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गुरुवार, 14 मार्च 2013

पानी पानी रे - Paani Paani Re (Maachis, Lata Mangeshkar)



Movie/Album: माचिस (1996)
Music By: विशाल भारद्वाज
Lyrics By: गुलज़ार
Performed By: लता मंगेशकर

पानी पानी रे खारे पानी रे
नैनों में भर जा
नींदें खाली कर जा

पानी पानी इन पहाड़ों की ढलानों से उतर जाना
धुआं धुआं कुछ वादियाँ भी आएँगी गुज़र जाना
इक गाँव आएगा मेरा घर आएगा
जा मेरे घर जा
नींदें खाली कर जा..

ये जैसी रातें जगरातों में बिता देना
मेरी आँखों में जो बोलनी के पाखे को उड़ा देना
बर्फों में लगे मौसम पिघले
मौसम हरे कर जा
नींदें खाली कर जा..

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सोमवार, 9 जुलाई 2012

चप्पा चप्पा चरखा चले - Chappa Chappa Charkha Chale (Maachis, Suresh Wadkar, Hariharan)



Movie/Album: माचिस (1996)
Music By: विशाल भरद्वाज
Lyrics By: सम्पूर्ण सिंह गुलज़ार
Performed By: सुरेश वाडेकर, हरिहरन

चप्पा चप्पा चरखा चले
औनी बौनी आरियाँ तेरी
बौनी बौनी बेरियों तले

यारा वे यारा वे यारा वे
आ आ औनिया परदेसिया
चप्पा चप्पा...

गोरी चटकोरी जो कटोरी से खिलाती थी
जुम्मे के जुम्मे जो सुरमे लगाती थी
कच्ची मूंडेर के तले
चप्पा चप्पा चरखा चले...

अरे झूठी मूठी मोइने
हाय हाय मोइने
झूठी मूठी मोइने रसोई में पुकारा था
लोहे के चिमटे से लिपटे को मारा था
ओये बीबा तेरा चूल्हा जले
चप्पा चप्पा चरखा चले...

चुन्नी लेके सोती थी कमाल लगती थी
बीबा बीबा वे हाय
चुन्नी लेके सोती थी कमाल लगती थी
पानी में जलता चराग लगती थी
बीबा तेरी याद न टले
चप्पा चप्पा चरखा चले
गोरियों के पैरों तले
पीली पीली मेहँदी जले
चप्पा चप्पा चरखा चले...

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रविवार, 8 जुलाई 2012

छोड़ आये हम - Chhod Aaye Hum (Maachis, KK, Suresh Wadkar, Hariharan)



Movie/Album: माचिस (1996)
Music By: विशाल भरद्वाज
Lyrics By: सम्पूर्ण सिंह गुलज़ार
Performed By: सुरेश वाडेकर, के.के., हरिहरन

छोड़ आये हम वो गलियाँ

जहाँ तेरे पैरों के कँवल गिरा करते थे
हँसे तो दो गालों में भंवर पड़ा करते थे
तेरी कमर के बल पे नदी मुड़ा करती थी
हंसी तेरी सुन सुनके फसल पका करती थी
छोड़ आये हम...

जहाँ तेरी एड़ी से धूप उड़ा करती थी
सुना है उस चौखट पे अब शाम रहा करती है
लटों से उलझी लिपटी इक रात हुआ करती थी
कभी-कभी तकिये पे वो भी मिला करती थी
छोड़ आये हम...

दिल दर्द का टुकड़ा है पत्थर की डली सी है
इक अँधा कुआँ है या इक बंद गली सी है
इक छोटा सा लम्हां है जो ख़त्म नहीं होता
मैं लाख जलाता हूँ ये भस्म नहीं होता
छोड़ आये हम...

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