Movie: Kabhie Kabhie (1975)
Poetry: Sahir Ludhiyanvi
Rendered by: Amitabh Bachchan
कभी कभी मेरे दिल में ख्याल आता है
कि ज़िंदगी तेरी जुल्फों की नर्म छांव में गुजरने पाती
तो शादाब हो भी सकती थी।
Kabhi kabhi mere dil mein khayaal aata hai
Ki zindagi teri zulfon ki narm chhaaon mein guzarne paati
to shaadaab ho bhi sakti thi.
Sometimes, there is this thought in my heart,
that, had life passed in the soft shade of your hair,
it could have been delightful..
ये रंज-ओ-ग़म की सियाही जो दिल पे छाई है
तेरी नज़र की शुआओं में खो भी सकती थी।
Ye ranj-o-gham ki siyaahi jo dil pe chhaayi hai
Teri nazar ki shuaaon main kho bhi sakti thi.
This ink of sorrow and grief that is spread on the heart,
it could have been lost in the rays of your eyes..
मगर ये हो न सका और अब ये आलम है
कि तू नहीं, तेरा ग़म, तेरी जुस्तजू भी नहीं।
Magar ye ho na sakaa, aur ab ye aalam hai
Ki tu nahin, tera gham, teri justjoo bhi nahin.
But it couldn't happen, and now such is the scenario,
that you aren't there, sorrow of losing you, wish to get you aren't there either.
गुज़र रही है कुछ इस तरह ज़िंदगी जैसे,
इसे किसी के सहारे की आरज़ू भी नहीं.
Guzar rahi hai kuchh is tarah zindagi jaise,
ise kisi ke sahaare ki aarzoo bhi nahin.
Life is passing in such a way,
as if it doesn't need anybody's support..
ना कोई राह, ना मंजिल, ना रोशनी का सुराग
भटक रही है अंधेरों में ज़िंदगी मेरी.
Naa koi raah, naa manzil, naa roshni ka suraag
Bhatak rahi hai andheron main zindagi meri.
There is no path, no destination, and no clue of light..
My life is wandering in darknesses..
इन्हीं अंधेरों में रह जाऊँगा कभी खो कर
मैं जानता हूँ मेरी हम-नफस, मगर यूं ही
कभी कभी मेरे दिल में ख्याल आता है.
Inhi andheron mein reh jaaunga kabhi kho kar
Main jaanta hoon meri hum-nafas, magar yoon hi
Kabhi kabhi mere dil mein khayal aata hai..
In these darknesses only, I'll remain lost,
I know my companion.. but still, just like that
sometimes, there is this thought in my heart..
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शुक्रवार, 7 मार्च 2014
सोमवार, 28 जनवरी 2013
तेरे चेहरे से नज़र नहीं - Tere Chehre Se Nazar Nahin (Kishore, Lata, Kabhie Kabhie)
Movie/Album: कभी कभी (1976)
Music By: खैय्याम
Lyrics By: साहिर लुधियानवी
Performed By: किशोर कुमार, लता मंगेशकर
तेरे चेहरे से नज़र नहीं हटती
नज़ारे हम क्या देखें
तुझे मिलके भी प्यास नहीं घटती
नज़ारे हम क्या देखें
पिघले बदन तेरी तपती निगाहों से
शोलों की आँच आए बर्फ़ीली राहों से
लगे कदमों से आग लिपटती
नज़ारे हम क्या देखें...
रंगों की बरखा है खुशबू का साथ है
किसको पता है अब दिन है कि रात है
लगे दुनिया ही आज सिमटती
नज़ारे हम क्या देखें...
पलकों पे फैला तेरी पलकों का साया है
चेहरे ने तेरे मेरा चेहरा छुपाया है
तेरे जलवों की धुँध नहीं छँटती
नज़ारे हम क्या देखें...
