Dil Toh Bachcha Hai Ji लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
Dil Toh Bachcha Hai Ji लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

गुरुवार, 10 मार्च 2011

तेरे बिन - Tere Bin (Sonu Nigam, Naresh Iyer)



Movie/Album : दिल तो बच्चा है जी (2011)
Music By : प्रीतम चक्रवर्ती
Lyrics By : कुमार
Performed By : सोनू निगम, नरेश अय्यर

तेरे बिन मैं देखूं ना सुबह
निगाहों से अभी, ये वादा कर लिया
तेरे बिन, हो चलना भी सज़ा,
कि राहों से अभी, ये वादा कर लिया
सुनो, यही, जज़्बात हैं मेरे
ये दिल कहे कि ख्वाहिशें जीने की साथ हैं तेरे
तेरे बिन हो साँसों से जुदा
हवाओं से अभी, ये वादा कर लिया
तेरे बिन..

तू वो ज़मीन जिस पे मैंने तो
अपनी ये दुनिया बसाई है
मैं बिन तेरे अब कहाँ जाऊंगा
तू आसरा है मेरा मैं तो
जीता हूँ तेरे भरोसे पे
मैं बिन तेरे अब ना जी पाऊंगा
मेरी तो ये हर बात तुझसे है
तू ही मेरी है धूप और मेरी बरसात तुझसे है
तेरे बिन ना बरसे ये घटा
घटाओं से अभी, ये वादा कर लिया
तेरे बिन..

जो हाथ में हो तेरा हाथ
तो ये लकीरें धड़कती हैं
तू हो जुदा सब थमा सा लगे
जो तू मेरे पास है
तो यकीन अपने होने पे होता है
तू हो जुदा सब गुमा सा लगे
हाँ तू मेरी आदत में शामिल है
मेरे लिए मैं सच कहूं तू इबादत के क़ाबिल है
तेरे बिन, न पूरी हो दुआ
दुआओं से अभी, ये वादा कर लिया..
तेरे बिन...

Share:

रविवार, 20 फ़रवरी 2011

अभी कुछ दिनों से - Abhi Kuch Dino Se (Mohit Chauhan)



Movie/Album : दिल तो बच्चा है जी (2011)
Music By : प्रीतम चक्रबर्ती
Lyrics By : नीलेश मिश्रा
Performed By : मोहित चौहान

अभी कुछ दिनों से लग रहा है
बदले-बदले से हम हैं
हम बैठे-बैठे दिन में सपने
देखते नींदें कम हैं

अभी कुछ दिनों से सुना है दिल का
रौब ही कुछ नया है
कोई राज़ कमबख्त है छुपाये
खुदा ही जाने कि क्या है
है दिल पे शक मेरा
इसे प्यार हो गया

अभी कुछ दिनों से मैं सोचता हूँ
कि दिल की थोड़ी सी सुन लूं
यहाँ रहने आएगी
दिल सजा लूं मैं
ख्वाब थोड़े से बुन लूं
है दिल पे...

तू बेखबर, या सब खबर
इक दिन ज़रा मेरे मासूम दिल पे गौर कर
पर्दों में मैं, रख लूं तुझे
के दिल तेरा आ ना जाए कहीं ये गैर पर
हम भोले हैं, शर्मीले हैं
हम हैं ज़रा सीधे मासूम इतनी खैर कर
जिस दिन कभी जिद पे अड़े
हम आएंगे आग का तेरा दरिया तैर कर

अभी कुछ दिनों से लगे मेरा दिल
धुत हो जैसे नशे में
क्यूँ लड़खड़ाए ये बहके गाये
है तेरे हर रास्ते में
है दिल पे...

बनके शहर चल रात भर
तू और मैं तो मुसाफिर भटकते हम फिरे
चल रास्ते जहाँ ले चले
सपनों के फिर तेरी आहों में थक के हम गिरे
कोई प्यार की, तरकीब हो
नुस्खे कोई जो सिखाये तो हम भी सीख लें
ये प्यार है, रहता कहाँ
कोई हमसे कहे उससे जा के पूछ लें

मैं सम्भालूँ पाँव फिसल न जाऊं
नयी-नयी दोस्ती है
ज़रा देखभाल संभल के चलना
कह रही ज़िन्दगी है
है दिल पे...

Share: