कहा
इस्मत के बदले रोटी दी, और उसको भी एहसान कहा
औरत ने जनम दिया मर्दों को...

संसार की हर एक बेशर्मी, गुर्बत की गोद में पलती है
चकलों ही में आ के रुकती है, फ़ाकों से जो राह निकलती है
मर्दों की हवस है जो अक्सर, औरत के पाप में ढलती है
औरत ने जनम दिया मर्दों को...

औरत संसार की क़िस्मत है, फ़िर भी तक़दीर की हेटी है
अवतार पयम्बर जनती है, फिर भी शैतान की बेटी है
ये वो बदक़िस्मत माँ है जो, बेटों की सेज़ पे लेटी है
औरत ने जनम दिया मर्दों को...

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बुधवार, 26 दिसंबर 2012

जिन्हें नाज़ है हिन्द पर - Jinhe Naaz Hai Hind Par (Md.Rafi, Pyaasa)



Movie/Album: प्यासा (1957)
Music By: एस.डी.बर्मन
Lyrics By: साहिर लुधियानवी
Performed By: मो.रफ़ी

ये कूचे, ये नीलामघर दिलकशी के
ये लुटते हुए कारवाँ ज़िन्दगी के
कहाँ हैं, कहाँ है, मुहाफ़िज़ ख़ुदी के
जिन्हें नाज़ है हिन्द पर वो कहाँ हैं

ये पुरपेच गलियाँ, ये बदनाम बाज़ार
ये ग़ुमनाम राही, ये सिक्कों की झन्कार
ये इस्मत के सौदे, ये सौदों पे तकरार
जिन्हें नाज़ है हिन्द पर वो कहाँ हैं

ये सदियों से बेख्वाब, सहमी सी गलियाँ
ये मसली हुई अधखिली ज़र्द कलियाँ
ये बिकती हुई खोखली रंग-रलियाँ
जिन्हें नाज़ है हिन्द पर वो कहाँ हैं

वो उजले दरीचों में पायल की छन-छन
थकी-हारी साँसों पे तबले की धन-धन
ये बेरूह कमरों में खाँसी की ठन-ठन
जिन्हें नाज़ है हिन्द पर वो कहाँ हैं

ये फूलों के गजरे, ये पीकों के छींटे
ये बेबाक नज़रें, ये गुस्ताख फ़िकरे
ये ढलके बदन और ये बीमार चेहरे
जिन्हें नाज़ है हिन्द पर वो कहाँ हैं

यहाँ पीर भी आ चुके हैं, जवाँ भी
तनोमंद बेटे भी, अब्बा, मियाँ भी
ये बीवी भी है और बहन भी है, माँ भी
जिन्हें नाज़ है हिन्द पर वो कहाँ हैं

मदद चाहती है ये हौवा की बेटी
यशोदा की हमजिंस, राधा की बेटी
पयम्बर की उम्मत, ज़ुलयखां की बेटी
जिन्हें नाज़ है हिन्द पर वो कहाँ हैं

ज़रा मुल्क के रहबरों को बुलाओ
ये कुचे, ये गलियाँ, ये मंजर दिखाओ
जिन्हें नाज़ है हिन्द पर उनको लाओ
जिन्हें नाज़ है हिन्द पर वो कहाँ हैं

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गुरुवार, 1 नवंबर 2012

चंदा रे मेरे भईया से - Chanda Re Mere Bhaiya Se (Lata Mangeshkar)



Movie/Album: चम्बल की कसम (1979)
Music By: खैय्याम
Lyrics By: साहिर लुधियानवी
Performed By: लता मंगेशकर

चंदा रे मेरे भईया से कहना
बहना याद करे
चँदा रे मेरे भईया...

क्या बतलाऊँ कैसा है वो
बिलकुल तेरे जैसा है वो
तू उसको पहचान ही लेगा
देखेगा तो जान ही लेगा
तू सारे सँसार में चमके
हर बस्ती हर गाँव में दमके
कहना अब घर वापस आ जा
तू है घर का गहना
बहना याद करे
चंदा रे...

