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शनिवार, 17 नवंबर 2012

उस मोड़ से शुरू करें - Us Mod Se Shuru Karein (Jagjit Singh, Chitra Singh)



Movie/Album: द लेटेस्ट (1982)
Music By: जगजीत सिंह
Lyrics By: सुदर्शन फ़ाकिर
Performed By: जगजीत सिंह, चित्रा सिंह

उस मोड़ से शुरू करें फिर ये ज़िन्दगी
हर शय जहाँ हसीन थी, हम तुम थे अजनबी

लेकर चले थे हम जिन्हें जन्नत के ख़्वाब थे
फूलों के ख़्वाब थे वो मुहब्बत के ख़्वाब थे
लेकिन कहाँ है इनमें वो, पहली सी दिलकशी
उस मोड़ से शुरू...

रहते थे हम हसीन ख़यालों की भीड़ में
उलझे हुए हैं आज सवालों की भीड़ में
आने लगी है याद वो फ़ुर्सत की हर घड़ी
उस मोड़ से शुरू...

शायद ये वक़्त हमसे कोई चाल चल गया
रिश्ता वफ़ा का और ही रंगो में ढल गया
अश्कों की चाँदनी से थी बेहतर वो धूप ही
उस मोड़ से शुरू...

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सोमवार, 1 नवंबर 2010

क्यूँ ज़िन्दगी की राह में मजबूर हो गए



Singer: Chitra Singh

क्यूँ ज़िन्दगी की राह में मजबूर हो गए
इतने हुए करीब कि हम दूर हो गए

ऐसा नहीं कि हमको कोई भी खुशी नहीं
लेकिन ये ज़िन्दगी तो कोई ज़िन्दगी नहीं
क्यूँ इसके फ़ैसले हमें मंज़ूर हो गए
इतने हुए करीब कि हम दूर हो गए

पाया तुम्हें तो हमको लगा तुमको खो दिया
हम दिल पे रोए और ये दिल हम पे रो दिया
पलकों से ख़्वाब क्यों गिरे क्यों चूर हो गए
इतने हुए करीब कि हम दूर हो गए



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सोमवार, 12 अप्रैल 2010

तुम इतना जो मुस्कुरा रहे हो - Tum Itna Jo Muskura Rahe Ho (Jagjit Singh)



Album/Movie : अर्थ (1983)
Music By : जगजीत सिंह, चित्रा सिंह
Lyrics By : कैफ़ी आज़मी
Performed By : जगजीत सिंह

तुम इतना जो मुस्कुरा रहे हो
क्या गम है जिसको छुपा रहे हो

आँखों में नमी, हंसी लबों पर
क्या हाल है क्या दिखा रहे हो

बन जायेंगे ज़हर पीते पीते
ये अश्क जो पिए जा रहे हो

जिन ज़ख्मों को वक़्त भर चला है
तुम क्यों उन्हें छेड़े जा रहे हो

रेखाओं का खेल है मुक़द्दर
रेखाओं से मात खा रहे हो

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