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सोमवार, 27 फ़रवरी 2012

अभी मुझमें कहीं - Abhi Mujh Mein Kahin (Sonu Nigam)



Movie/Album: अग्निपथ (2012)
Music By: अजय गोगावले, अतुल गोगावले
Lyrics By: अमिताभ भट्टाचार्य
Performed By: सोनू निगम

अभी मुझमें कहीं, बाक़ी थोड़ी सी है ज़िन्दगी
जगी धड़कन नयी, जाना जिंदा हूँ मैं तो अभी
कुछ ऐसी लगन, इस लम्हें में है
ये लम्हां कहाँ था मेरा
अब है सामने, इससे छू लूं ज़रा
मर जाऊं या जी लूं ज़रा
खुशियाँ चूम लूं, या रो लूं ज़रा
मर जाऊं या जी लूं ज़रा

धूप में जलते ही तन को, छाया पेड़ की मिल गयी
रूठे बच्चे की हंसी जैसे, फुसलाने से फिर खिल गयी
कुछ ऐसा ही अब महसूस दिल को हो रहा है
बरसों के पुराने ज़ख्म पे मरहम लगा सा है
कुछ एहसास है, इस लम्हें में है
ये लम्हां कहाँ था मेरा
अब है सामने...

डोर से टूटी पतंग जैसी, थी ये जिंदगानी मेरी
आज हो कल हो मेरा ना हो
हर दिन थी कहानी मेरी
इक बंधन नया पीछे से अब मुझको बुलाये
आने वाले कल की क्यूँ फिकर मुझको सता जाए
इक ऐसी चुभन इस लम्हें में है
ये लम्हां कहाँ था मेरा
अब है सामने...

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मंगलवार, 31 जनवरी 2012

ओ सैयां - O Saiyyan (Agneepath, Roop Kumar Rathod)



Movie/Album: अग्निपथ (2012)
Music By: अतुल-अजय गोगावले
Lyrics By: अमिताभ भट्टाचार्य
Performed By: रूप कुमार राठोड़

मेरी अधूरी कहानी, लो दास्ताँ बन गयी
तूने छुआ आज ऐसे, मैं क्या से क्या बन गयी
सहमे हुए, सपने मेरे, हौले-हौले अंगड़ाईयाँ ले रहे
ठहरे हुए, लम्हें मेरे, नयी-नयी गहराईयाँ ले रहे

ज़िन्दगी ने पहनी है मुस्कान
करने लगी है
इतना करम क्यूँ ना जाने
करवट लेने लगे हैं
अरमान फिर भी
है आँख नम क्यूँ ना जाने
ओ सैयां...

ओढूं तेरी काया, सोलह श्रृंगार मैं सजा लूं
संगम की ये रैना, इसमें त्यौहार मैं मना लूं
खुशबु तेरी छू के, कस्तूरी हो जाऊं
कितनी फीकी थी मैं, सिन्दूरी हो जाऊं
सुर से ज़रा, बहकी हुई, मेरी दुनिया थी बड़ी बेसुरी
सुर में तेरे, ढलने लगी, बनी रे पिया मैं, बनी बांसुरी
ज़िन्दगी ने पहनी है मुस्कान...

मेरे आसमां से, जो हमेशा
गुमशुदा थे, चाँद तारे
तूने, गर्दिशों की, लय बदल दी
लौट आये, आज सारे
ओ सैयां...

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