राखी के धागे सब लाएं
कहना अब न राह दिखाए
माँ के नाम की कसमें देना
भेंट मेरी के रसमें देना
पूछना उस रूठे भाई से
भूल हुई क्या माँ-जाई से
बहन पराया धन है कहना
उस संग सदा नहीं रहना
बहना याद करे
चंदा रे मेरे भईया...

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बुधवार, 31 अक्टूबर 2012

मेरे भैया मेरे चंदा - Mere Bhaiya Mere Chanda (Asha Bhosle)



Movie/Album: काजल (1965)
Music By: रवि
Lyrics By: साहिर लुधियानवी
Performed By: आशा भोंसले

मेरे भैया, मेरे चंदा, मेरे अनमोल रतन
तेरे बदले मैं जमाने की कोई चीज़ ना लूं

तेरी साँसोँ की कसम खाके, हवा चलती है
तेरे चेहरे की झलक पा के बहार आती है
एक पल भी मेरी नज़रों से जो तू ओझल हो
हर तरफ मेरी नज़र तुझको पुकार आती है
मेरे भैया मेरे चंदा...

तेरे सेहरे की महकती हुई लड़ियों के लिए
अनगिनत फूल ऊम्मीदोँ के चुने हैं मैंने
वो भी दिन आये कि उन ख्वाबोँ के ताबीर मिले
तेरी खातिर जो हंसीं ख्वाब बुने हैं मैंने
मेरे भैया मेरे चंदा...

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सोमवार, 22 अक्टूबर 2012

ठंडी हवाएं लहरा के आयें - Thandi Havaein Lehra Ke Aaein (Lata Mangeshkar)



Movie/Album: नौजवान (1951)
Music By: एस.डी.बर्मन
Lyrics By: साहिर लुधियानवी
Performed By: लता मंगेशकर

ठंडी हवाएं, लहरा के आयें
रुत है जवां
तुमको यहाँ, कैसे बुलाएँ
ठंडी हवाएं...

चाँद और तारे, हँसते नज़ारे
मिल के सभी, दिल में सखी, जादू जगाये
ठंडी हवाएं...

कहा भी न जाए, रहा भी न जाए
तुमसे अगर, मिले भी नज़र, हम झेंप जाए
ठंडी हवाएं...

दिल के फ़साने, दिल भी न जाने
तुमको सजन, दिल की लगन, कैसे बताएँ
ठंडी हवाएं...

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शनिवार, 4 अगस्त 2012

मन रे तू काहे न - Mann Re Tu Kaahe Na (Md.Rafi)



Movie/Album: चित्रलेखा (1964)
Music By: रोशन
Lyrics By: साहिर लुधियानवी
Performed By: मो.रफ़ी

मन रे तू काहे न धीर धरे
वो निर्मोही मोह ना जाने, जिनका मोह करे

इस जीवन की चढ़ती ढलती
धूप को किसने बांधा
रंग पे किसने पहरे डाले
रुप को किसने बांधा
काहे ये जतन करे
मन रे तू काहे न...

उतना ही उपकार समझ कोई
जितना साथ निभा दे
जनम मरण का मेल है सपना
ये सपना बिसरा दे
कोई न संग मरे
मन रे तू काहे न...

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सोमवार, 30 जुलाई 2012

दिल जो न कह सका - Dil Jo Na Keh Saka (Md.Rafi, Lata, Bheegi Raat)



Movie/Album: भीगी रात (1965)
Music By: रोशन
Lyrics By: साहिर लुधियानवी
Performed By: मो.रफी, लता मंगेशकर

रफ़ी
दिल जो न कह सका
वही राज़-ए-दिल कहने की रात आई
दिल जो न कह सका

तौबा ये किस ने अंजुमन सजा के
टुकड़े किये हैं गुंच-ए-वफ़ा के
उछालो गुलों के टुकड़े
के रंगीं फ़िज़ाओं में रहने की रात आई
दिल जो न कह सका...

चलिये मुबारक ये जश्न दोस्ती का
दामन तो थामा आपने किसी का
हमें तो खुशी यही है
तुम्हें भी किसी को अपना कहने की रात आई
दिल जो न कह सका...

