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शुक्रवार, 8 मार्च 2013

अंग से अंग लगाना सजन - Ang Se Ang Lagana Sajan (Darr, Vinod Rathod, Alka Yagnik)



Movie/Album: डर (1993)
Music By: शिव-हरी (शिव कुमार शर्मा, हरिप्रसाद चौरसिया)
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: अलका याग्निक, विनोद राठोड़, सुदेश भोंसले

अरे जो जी में आए, तुम आज कर लो
चाहो जिसे इन बाँहो में भर लो

अंग से अंग लगाना सजन हमें ऐसे रंग लगाना
गालों से ये गाल लगा के, नैनों से ये नैन मिला के
होली आज मनाना सजन हमें ऐसे रंग लगाना
अंग से अंग लगाना...

ऊपर ऊपर रंग लगय्यो, ना करिओ कुछ नीचे
मोसे कुछ ना बोल, खड़ी रे चुप से अँखियाँ मीचे
बच के पड़ोसन जाने ना पाए
जाये तो वापस आने ना पाए
जुलमी ने ऐसे बाजू मरोड़ा
कजरा ना गजरा, कुछ भी ना छोड़ा
रपट लिखा दो थाने में
हम भर देंगे जुर्माना
अंग से अंग लगाना...
रंग बरसे...

कैसी खींचा तानी, भीगी चुनरी, भीगी चोली
होली का है नाम, अरे ये तो है आँख मिचोली
आज बना हर लड़का कान्हां, आज बनी हर लड़की राधा
तू राधा मैं कान्हां, ना ना ना ना (क्या)
बिजली और बादल, तुम दोनों हो पागल
है खूब ये जोड़ी, बस देर है थोड़ी
तुम जीवन साथी, हम सब बाराती
रंगों की डोली, ले आई होली
भर लो पिचकारी, कर लो तैयारी
एक निशाना बांध के तुम, नैनों के तीर चलाना
अंग से अंग लगाना...

भीगे भीगे तेरे तन से, जैसे शोले लपक रहे हैं
अपना रस्ता देखे मुसाफिर, तेरे नैनों भटक रहे हैं
मैं भूला रास्ता, रस्ते पे आजा
मैं थाम लूं बैय्याँ, मत छेड़ो सैय्याँ
तुम दिल मत तोड़ो, तुम आँचल छोड़ो
तुम काहे रूठी, मेरी चूड़ी टूटी
दिल मेरा टूटा, चल हट जा झूठा
तू नाच मैं गाऊं, तू बैठ मैं जाऊं
मुश्किल है जाना, तू है दीवाना
मुझे अंग लगा ले, बस रंग लगा ले
नीला के पीला, नीला न पीला
क्या लाल गुलाबी, तु बोल ओ भाभी
चुटकी भर सिन्दूर मंगाकर, इसकी मांग सजाना
अंग से अंग लगाना...

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बुधवार, 17 मार्च 2010

छुपाना भी नहीं आता - Chhupana Bhi Nahin Aata (Vinod Rathod/Pankaj Udhas)



Movie/Album: बाज़ीगर (1993)
Music By: अनु मलिक
Lyrics By: रानी मलिक
Performed By: पंकज उदास/विनोद राठोड़

छुपाना भी नहीं आता
जताना भी नहीं आता
हमें तुमसे मोहब्बत है
बताना भी नहीं आता

हथेली पे तुम्हारा नाम
लिखते हैं, मिटाते हैं
तुम्हीं से प्यार करते हैं
तुम्हीं से ही क्यों छुपाते हैं
जुबान पे बात हैं लेकिन
सुनाना ही नहीं आता
हमें तुमसे...

मोहब्बत कैसे करते हैं
कोई तो हमको समझाएं
कहीं ऐसा न हो के
प्यार बिन उम्र कट जाए
तुमसे मिलने का कोई
बहना भी नहीं आता
हमें तुमसे...

चोरी-चोरी चुपके चुपके
तुमको देखा करते हैं
हाल-ए-दिल सुनाने से
ना जाने क्यों डरते हैं
कितना पागल दिल है मेरा
मनाना भी नहीं आता
हमें तुमसे...

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