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बुधवार, 15 अगस्त 2012

अभी अभी - Abhi Abhi (K.K., Jism 2)



Movie/Album: जिस्म 2 (2012)
Music By: आर्को प्रावो मुख़र्जी
Lyrics By: आर्को प्रावो मुख़र्जी, मुनीश मखीजा
Performed By: के.के.

अभी अभी तो मिले हो
अभी ना करो छूटने की बात
अभी अभी तो पसंद आये हो
अभी अभी रूठने की बात
अभी अभी तो रौशनी आई
अभी ना करो मुंह छुपाने की बात
अभी अभी ज़िन्दगी शुरू है
अभी अभी थम जाने की बात

हम तो हारे, माहिया रे
मूंदें नैना, नींद तिहारे

तेरी बाज़ूओं में मेरी चाहतें समाये
तेरी धड़कनों को मेरी धडकनें सुनाये
तेरी ख्वाहिशों से मेरी ख्वाहिशें रिहा हैं
तेरी करवटों से मेरी दास्ताँ बयाँ है
क्या सुकूं, क्या जुनूं
हम नवा…

अभी अभी दिल की सुनी है
अभी ना करो ज़माने की बात
अभी अभी बातें रुकी हैं
अभी अभी दोहराने की बात
अभी अभी आवारगी आई
अभी ना करो सँभलने की बात
अभी अभी ज़िन्दगी शुरू है
अभी अभी थम जाने की बात

वो सुबह तो बेवजह हो
के गुज़रे बिन तुम्हारे जिसकी रात

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बुधवार, 1 अगस्त 2012

मौला - Maula (Ali Azmat, Jism 2)



Movie/Album: जिस्म 2 (2012)
Music By: आर्को प्रावो मुख़र्जी
Lyrics By: आर्को प्रावो मुख़र्जी, मुनीश मखीजा
Performed By: अली अज़मत

इश्क भी किया रे मौला
दर्द भी दिया रे मौला
यूँ तो खुश रहा मगर
कुछ रह गया बाकी
फक्र भी किया है मौला
इल्म भी लिया रे मौला
ज़िन्दगी जिया मगर
कुछ रह गया बाकी

तू नहीं दिखा रे मौला
सब नहीं बिका रे मौला
और जहाँ रुका वहाँ पे
जाम है खाली

चाह की कमी में तू है
आँख की नमी में तू है
आंसूं में तू प्यास में तू
सांस में तू
बेवजह हंसी में तू है
जो दिखे उसी में तू है
अश्क में तू, रश्क में तू
जान में तू
इश्क भी किया...

ज़ीस्त की सच्चाईयों से
रूह की गहराईयों से
रात की तन्हाइयों से
तू गुज़र ज़रा...

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मंगलवार, 31 जुलाई 2012

ये जिस्म है तो क्या - Ye Jism Hai To Kya (Ali Azmat, Jism 2)



Movie/Album: जिस्म 2 (2012)
Music By: आर्को प्रावो मुख़र्जी
Lyrics By: आर्को प्रावो मुख़र्जी, मुनीश मखीजा
Performed By: अली अज़मत

ये जिस्म है तो क्या
ये रूह का लिबास है
ये दर्द है तो क्या
ये इश्क की तलाश है
फ़ना किया मुझे
ये चाहने की आस ने
तरह तरह
शिक़स्त ही हुआ

रज़ा है क्या तेरी
दिल-ओ-जहाँ तबाह किया
सज़ा भी क्या तेरी
वफ़ा को बेवफा किया
दुबारा ज़िन्दगी से यूँ मुझे जुदा किया
कहाँ-कहाँ फिरूँ मैं ढूंढता

वहाँ-जहाँ तू ही मेरा लिबास है
वहाँ-जहाँ तेरी ही बस तलाश है
वहाँ-जहाँ तुझी पे ख़तम आस है
वहीँ शुरू वहीँ पे दफ़न जान है
ये जिस्म है तो क्या...

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