सागर उठाओ दिल का किस को ग़म है
आज दिल की क़ीमत जाम से भी कम है
पियो चाहे खून-ए-दिल हो
के पीते पिलाते ही रहने की रात आई
दिल जो न कह सका...

लता:
दिल जो ना कह सका
वही राज-ए-दिल, कहने की रात आई

नग्मा सा कोई जाग उठा बदन में
झनकार की सी थरथरी है तन में
प्यार की इन्हीं धड़कती फ़िज़ाओं में
रहने की रात आई...

अब तक दबी थी एक मौज-ए-अरमां
लब तक जो आई, बन गई हैं तूफां
बात प्यार की बहकती निगाहों से
कहने की रात आई...

गुज़रे ना ये शब, खोल दूँ ये जुल्फें
तुम को छुपा लूँ, मूँद के ये पलकें
बेक़रार सी लरज़ती सी छाँव में
रहने की रात आई...

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शनिवार, 21 जुलाई 2012

जीवन के सफ़र में राही - Jeevan Ke Safar Mein Raahi (Kishore Kumar,)



Movie/Album: मुनीमजी (1954)
Music By: एस.डी.बर्मन
Lyrics By: साहिर लुधियानवी
Performed By: किशोर कुमार, लता मंगेशकर

जीवन के सफ़र में राही, मिलते हैं बिछड़ जाने को
और दे जाते हैं यादें, तन्हाई में तड़पाने को

ये रूप की दौलत वाले, कब सुनते हैं दिल के नाले
तक़दीर न बस में डाले, इनके किसी दीवाने को
जीवन के सफ़र में राही...

जो इनकी नज़र से खेले, दुख पाए, मुसीबत झेले
फिरते हैं ये सब अलबेले, दिल लेके मुकर जाने को
जीवन के सफ़र में राही...

दिल लेके दगा देते हैं, इक रोग लगा देते हैं
हँस-हँस के जला देते हैं, ये हुस्न के परवाने को
जीवन के सफ़र में राही...

अब साथ न गुज़रेंगे हम, लेकिन ये फ़िज़ा रातों की
दोहराया करेगी हरदम, इस प्यार के अफ़साने को
जीवन के सफ़र में राही...

रो रो के इन्हीं राहों में, खोना पड़ा इक अपने को
हँस-हँस के इन्हीं राहों में, अपनाया था बेगाने को
जीवन के सफ़र में राही...

तुम अपनी नयी दुनिया में, खो जाओ पराये बनकर
तो हम जी लेंगे, मरने की सज़ा पाने को
जीवन के सफ़र में राही...

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बुधवार, 11 जुलाई 2012

ये दुनिया अगर मिल भी - Ye Duniya Agar Mil Bhi (Pyaasa, Md.Rafi)



Movie/Album: प्यासा (1957)
Music By: एस.डी.बर्मन
Lyrics By: साहिर लुधियानवी
Performed By: मो.रफ़ी

ये महलों, ये तख्तों, ये ताजों की दुनिया
ये इन्सां के दुश्मन समाजों की दुनिया
ये दौलत के भूखे रिवाजों की दुनिया
ये दुनिया अगर मिल भी जाए तो क्या है

हर इक जिस्म घायल, हर इक रूह प्यासी
निगाहों में उलझन, दिलों में उदासी
ये दुनिया है या आलम-ए-बदहवासी
ये दुनिया अगर मिल भी...

यहाँ इक खिलौना है इन्सां की हस्ती
ये बस्ती है मुर्दा-परस्तों की बस्ती
यहाँ पर तो जीवन से है मौत सस्ती
ये दुनिया अगर मिल भी...

जवानी भटकती हैं बदकार बन कर
जवाँ जिस्म सजते हैं बाज़ार बन कर
यहाँ प्यार होता है व्योपार बन कर
ये दुनिया अगर मिल भी...

ये दुनिया जहाँ आदमी कुछ नहीं है
वफ़ा कुछ नहीं, दोस्ती कुछ नहीं है 
जहाँ प्यार की कद्र ही कुछ नहीं है  
ये दुनिया अगर मिल भी...