Music By: खैय्याम
Lyrics By: साहिर लुधियानवी
Performed By: किशोर कुमार, लता मंगेशकर
तेरे चेहरे से नज़र नहीं हटती
नज़ारे हम क्या देखें
तुझे मिलके भी प्यास नहीं घटती
नज़ारे हम क्या देखें
पिघले बदन तेरी तपती निगाहों से
शोलों की आँच आए बर्फ़ीली राहों से
लगे कदमों से आग लिपटती
नज़ारे हम क्या देखें...
रंगों की बरखा है खुशबू का साथ है
किसको पता है अब दिन है कि रात है
लगे दुनिया ही आज सिमटती
नज़ारे हम क्या देखें...
पलकों पे फैला तेरी पलकों का साया है
चेहरे ने तेरे मेरा चेहरा छुपाया है
तेरे जलवों की धुँध नहीं छँटती
नज़ारे हम क्या देखें...
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रविवार, 27 जनवरी 2013
मैं पल दो पल का - Main Pal Do Pal Ka (Mukesh)
Movie/Album: कभी कभी (1976)
Music By: खैय्याम
Lyrics By: साहिर लुधियानवी
Performed By: मुकेश
मैं पल दो पल का शायर हूँ
पल दो पल मेरी कहानी है
पल दो पल मेरी हस्ती है
पल दो पल मेरी जवानी है
मैं पल दो पल का...
मुझसे पहले कितने शायर
आए और आकर चले गए
कुछ आहें भर कर लौट गए
कुछ नग़मे गाकर चले गए
वो भी एक पल का किस्सा थे
मैं भी एक पल का किस्सा हूँ
कल तुमसे जुदा हो जाऊँगा
वो आज तुम्हारा हिस्सा हूँ
मैं पल दो पल का...
कल और आएंगे नग़मों की
खिलती कलियाँ चुनने वाले
मुझसे बेहतर कहने वाले
तुमसे बेहतर सुनने वाले
कल कोई मुझको याद करे
क्यूँ कोई मुझको याद करे
मसरूफ़ ज़माना मेरे लिये
क्यूँ वक़्त अपना बरबाद करे
मैं पल दो पल का...
Music By: खैय्याम
Lyrics By: साहिर लुधियानवी
Performed By: मुकेश
मैं पल दो पल का शायर हूँ
पल दो पल मेरी कहानी है
पल दो पल मेरी हस्ती है
पल दो पल मेरी जवानी है
मैं पल दो पल का...
मुझसे पहले कितने शायर
आए और आकर चले गए
कुछ आहें भर कर लौट गए
कुछ नग़मे गाकर चले गए
वो भी एक पल का किस्सा थे
मैं भी एक पल का किस्सा हूँ
कल तुमसे जुदा हो जाऊँगा
वो आज तुम्हारा हिस्सा हूँ
मैं पल दो पल का...
कल और आएंगे नग़मों की
खिलती कलियाँ चुनने वाले
मुझसे बेहतर कहने वाले
तुमसे बेहतर सुनने वाले
कल कोई मुझको याद करे
क्यूँ कोई मुझको याद करे
मसरूफ़ ज़माना मेरे लिये
क्यूँ वक़्त अपना बरबाद करे
मैं पल दो पल का...
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शुक्रवार, 25 जनवरी 2013
कभी कभी मेरे दिल में - Kabhi Kabhi Mere Dil Mein (Mukesh)
Movie/Album: कभी कभी (1976)
Music By: खैय्याम
Lyrics By: साहिर लुधियानवी
Performed By: मुकेश, लता मंगेशकर
कभी कभी मेरे दिल में, ख़याल आता है
के जैसे तुझको बनाया गया है मेरे लिये
तू अब से पहले सितारों में बस रही थी कहीं
तुझे ज़मीं पे बुलाया गया है मेरे लिये
कभी कभी मेरे दिल में...
कभी कभी मेरे दिल में, ख़याल आता है
के ये बदन, ये निगाहें मेरी अमानत हैं
ये गेसुओं की घनी छाँव है मेरी ख़ातिर
ये होंठ और ये बाहें मेरी अमानत हैं
कभी कभी मेरे दिल में...
