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गुरुवार, 23 मई 2013

वो चाँद खिला - Wo Chand Khila (Mukesh, Lata)



Movie/Album: अनाड़ी (1959)
Music By: शंकर जयकिशन
Lyrics By: शैलेन्द्र
Performed By: मुकेश, लता मंगेशकर

वो चाँद खिला, वो तारे हँसे
ये रात अजब मतवारी है
समझने वाले समझ गये हैं
ना समझे वो अनाड़ी हैं

चाँदी की चमकती राहें, वो देखो झूम झूम के बुलाये
किरणों ने पसारी बाहें, के अरमां नाच नाच लहराये
बाजे दिल के तार, गाये ये बहार, उभरे हैं प्यार जीवन में
वो चाँद खिला...

किरणों ने चुनरीया तानी, बहारें किस पे आज हैं दीवानी
चंदा की चाल मस्तानी, हैं पागल जिस पे रात की रानी
तारों का जाल, ले ले दिल निकाल, पूछो ना हाल मेरे दिल का
वो चाँद खिला...

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बुधवार, 15 मई 2013

दिल की नज़र से - Dil Ki Nazar Se (Mukesh, Anari)



Movie/Album: अनाड़ी (1959)
Music By: शंकर जयकिशन
Lyrics By: शैलेन्द्र
Performed By: मुकेश, लता मंगेशकर

दिल की नज़र से, नज़रों की दिल से
ये बात क्या है, ये राज़ क्या है
कोई हमें बता दे

धीरे से उठकर, होठों पे आया
ये गीता कैसा, ये राज़ क्या है
कोई हमें बता दे
दिल की नज़र से...

क्यों बेखबर, यूँ खिंची सी चली जा रही मैं
ये कौन से बन्धनों में बंधी जा रही मैं
कुछ खो रहा है, कुछ मिल रहा है
ये बात क्या है, ये राज़ क्या है
कोई हमें बता दे
दिल की नज़र से...

हम खो चले, चाँद है या कोई जादूगर है
या मदभरी, ये तुम्हारी नज़र का असर है
सब कुछ हमारा, अब है तुम्हारा
ये बात क्या है, ये राज़ क्या है
कोई हमें बता दे
दिल की नज़र से...

आकाश में, हो रहें हैं ये कैसे इशारे
क्या, देखकर, आज हैं इतने खुश चाँद-तारे
क्यों तुम पराये, दिल में समाये
ये बात क्या है, ये राज़ क्या है
कोई हमें बता दे
दिल की नज़र से...

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मंगलवार, 14 मई 2013

सब कुछ सीखा हमने - Sab Kuch Seekha Humne (Mukesh, Anari)



Movie/Album: अनाड़ी (1959)
Music By: शंकर जयकिशन
Lyrics By: शैलेन्द्र
Performed By: मुकेश

सब कुछ सीखा हमने ना सीखी होशियारी
सच है दुनिया वालों कि हम हैं अनाड़ी

दुनिया ने कितना समझाया
कौन है अपना कौन पराया
फिर भी दिल की चोट छुपा कर
हमने आपका दिल बहलाया
खुद ही मर मिटने की ये ज़िद है हमारी
सच है दुनिया वालों...

दिल का चमन उजड़ते देखा
प्यार का रंग उतरते देखा
हमने हर जीने वाले को
धन दौलत पे मरते देखा
दिल पे मरने वाले मरेंगे भिखारी
सच है दुनिया वालों...

असली नकली चेहरे देखे
दिल पे सौ सौ पहरे देखे
मेरे दुखते दिल से पूछो
क्या क्या ख्वाब सुनहरे देखे
टूटा जिस तारे पे नज़र थी हमारी
सच है दुनिया वालों...

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शनिवार, 25 सितंबर 2010

किसी की मुस्कुराहटों - Kisi Ki Muskurahaton (Mukesh)



Movie/Album : अनाड़ी (1959)
Music By : शंकर जयकिशन
Lyrics By : शैलेन्द्र
Performed By : मुकेश

किसी की मुस्कुराहटों पे हो निसार
किसी का दर्द मिल सके तो ले उधार
किसी के वासते हो तेरे दिल में प्यार
जीना इसी का नाम है

माना अपनी जेब से फ़कीर हैं
फिर भी यारों दिल के हम अमीर हैं
मिटे जो प्यार के लिए वो ज़िन्दगी
जले बहार के लिए वो ज़िन्दगी
किसी को हो ना हो हमें तो ऐतबार
जीना इसी...

रिश्ता दिल से दिल के ऐतबार का
जिंदा है हमीं से नाम प्यार का
के मर के भी किसी को याद आयेंगे
किसी के आंसुओं में मुस्कुराएंगे
कहेगा फूल हर कली से बार-बार
जीना इसी...

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