जला दो इसे फूंक डालो ये दुनिया
जला दो, जला दो, जला दो
जला दो इसे फूंक डालो ये दुनिया
मेरे सामने से हटा लो ये दुनिया
तुम्हारी है तुम ही संभालो ये दुनिया
ये दुनिया अगर मिल भी...

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गुरुवार, 21 जून 2012

मैं ज़िन्दगी का साथ - Main Zindagi Ka Saath (Md.Rafi)



Movie/Album: हम दोनों (1961)
Music By: जयदेव
Lyrics By: साहिर लुधियानवी
Performed By: मो.रफ़ी

मैं ज़िन्दगी का साथ निभाता चला गया
हर फ़िक्र को धुएँ में उड़ाता चला गया

बरबादियों का सोग मनाना फ़जूल था
बरबादियों का जश्न मनाता चला गया
हर फ़िक्र को...

जो मिल गया उसी को मुकद्दर समझ लिया
जो खो गया मैं उसको भुलाता चला गया
हर फ़िक्र को...

ग़म और ख़ुशी में फ़र्क़ न महसूस हो जहाँ
मैं दिल को उस मुक़ाम पे लाता चला गया
मैं ज़िन्दगी का साथ...

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मंगलवार, 19 जून 2012

ना मुँह छुपा के जियो - Na Munh Chhupa Ke Jiyo (Mahendra Kapoor)



Movie/Album : हमराज़ (1967)
Music By : रवि
Lyrics By : साहिर लुधियानवी
Performed By : महेंद्र कपूर

ना मुँह छुपा के जियो और ना सर झुका के जियो
गमों का दौर भी आए तो मुस्कुरा के जियो

घटा में छुप के सितारे फना नहीं होते
अंधेरी रात के दिल में दीये जला के जियो
ना मुँह छुपा...

ना जाने कौन सा पल मौत की अमानत हो
हर एक पल की खुशी को गले लगा के जियो
ना मुँह छुपा...

ये जिंदगी किसी मंजिल पे रूक नहीं सकती
हर इक मकाम से आगे कदम बढ़ा के जियो
ना मुँह छुपा...

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शनिवार, 21 अप्रैल 2012

उड़े जब-जब जुल्फें तेरी - Uden Jab Jab Zulfein Teri (Asha Bhosle, Md.Rafi)



Movie/Album: नया दौर (1957)
Music By: ओ.पी.नैय्यर
Lyrics By: साहिर लुधियानवी
Performed By: मो.रफ़ी, आशा भोंसले

उड़े जब-जब जुल्फें तेरी
कंवारियों का दिल मचले
कंवारियों का दिल मचले, जिन्द मेरिये
जब ऐसे चिकने चेहरे
तो कैसे ना नज़र फिसले
तो कैसे ना नज़र फिसले, जिन्द मेरिये

रुत प्यार करन की आई
के बेरियों के बेर पाक गए
के बेरियों के बेर पक गए, जिन्द मेरिये
कभी डाल इधर भी फेरा
के तक-तक नैन थक गए
के तक-तक नैन थक गए, जिन्द मेरिये

उस गावूं पे सुवर कभी सजके
के जहाँ मेरा यार बस्ता
के जहाँ मेरा यार बस्ता, जिन्द मेरिये
पानी लेने के बहाने आजा
के तेरा मेरा इक रस्ता
के तेरा मेरा इक रस्ता, जिन्द मेरिये

तुझे चाँद के बहाने देखूं
तो छत पर आजा गोरिये
तू छत पर आजा गोरिये, जिन्द मेरिये
अभी छेड़ेंगे गली के सब लड़के
के चाँद बैरी छिप जाने दे
के चाँद बैरी छिप जाने दे, जिन्द मेरिये

तेरी चाल है नागन जैसी
री जोगी तुझे ले जायेंगे
री जोगी तुझे ले जायेंगे, जिन्द मेरिये
जाएँ कहीं भी मगर हम सजना
ये दिल तुझे दे जायेंगे
ये दिल तुझे दे जायेंगे, जिन्द मेरिये

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