कभी कभी मेरे दिल में, ख़याल आता है
के जैसे बजती हैं शहनाइयां सी राहों में
सुहाग रात है, घूँघट उठा रहा हूँ मैं
सिमट रही है, तू शरमा के अपनी बाहों में
कभी कभी मेरे दिल में...
कभी कभी मेरे दिल में, ख़याल आता है
के जैसे तू मुझे चाहेगी उम्र भर यूँ ही
उठेगी मेरी तरफ़ प्यार की नज़र यूँ ही
मैं जानता हूँ के तू ग़ैर है, मगर यूँ ही
कभी कभी मेरे दिल में...
Music By: खैय्याम
Lyrics By: साहिर लुधियानवी
Performed By: मुकेश, लता मंगेशकर
कभी कभी मेरे दिल में, ख़याल आता है
के जैसे तुझको बनाया गया है मेरे लिये
तू अब से पहले सितारों में बस रही थी कहीं
तुझे ज़मीं पे बुलाया गया है मेरे लिये
कभी कभी मेरे दिल में...
कभी कभी मेरे दिल में, ख़याल आता है
के ये बदन, ये निगाहें मेरी अमानत हैं
ये गेसुओं की घनी छाँव है मेरी ख़ातिर
ये होंठ और ये बाहें मेरी अमानत हैं
कभी कभी मेरे दिल में...
कभी कभी मेरे दिल में, ख़याल आता है
के जैसे बजती हैं शहनाइयां सी राहों में
सुहाग रात है, घूँघट उठा रहा हूँ मैं
सिमट रही है, तू शरमा के अपनी बाहों में
कभी कभी मेरे दिल में...
कभी कभी मेरे दिल में, ख़याल आता है
के जैसे तू मुझे चाहेगी उम्र भर यूँ ही
उठेगी मेरी तरफ़ प्यार की नज़र यूँ ही
मैं जानता हूँ के तू ग़ैर है, मगर यूँ ही
कभी कभी मेरे दिल में...
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बुधवार, 16 नवंबर 2011
मेरे घर आयी एक नन्हीं परी - Mere Ghar Aayi Ek Nanhin Pari (Lata Mangeshkar)
Movie/Album: कभी कभी (1976)
Music By: खैय्याम
Lyrics By: साहिर लुधियानवी
Performed By: लता मंगेशकर
मेरे घर आयी एक नन्हीं परी
चांदनी के हसीन रथ पे सवार
उसकी बातों में शहद जैसी मिठास
उसकी साँसों में इतर सी महकास
होंठ कैसे के भीगे-भीगे गुलाब
गाल जैसे के बहके-बहके अनार
मेरे घर आई...
उसके आने से मेरे आँगन में
खिल उठे फूल, गुनगुनायी बहार
देख कर उसको जी नहीं भरता
चाहे देखूं उसे हजारों बार
मेरे घर आई...
मैंने पूछा उसे के कौन है तू
हंसके बोली के मैं हूँ तेरा प्यार
मैं तेरे दिल में थी हमेशा से
घर में आयी हूँ आज पहली बार
मेरे घर आई...
Music By: खैय्याम
Lyrics By: साहिर लुधियानवी
Performed By: लता मंगेशकर
मेरे घर आयी एक नन्हीं परी
चांदनी के हसीन रथ पे सवार
उसकी बातों में शहद जैसी मिठास
उसकी साँसों में इतर सी महकास
होंठ कैसे के भीगे-भीगे गुलाब
गाल जैसे के बहके-बहके अनार
मेरे घर आई...
उसके आने से मेरे आँगन में
खिल उठे फूल, गुनगुनायी बहार
देख कर उसको जी नहीं भरता
चाहे देखूं उसे हजारों बार
मेरे घर आई...
मैंने पूछा उसे के कौन है तू
हंसके बोली के मैं हूँ तेरा प्यार
मैं तेरे दिल में थी हमेशा से
घर में आयी हूँ आज पहली बार
मेरे घर आई...
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