Singers: Mohd. Rafi and Suman Kalyanpur
ठहरिए होश में आ लूँ, तो चले जाइएगा
उह हुँह
आपको दिल में बिठा लूँ, तो चले जाइएगा
उह हुँह
आपको दिल में बिठा लूँ
कब तलक रहिएगा यूँ दूर की चाहत बनके
दिल में आ जाइए इक़रार-ए-मुहब्बत बनके
अपनी तक़दीर बना लूँ, तो चले जाइएगा
उह हुँह
आपको दिल में बिठा लूँ, तो चले जाइएगा
आपको दिल में बिठा लूँ
मुझको इक़रार-ए-मुहब्बत पे हया आती है
बात कहते हुए गरदन मेरी झुक जाती है
देखिये सर को झुका लूँ, तो चले जाइएगा
उह हुँह
हाय, आपको दिल में बिठा लूँ
ऐसी क्या शर्म ज़रा पास तो आने दीजे
रुख से बिखरी हुई ज़ुल्फ़ें तो हटाने दीजे
प्यास आँखों की बुझा लूँ, तो चले जाइएगा
ठहरिए होश में आ लूँ, तो चले जाइएगा
आपको दिल में बिठा लूँ, तो चले जाइएगा
आपको दिल में बिठा लूँ
Share:
mohd. rafi लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
mohd. rafi लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
शनिवार, 4 जून 2011
मुझको अपने गले लगा लो, ऐ मेरे हमराही
Singers: Mohd. Rafi and Mubarak Begum
मुझको अपने गले लगा लो, ऐ मेरे हमराही
तुमको क्या बतलाऊं मैं, के तुमसे कितना प्यार है
जब तुम मुझसे दूर रहते हो, जिया मेरा घबराता है
नींद आँखों से उड़ जाती है, चाँद अगन बरसाता है
दोनों पहलू जल जाते हैं, आग में आग लगाता है
जैसे तड़पे बिन जल मछली
प्यार मुझे तड़पाता है, प्यार मुझे तड़पाता है
इस उलझन से मुझको बचालो, ऐ मेरे हमराही
तुमको क्या बतलाऊं मैं, के तुमसे कितना प्यार है
जिन राहों पर हँसके चलो तुम, फूल वहाँ खिल जाते हैं
दम लेने को जहाँ रुको तुम, मधुशाले बन जाते हैं
तुमको छूकर पवन झकोरे, ख़ुशबू लेकर जाते हैं
लेकिन हम तो देख के सूरत
दिल थामे रह जाते हैं, दिल थामे रह जाते हैं
दिल से दिल के तार मिला लो, ऐ मेरे हमराही
तुमको क्या बतलाऊं मैं, के तुमसे कितना प्यार है
जब तक तुमको मैं ना देखूँ, चैन मुझे कब आता है
खोज में तेरी मन का पंछी, दूर कहीँ खो जाता है
जब तुम मुझको मिल जाती हो, दर्द दवा बन जाता है
वरना तुम बिन सारा जीवन
सूना बन कहलाता है, सूना बन कहलाता है
हर मंज़िल पर मुझको सम्भालो, ऐ मेरे हमराही
तुमको क्या बतलाऊं मैं, के तुमसे कितना प्यार है
Share:
मुझको अपने गले लगा लो, ऐ मेरे हमराही
तुमको क्या बतलाऊं मैं, के तुमसे कितना प्यार है
जब तुम मुझसे दूर रहते हो, जिया मेरा घबराता है
नींद आँखों से उड़ जाती है, चाँद अगन बरसाता है
दोनों पहलू जल जाते हैं, आग में आग लगाता है
जैसे तड़पे बिन जल मछली
प्यार मुझे तड़पाता है, प्यार मुझे तड़पाता है
इस उलझन से मुझको बचालो, ऐ मेरे हमराही
तुमको क्या बतलाऊं मैं, के तुमसे कितना प्यार है
जिन राहों पर हँसके चलो तुम, फूल वहाँ खिल जाते हैं
दम लेने को जहाँ रुको तुम, मधुशाले बन जाते हैं
तुमको छूकर पवन झकोरे, ख़ुशबू लेकर जाते हैं
लेकिन हम तो देख के सूरत
दिल थामे रह जाते हैं, दिल थामे रह जाते हैं
दिल से दिल के तार मिला लो, ऐ मेरे हमराही
तुमको क्या बतलाऊं मैं, के तुमसे कितना प्यार है
जब तक तुमको मैं ना देखूँ, चैन मुझे कब आता है
खोज में तेरी मन का पंछी, दूर कहीँ खो जाता है
जब तुम मुझको मिल जाती हो, दर्द दवा बन जाता है
वरना तुम बिन सारा जीवन
सूना बन कहलाता है, सूना बन कहलाता है
हर मंज़िल पर मुझको सम्भालो, ऐ मेरे हमराही
तुमको क्या बतलाऊं मैं, के तुमसे कितना प्यार है
Share:
बुधवार, 9 मार्च 2011
वो हम न थे वो तुम न थे
Singer: Mohd. Rafi
वो हम न थे वो तुम न थे, वो रहगुज़र थी प्यार की
लुटी जहाँ पे बेवजह, पालकी बहार की
ये खेल था नसीब का, न हँस सके न रो सके
न तूर पर पहुँच सके, न दार पर ही सो सके
कहानी किससे ये कहें, चढ़ाव की उतार की
तुम्हीं थे मेरे रहनुमा, तुम्हीं थे मेरे हमसफ़र
तुम्हीं थे मेरी रोशनी, तुम्हीं ने मुझको दी नज़र, दी नज़र
बिना तुम्हारे ज़िन्दगी, शमा है इक मज़ार की
ये कौन सा मुक़ाम है, फ़लक नहीं, ज़मीं नहीं
के शब नहीं, सहर नहीं, के ग़म नहीं, ख़ुशी नहीं
कहाँ ये लेके आ गई, हवा तेरे दयार की
गुज़र रही है तुम पे क्या, बनाके हमको दर-ब-दर
ये सोच कर उदास हूँ, ये सोच कर है चश्म तर, चश्म तर
न चोट है ये फूल की, न है ख़लिश ये ख़ार की
Share:
वो हम न थे वो तुम न थे, वो रहगुज़र थी प्यार की
लुटी जहाँ पे बेवजह, पालकी बहार की
ये खेल था नसीब का, न हँस सके न रो सके
न तूर पर पहुँच सके, न दार पर ही सो सके
कहानी किससे ये कहें, चढ़ाव की उतार की
तुम्हीं थे मेरे रहनुमा, तुम्हीं थे मेरे हमसफ़र
तुम्हीं थे मेरी रोशनी, तुम्हीं ने मुझको दी नज़र, दी नज़र
बिना तुम्हारे ज़िन्दगी, शमा है इक मज़ार की
ये कौन सा मुक़ाम है, फ़लक नहीं, ज़मीं नहीं
के शब नहीं, सहर नहीं, के ग़म नहीं, ख़ुशी नहीं
कहाँ ये लेके आ गई, हवा तेरे दयार की
गुज़र रही है तुम पे क्या, बनाके हमको दर-ब-दर
ये सोच कर उदास हूँ, ये सोच कर है चश्म तर, चश्म तर
न चोट है ये फूल की, न है ख़लिश ये ख़ार की
Share:
आँचल में सजा लेना कलियाँ
Singer: Mohd. Rafi
आँचल में सजा लेना कलियाँ, ज़ुल्फ़ों में सितारे भर लेना
ऐसे ही कभी जब शाम ढले, तब याद हमें भी कर लेना
आया था यहाँ बेगाना सा, आया था यहाँ बेगाना सा
चल दूंगा कहीं दीवाना सा, चल दूंगा कहीं दीवाना सा
दीवाने की खातिर तुम कोई, इलज़ाम ना अपने सर लेना
ऐसे ही कभी जब शाम ढले, तब याद हमें भी कर लेना
रस्ता जो मिले अंजान कोई, रस्ता जो मिले अंजान कोई
आ जाए अगर तूफ़ान कोई, आ जाए अगर तूफ़ान कोई
अपने को अकेला जान के तुम, आँखों में ना आंसू भर लेना
ऐसे ही कभी जब शाम ढले, तब याद हमें भी कर लेना
Share:
आँचल में सजा लेना कलियाँ, ज़ुल्फ़ों में सितारे भर लेना
ऐसे ही कभी जब शाम ढले, तब याद हमें भी कर लेना
आया था यहाँ बेगाना सा, आया था यहाँ बेगाना सा
चल दूंगा कहीं दीवाना सा, चल दूंगा कहीं दीवाना सा
दीवाने की खातिर तुम कोई, इलज़ाम ना अपने सर लेना
ऐसे ही कभी जब शाम ढले, तब याद हमें भी कर लेना
रस्ता जो मिले अंजान कोई, रस्ता जो मिले अंजान कोई
आ जाए अगर तूफ़ान कोई, आ जाए अगर तूफ़ान कोई
अपने को अकेला जान के तुम, आँखों में ना आंसू भर लेना
ऐसे ही कभी जब शाम ढले, तब याद हमें भी कर लेना
Share:
सोमवार, 7 मार्च 2011
साजन ये मत जानियो
Singers: Mohd. Rafi and Lata Mangeshkar
साजन ये मत जानियो तो बिछड़े मोहे चैन
जैसे जल बिन माछली तड़पत हूँ दिन रैन
पत्ता टूटा डार से ले गयी पवन उड़ाए
अब के बिछड़े कब मिलें दूर पड़े है जाए
पिया कैसे मिलूँ तुझसे मेरे पाँव पड़ी ज़ंजीर
हृदय में अग्नि सुलगे नैनन से बरसे नीर
मेरे पाँव पड़ी ज़ंजीर
दुनिया से है क्या शिकवा मेरी रूठ गयी तक़दीर
लाख जतन कर हार गया सूझे न कोई तदबीर
मेरी रूठ गई तक़दीर
कैसे दूर करूँ ये दूरी समझ नहीं मैं पाती जी
जो मैं होती बन की चिड़िया पंख लगा उड़ आती
उड़ने लगी थी उड़ न सकी क़िस्मत ने मारा तीर
फूल मिले कम काँटे ज़्यादा बीज ये कैसा बोया जी ओ
मालिक तेरे जग में जिसने प्यार किया वो रोया
आँसू के रंग में रंग डाली प्यार की ये तस्वीर
Share:
साजन ये मत जानियो तो बिछड़े मोहे चैन
जैसे जल बिन माछली तड़पत हूँ दिन रैन
पत्ता टूटा डार से ले गयी पवन उड़ाए
अब के बिछड़े कब मिलें दूर पड़े है जाए
पिया कैसे मिलूँ तुझसे मेरे पाँव पड़ी ज़ंजीर
हृदय में अग्नि सुलगे नैनन से बरसे नीर
मेरे पाँव पड़ी ज़ंजीर
दुनिया से है क्या शिकवा मेरी रूठ गयी तक़दीर
लाख जतन कर हार गया सूझे न कोई तदबीर
मेरी रूठ गई तक़दीर
कैसे दूर करूँ ये दूरी समझ नहीं मैं पाती जी
जो मैं होती बन की चिड़िया पंख लगा उड़ आती
उड़ने लगी थी उड़ न सकी क़िस्मत ने मारा तीर
फूल मिले कम काँटे ज़्यादा बीज ये कैसा बोया जी ओ
मालिक तेरे जग में जिसने प्यार किया वो रोया
आँसू के रंग में रंग डाली प्यार की ये तस्वीर
Share:
साथी न कोई मंज़िल
Singer: Mohd. Rafi
साथी न कोई मंज़िल
दिया है न कोई महफ़िल
चला मुझे लेके ऐ दिल, अकेला कहाँ
हमदम कोई मिले कहीं
ऐसे नसीब ही नहीं
बेदर्द है ज़मीं दूर आसमाँ
गलियाँ हैं अपने देस की
फिर भी हैं जैसे अजनबी
किसको कहे कोई अपना यहाँ
पत्थर के आशना मिले
पत्थर के देवता मिले
शीशे का दिल लिये, जाऊँ कहाँ
Share:
साथी न कोई मंज़िल
दिया है न कोई महफ़िल
चला मुझे लेके ऐ दिल, अकेला कहाँ
हमदम कोई मिले कहीं
ऐसे नसीब ही नहीं
बेदर्द है ज़मीं दूर आसमाँ
गलियाँ हैं अपने देस की
फिर भी हैं जैसे अजनबी
किसको कहे कोई अपना यहाँ
पत्थर के आशना मिले
पत्थर के देवता मिले
शीशे का दिल लिये, जाऊँ कहाँ
Share:
सितम भी तुम्हारे करम भी तुम्हारे
Singers: Mohd. Rafi and Asha Bhosle
निगाह-ए-महर हमसे आज बे-तक़सीर फिरती है
किसी की कुछ नहीं चलती है जब तक़दीर फिरती है
सितम भी तुम्हारे करम भी तुम्हारे
पुकारें सितमक़श तो किसको पुकारें
ज़बाँ पर ख़ामोशी नज़र से इशारे
जो यूँ चोट खाए वो किसको पुकारे
ज़माने की करवट बदल देगा साहिल
चला-चल चला-चल कनारे-कनारे
नज़र उसने बदली जो दिल को लुभा कर
पुकार उठी क़िस्मत बुरी हार हारे
Share:
निगाह-ए-महर हमसे आज बे-तक़सीर फिरती है
किसी की कुछ नहीं चलती है जब तक़दीर फिरती है
सितम भी तुम्हारे करम भी तुम्हारे
पुकारें सितमक़श तो किसको पुकारें
ज़बाँ पर ख़ामोशी नज़र से इशारे
जो यूँ चोट खाए वो किसको पुकारे
ज़माने की करवट बदल देगा साहिल
चला-चल चला-चल कनारे-कनारे
नज़र उसने बदली जो दिल को लुभा कर
पुकार उठी क़िस्मत बुरी हार हारे
Share:
तुम एक बार मुहब्बत का इम्तिहान तो लो
Singer: Mohd. Rafi
तुम एक बार मुहब्बत का इम्तिहान तो लो
मेरे जुनूँ मेरी वहशत का इम्तिहान तो लो
सलाम-ए-शौक़ पे रंजिश भरा पयाम न दो
मेरे ख़लूस को फिर तो हवस का नाम न दो
मेरी वफ़ा की हक़ीकत का इम्तिहान तो लो
न तख़्त-ओ-ताज न लाल-ओ-गौहर की हसरत है
तुम्हारे प्यार तुम्हारी नज़र की हसरत है
तुम अपने हुस्न की अज़मत का इम्तिहान तो लो
मैं अपनी जान भी दे दूँ तो ऐतबार नहीं
के तुम से बढ़के मुझे ज़िंदगी से प्यार नहीं
यूँ ही सही मेरी चाहत का इम्तिहान तो लो
Share:
तुम एक बार मुहब्बत का इम्तिहान तो लो
मेरे जुनूँ मेरी वहशत का इम्तिहान तो लो
सलाम-ए-शौक़ पे रंजिश भरा पयाम न दो
मेरे ख़लूस को फिर तो हवस का नाम न दो
मेरी वफ़ा की हक़ीकत का इम्तिहान तो लो
न तख़्त-ओ-ताज न लाल-ओ-गौहर की हसरत है
तुम्हारे प्यार तुम्हारी नज़र की हसरत है
तुम अपने हुस्न की अज़मत का इम्तिहान तो लो
मैं अपनी जान भी दे दूँ तो ऐतबार नहीं
के तुम से बढ़के मुझे ज़िंदगी से प्यार नहीं
यूँ ही सही मेरी चाहत का इम्तिहान तो लो
Share:
यूँ ज़िन्दगी के रास्ते, सँवारते चले गए
Singer: Mohd. Rafi
यूँ ज़िन्दगी के रास्ते, सँवारते चले गए, सँवारते चले गए
क़दम-क़दम पे हम तुम्हें, पुकारते चले गए, पुकारते चले गए
जो प्यार में गुज़र गई, वो ज़िन्दगी थी ज़िन्दगी
निखारते चले गए, निखारते चले गए
चला है राही प्यार का, हवाओं दे दो रास्ता
क़सम तुम्हें है प्यार की, है दो दिलों का वास्ता
ये दो दिलों की बस्तियाँ, मगर भँवर में कश्तियाँ
उतारते चले गए, उतारते चले गए
ख़्याल तेरा साथ है और याद तेरी पास है
मिलेंगे ज़िन्दगी में हम अभी तलक़ ये आस है
ओ सोनिया, ओ सोनी सोनी सोनिया
Share:
यूँ ज़िन्दगी के रास्ते, सँवारते चले गए, सँवारते चले गए
क़दम-क़दम पे हम तुम्हें, पुकारते चले गए, पुकारते चले गए
जो प्यार में गुज़र गई, वो ज़िन्दगी थी ज़िन्दगी
निखारते चले गए, निखारते चले गए
चला है राही प्यार का, हवाओं दे दो रास्ता
क़सम तुम्हें है प्यार की, है दो दिलों का वास्ता
ये दो दिलों की बस्तियाँ, मगर भँवर में कश्तियाँ
उतारते चले गए, उतारते चले गए
ख़्याल तेरा साथ है और याद तेरी पास है
मिलेंगे ज़िन्दगी में हम अभी तलक़ ये आस है
ओ सोनिया, ओ सोनी सोनी सोनिया
Share:
सैंया तोरे द्वारे खड़े
Singer: Mohd. Rafi
कोई प्यार के पंख पसारे, आया है पास तिहारे
सुध-बुध अपनी बिसराए, पगला मन तोहे पुकारे
ज़रा मन की खेवड़ियाँ खोल, सैंया तोरे द्वारे खड़े
सैंया तोरे, बलमा तोरे द्वारे, ओ सजना तोरे द्वारे खड़े
बिरहा की रैना, बिरहा की रैन
तेरी गलियों के फेरे, तेरी गलियों के फेरे
जोगी का रूप लिया प्रीतम ने तेरे
गोरी सुन ले बलम के बोल, सैंया तोरे द्वारे खड़े
हो, मिलना है आज तोहे अपने पिया से
जाने न भेद कोई तेरे जिया के
मन-मन में सजनिया डोल, सैंया तोरे द्वारे खड़े
बिगड़े न बात कहीं धीरज न खोना
जागे हैं भाग अब काहे का रोना
तेरा जीवन बड़ा अनमोल, सैंया तोरे द्वारे खड़े
Share:
कोई प्यार के पंख पसारे, आया है पास तिहारे
सुध-बुध अपनी बिसराए, पगला मन तोहे पुकारे
ज़रा मन की खेवड़ियाँ खोल, सैंया तोरे द्वारे खड़े
सैंया तोरे, बलमा तोरे द्वारे, ओ सजना तोरे द्वारे खड़े
बिरहा की रैना, बिरहा की रैन
तेरी गलियों के फेरे, तेरी गलियों के फेरे
जोगी का रूप लिया प्रीतम ने तेरे
गोरी सुन ले बलम के बोल, सैंया तोरे द्वारे खड़े
हो, मिलना है आज तोहे अपने पिया से
जाने न भेद कोई तेरे जिया के
मन-मन में सजनिया डोल, सैंया तोरे द्वारे खड़े
बिगड़े न बात कहीं धीरज न खोना
जागे हैं भाग अब काहे का रोना
तेरा जीवन बड़ा अनमोल, सैंया तोरे द्वारे खड़े
Share:
सोमवार, 3 जनवरी 2011
ख़ुदा भी आसमाँ से जब ज़मीं पर देखता होगा
Singer: Mohd. Rafi
ख़ुदा भी आसमाँ से जब ज़मीं पर देखता होगा
मेरे महबूब को किसने बनाया सोचता होगा
मुसव्विर ख़ुद परेशान है कि ये तस्वीर किसकी है
बनोगी जिसकी तुम ऐसी हसीं तक़दीर किसकी है
कभी वो जल रहा होगा, कभी ख़ुश हो रहा होगा
ज़माने भर की मस्ती को निगाहों में समेटा है
कली से जिस्म को कितनी बहारों में लपेटा है
हुआ तुमसा कोई पहले न कोई दूसरा होगा
फ़रिश्ते भी यहाँ रातों को आकर घूमते होंगे
जहाँ रखती हो तुम पाँव, जगह वो चूमते होंगे
किसी के दिल पे क्या गुज़री, ये वो ही जानता होगा
Share:
ख़ुदा भी आसमाँ से जब ज़मीं पर देखता होगा
मेरे महबूब को किसने बनाया सोचता होगा
मुसव्विर ख़ुद परेशान है कि ये तस्वीर किसकी है
बनोगी जिसकी तुम ऐसी हसीं तक़दीर किसकी है
कभी वो जल रहा होगा, कभी ख़ुश हो रहा होगा
ज़माने भर की मस्ती को निगाहों में समेटा है
कली से जिस्म को कितनी बहारों में लपेटा है
हुआ तुमसा कोई पहले न कोई दूसरा होगा
फ़रिश्ते भी यहाँ रातों को आकर घूमते होंगे
जहाँ रखती हो तुम पाँव, जगह वो चूमते होंगे
किसी के दिल पे क्या गुज़री, ये वो ही जानता होगा
Share:
चला भी आ, हो
Singers: Lata Mangeshkar and Mohd. Rafi
चला भी आ, हो
आ जा रसिया
जाने वाले आ जा तेरी याद सताए
ख्वाबों का घरोंदा कहीं टूट न जाए
मुरझा चले हैं अरमान सारे
धुंधला गए हैं सभी उजले नज़ारे
कैसे जियूंगी ग़मों के सहारे
तरसी निगाहें मेरी तुझको सदायें दें
धड़कन पुकारे
चला भी आ, हो
आ जा रसिया
दिल तो गया मेरा कहीं जान न जाए
जाने वाले आ जा तेरी याद सताए
मेरी लगन को कहाँ तूने जाना
तेरे लिए तो मेरा दिल है दीवाना
हर साँस मेरी तेरा ही तराना
ये ज़िंदगानी क्या है
तेरी कहानी है तेरा फ़साना
तेरा मेरा, हो
वो है रिश्ता
के, टूटे जो बालाएं भी तो टूट न पायें
के, टूटे जो बालाएं भी तो टूट न पायें
Share:
चला भी आ, हो
आ जा रसिया
जाने वाले आ जा तेरी याद सताए
ख्वाबों का घरोंदा कहीं टूट न जाए
मुरझा चले हैं अरमान सारे
धुंधला गए हैं सभी उजले नज़ारे
कैसे जियूंगी ग़मों के सहारे
तरसी निगाहें मेरी तुझको सदायें दें
धड़कन पुकारे
चला भी आ, हो
आ जा रसिया
दिल तो गया मेरा कहीं जान न जाए
जाने वाले आ जा तेरी याद सताए
मेरी लगन को कहाँ तूने जाना
तेरे लिए तो मेरा दिल है दीवाना
हर साँस मेरी तेरा ही तराना
ये ज़िंदगानी क्या है
तेरी कहानी है तेरा फ़साना
तेरा मेरा, हो
वो है रिश्ता
के, टूटे जो बालाएं भी तो टूट न पायें
के, टूटे जो बालाएं भी तो टूट न पायें
Share:
ये मौसम भीगा भीगा है
Singers: Mohd. Rafi and Lata Mangeshkar
ये मौसम भीगा भीगा है
हवा भी ज़्यादा ज़्यादा है
क्यूँ ना मचलेगा दिल मेरा
तुमको पाने का इरादा है
ये मौसम भीगा भीगा है
हवा भी ज़्यादा ज़्यादा है
क्यूँ ना मचलेगा दिल मेरा
तुमको पाने का इरादा है
इजाज़त हो तो, मेरे सरकार के पहलू में आ जाऊं
इजाज़त हो तो, मेरे दिलदार के दिल में समा जाऊं
हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ
शर्म को छोड़ दो, मेरे जाना गले से तुम भी मिल जाओ
ये पर्दा तोड़ दो, मेरे जाना मेरी साँसों में घुल जाओ
हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ
Share:
ये मौसम भीगा भीगा है
हवा भी ज़्यादा ज़्यादा है
क्यूँ ना मचलेगा दिल मेरा
तुमको पाने का इरादा है
ये मौसम भीगा भीगा है
हवा भी ज़्यादा ज़्यादा है
क्यूँ ना मचलेगा दिल मेरा
तुमको पाने का इरादा है
इजाज़त हो तो, मेरे सरकार के पहलू में आ जाऊं
इजाज़त हो तो, मेरे दिलदार के दिल में समा जाऊं
हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ
शर्म को छोड़ दो, मेरे जाना गले से तुम भी मिल जाओ
ये पर्दा तोड़ दो, मेरे जाना मेरी साँसों में घुल जाओ
हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ हाँ
Share:
सारी खुशियाँ हैं मोहब्बत की ज़माने के लिए
Singer: Mohd. Rafi
सारी खुशियाँ हैं मोहब्बत की ज़माने के लिए
मैंने तो प्यार किया आंसू बहाने के लिए
काश ये ज़ज्बा-ऐ-दिल काम तो आ जाता कभी
उनके होंठों पे मेरा नाम तो आ जाता कभी
याद लेते मुझे भूल ही जाने के लिए
ख़ूने-दिल ख़ूने-जिगर ख़ूने-तमन्ना के सिवा
सारी दुनिया में मुझे रंग न कोई भी मिला
अपने अरमानों की तस्वीर बनाने के लिए
Share:
सारी खुशियाँ हैं मोहब्बत की ज़माने के लिए
मैंने तो प्यार किया आंसू बहाने के लिए
काश ये ज़ज्बा-ऐ-दिल काम तो आ जाता कभी
उनके होंठों पे मेरा नाम तो आ जाता कभी
याद लेते मुझे भूल ही जाने के लिए
ख़ूने-दिल ख़ूने-जिगर ख़ूने-तमन्ना के सिवा
सारी दुनिया में मुझे रंग न कोई भी मिला
अपने अरमानों की तस्वीर बनाने के लिए
Share:
रविवार, 2 जनवरी 2011
आज कल हमसे रूठे हुए हैं सनम
Singer: Mohd. Rafi
आज कल हमसे रूठे हुए हैं सनम
प्यार में हो रहे हैं सितम पे सितम
लेकिन ख़ुदा की क़सम
होंगे जिस रोज़ हम आमने-सामने
सारे शिकवे गिले दूर हो जाएँगे
उनके हर नाज़ की हमने तारीफ़ की
शुक्रिया भी न कहने की तक़लीफ़ की
हमने देखा तो परदे में वो छुप गए
क्या पता था वो मग़रूर हो जाएँगे
ख़ूबसूरत है वो और मासूम हैं
अब ये बातें कहाँ उनको मालूम हैं
जो फ़साने फ़क़त अपने होंठों पे हैं
हर गली में ये मशहूर हो जाएँगे
हमको अपनी निगाहों पे है ऐतबार
एक दिन उनको कर देंगे हम बेक़रार
जिस तरह हम मुहब्बत में मजबूर हैं
इस तरह वो भी मजबूर हो जाएँगे
Share:
आज कल हमसे रूठे हुए हैं सनम
प्यार में हो रहे हैं सितम पे सितम
लेकिन ख़ुदा की क़सम
होंगे जिस रोज़ हम आमने-सामने
सारे शिकवे गिले दूर हो जाएँगे
उनके हर नाज़ की हमने तारीफ़ की
शुक्रिया भी न कहने की तक़लीफ़ की
हमने देखा तो परदे में वो छुप गए
क्या पता था वो मग़रूर हो जाएँगे
ख़ूबसूरत है वो और मासूम हैं
अब ये बातें कहाँ उनको मालूम हैं
जो फ़साने फ़क़त अपने होंठों पे हैं
हर गली में ये मशहूर हो जाएँगे
हमको अपनी निगाहों पे है ऐतबार
एक दिन उनको कर देंगे हम बेक़रार
जिस तरह हम मुहब्बत में मजबूर हैं
इस तरह वो भी मजबूर हो जाएँगे
Share:
हम तुम्हारे लिए, तुम हमारे लिए
Singers: Lata Mangeshkar and Mohd. Rafi
हम तुम्हारे लिए, तुम हमारे लिए
फिर ज़माने का क्या है, हमारा ना हो
आप के प्यार का, जो मिले आसरा
फिर ख़ुदा का भी बेशक, सहारा ना हो
तुम ही हो दिल में, तुम ही हो मेरी निगाहों में
न और आयेगा अब कोई मेरी राहों में
करूं ना आरज़ू, मरने के बाद जन्नत की
अगर ये जिंदगी गुज़रे तुम्हारी बाहों में
प्यार के चाँद से, रात रोशन रहे
फिर कोई आसमाँ पे सितारा ना हो
नज़र नज़र से, कदम से कदम मिलाए हुए
चले हैं वक़्त की रफ़्तार को भुलाए हुए
बहार पूछ रही है, चमन के फूलों से
ये कौन आया के तुम सब हो सर झुकाए हुए
सोच में फूल हैं, हम अगर चल दिए
फिर चमन में कभी ये नज़ारा ना हो
Share:
हम तुम्हारे लिए, तुम हमारे लिए
फिर ज़माने का क्या है, हमारा ना हो
आप के प्यार का, जो मिले आसरा
फिर ख़ुदा का भी बेशक, सहारा ना हो
तुम ही हो दिल में, तुम ही हो मेरी निगाहों में
न और आयेगा अब कोई मेरी राहों में
करूं ना आरज़ू, मरने के बाद जन्नत की
अगर ये जिंदगी गुज़रे तुम्हारी बाहों में
प्यार के चाँद से, रात रोशन रहे
फिर कोई आसमाँ पे सितारा ना हो
नज़र नज़र से, कदम से कदम मिलाए हुए
चले हैं वक़्त की रफ़्तार को भुलाए हुए
बहार पूछ रही है, चमन के फूलों से
ये कौन आया के तुम सब हो सर झुकाए हुए
सोच में फूल हैं, हम अगर चल दिए
फिर चमन में कभी ये नज़ारा ना हो
Share:
सोमवार, 20 दिसंबर 2010
यहाँ मैं अजनबी हूँ
Singer: Mohd. Rafi
कभी पहले देखा नहीं ये समाँ
ये मैं भूल से आ गया हूँ कहाँ
यहाँ मैं अजनबी हूँ
मैं जो हूँ बस वही हूँ
यहाँ मैं अजनबी हूँ
कहाँ शाम-ओ-सहर ये कहाँ दिन-रात मेरे
बहुत रुसवा हुए हैं यहाँ जज़्बात मेरे
नई तहज़ीब है ये नया है ये ज़माना
मगर मैं आदमी हूँ वही सदियों पुराना
मैं क्या जानूँ ये बातें ज़रा इन्साफ़ करना
मेरी ग़ुस्ताख़ियों को ख़ुदारा माफ़ करना
तेरी बाँहों में देखूँ सनम ग़ैरों की बाँहें
मैं लाऊँगा कहाँ से भला ऐसी निगाहें
ये कोई रक़्स होगा कोई दस्तूर होगा
मुझे दस्तूर ऐसा कहाँ मंज़ूर होगा
भला कैसे ये मेरा लहू हो जाए पानी
मैं कैसे भूल जाऊँ मैं हूँ हिन्दोस्तानी
मुझे भी है शिकायत तुझे भी तो गिला है
यही शिक़वे हमारी मोहब्बत का सिला है
कभी मग़रिब से मशरिक़ मिला है जो मिलेगा
जहाँ का फूल है जो वहीं पे वो खिलेगा
तेरे ऊँचे महल में नहीं मेरा गुज़ारा
मुझे याद आ रहा है वो छोटा सा शिकारा
Share:
कभी पहले देखा नहीं ये समाँ
ये मैं भूल से आ गया हूँ कहाँ
यहाँ मैं अजनबी हूँ
मैं जो हूँ बस वही हूँ
यहाँ मैं अजनबी हूँ
कहाँ शाम-ओ-सहर ये कहाँ दिन-रात मेरे
बहुत रुसवा हुए हैं यहाँ जज़्बात मेरे
नई तहज़ीब है ये नया है ये ज़माना
मगर मैं आदमी हूँ वही सदियों पुराना
मैं क्या जानूँ ये बातें ज़रा इन्साफ़ करना
मेरी ग़ुस्ताख़ियों को ख़ुदारा माफ़ करना
तेरी बाँहों में देखूँ सनम ग़ैरों की बाँहें
मैं लाऊँगा कहाँ से भला ऐसी निगाहें
ये कोई रक़्स होगा कोई दस्तूर होगा
मुझे दस्तूर ऐसा कहाँ मंज़ूर होगा
भला कैसे ये मेरा लहू हो जाए पानी
मैं कैसे भूल जाऊँ मैं हूँ हिन्दोस्तानी
मुझे भी है शिकायत तुझे भी तो गिला है
यही शिक़वे हमारी मोहब्बत का सिला है
कभी मग़रिब से मशरिक़ मिला है जो मिलेगा
जहाँ का फूल है जो वहीं पे वो खिलेगा
तेरे ऊँचे महल में नहीं मेरा गुज़ारा
मुझे याद आ रहा है वो छोटा सा शिकारा
Share:
बूँदें नहीं सितारे टपके हैं कहकशां से
Singer: Mohd. Rafi
बूँदें नहीं सितारे टपके हैं कहकशां से
सदके उतर रहे हैं तुम पर ये आस्मां से
मोती के रंग रुत के क़तरे दमक रहे हैं
या रेशमी लटों में जुगनू चमक रहे हैं
आँचल में जैसे बिजली कौंधे यहाँ वहाँ से
सदके उतर रहे हैं तुम पर ये आस्मां से
देखे तो कोई आलम भीगे से पैरहन का
पानी में है ये शोला, या नूर है बदन का
अँगड़ाई ले रहे हैं, अरमां जवां जवां से
सदके उतर रहे हैं तुम पर ये आस्मां से
पहलू में आके मेरे क्या चीज़ लग रही हो
बाहों के दायरे में तस्वीर लग रही हो
हैरान हूँ के तुमको देखूँ कहाँ कहाँ से
सदके उतर रहे हैं तुम पर ये आस्मां से
Share:
बूँदें नहीं सितारे टपके हैं कहकशां से
सदके उतर रहे हैं तुम पर ये आस्मां से
मोती के रंग रुत के क़तरे दमक रहे हैं
या रेशमी लटों में जुगनू चमक रहे हैं
आँचल में जैसे बिजली कौंधे यहाँ वहाँ से
सदके उतर रहे हैं तुम पर ये आस्मां से
देखे तो कोई आलम भीगे से पैरहन का
पानी में है ये शोला, या नूर है बदन का
अँगड़ाई ले रहे हैं, अरमां जवां जवां से
सदके उतर रहे हैं तुम पर ये आस्मां से
पहलू में आके मेरे क्या चीज़ लग रही हो
बाहों के दायरे में तस्वीर लग रही हो
हैरान हूँ के तुमको देखूँ कहाँ कहाँ से
सदके उतर रहे हैं तुम पर ये आस्मां से
Share:
ऐ फूलों की रानी बहारों की मल्लिका
Singer: Mohd. Rafi
ऐ फूलों की रानी बहारों की मल्लिका
तेरा मुस्कुराना ग़ज़ब हो गया
न दिल होश में है न हम होश में हैं
नज़र का मिलाना ग़ज़ब हो गया
तेरे होंठ क्या हैं गुलाबी कंवल हैं
ये दो पत्तियां प्यार की इक गज़ल हैं
वो नाज़ुक लबों से मुहब्बत की बातें
हमीं को सुनाना ग़ज़ब हो गया
कभी खुल के मिलना कभी ख़ुद झिझकना
कभी रास्तों पर बहकना मचलना
ये पलकों की चिलमन उठाकर गिराना
गिराकर उठाना ग़ज़ब हो गया
फ़िज़ाओं में ठंडक घटा भर जवानी
तेरे गेसुओं की बड़ी मेहरबानी
हर इक पेंच में सैकड़ों मैकदे हैं
तेरा लड़खड़ाना ग़ज़ब हो गया
Share:
ऐ फूलों की रानी बहारों की मल्लिका
तेरा मुस्कुराना ग़ज़ब हो गया
न दिल होश में है न हम होश में हैं
नज़र का मिलाना ग़ज़ब हो गया
तेरे होंठ क्या हैं गुलाबी कंवल हैं
ये दो पत्तियां प्यार की इक गज़ल हैं
वो नाज़ुक लबों से मुहब्बत की बातें
हमीं को सुनाना ग़ज़ब हो गया
कभी खुल के मिलना कभी ख़ुद झिझकना
कभी रास्तों पर बहकना मचलना
ये पलकों की चिलमन उठाकर गिराना
गिराकर उठाना ग़ज़ब हो गया
फ़िज़ाओं में ठंडक घटा भर जवानी
तेरे गेसुओं की बड़ी मेहरबानी
हर इक पेंच में सैकड़ों मैकदे हैं
तेरा लड़खड़ाना ग़ज़ब हो गया
Share:
रविवार, 19 दिसंबर 2010
आईग, आईग, आईग, ये क्या हो गया
Singers: Mohd. Rafi and Aarti Mukherjee
आईग, आईग, आईग, ये क्या हो गया
तेरे पीछे दिल ये तबाह हो गया
जी में आता है कि तुझे देखूँ भी नहीं
पर क्या करूँ ये दिल जो फिदा हो गया
हाय क्या करूँ ये दिल जो फिदा हो गया
आईग, आईग, आईग, ये क्या हो गया
तेरे पीछे दिल ये तबाह हो गया
जी में आता है कि तुझे देखूँ भी नहीं
पर क्या करूँ ये दिल जो फिदा हो गया
हाय क्या करूँ ये दिल जो फिदा हो गया
ओ शहज़ादी बात बात में कैसी उलझन पड़ गयी
आज तू हम पर हो गयी गुस्से कैसी आफ़त पड़ गयी
तेरे दिल की बात मैंने जान ली
छम छम ये चाल पहचान ली
इस दुनिया की भीड़ में आकर दिल ने तुझको जान लिया
धीरे धीरे प्यार जगा और दिल ने अपना मान लिया
मैं तो खो गयी रे तुझे देखकर
तेरी हो गयी रे तुझे देखकर
अरे जब तू बिगड़े और हसीँ हो गुस्सा लागे प्यारा
एक बात ने जीता हमको एक बात से हारा
झगड़ा ना कर तू अरी मान जा
अपना समझ तू अरी जान जा
Share:
आईग, आईग, आईग, ये क्या हो गया
तेरे पीछे दिल ये तबाह हो गया
जी में आता है कि तुझे देखूँ भी नहीं
पर क्या करूँ ये दिल जो फिदा हो गया
हाय क्या करूँ ये दिल जो फिदा हो गया
आईग, आईग, आईग, ये क्या हो गया
तेरे पीछे दिल ये तबाह हो गया
जी में आता है कि तुझे देखूँ भी नहीं
पर क्या करूँ ये दिल जो फिदा हो गया
हाय क्या करूँ ये दिल जो फिदा हो गया
ओ शहज़ादी बात बात में कैसी उलझन पड़ गयी
आज तू हम पर हो गयी गुस्से कैसी आफ़त पड़ गयी
तेरे दिल की बात मैंने जान ली
छम छम ये चाल पहचान ली
इस दुनिया की भीड़ में आकर दिल ने तुझको जान लिया
धीरे धीरे प्यार जगा और दिल ने अपना मान लिया
मैं तो खो गयी रे तुझे देखकर
तेरी हो गयी रे तुझे देखकर
अरे जब तू बिगड़े और हसीँ हो गुस्सा लागे प्यारा
एक बात ने जीता हमको एक बात से हारा
झगड़ा ना कर तू अरी मान जा
अपना समझ तू अरी जान जा
Share:
सदस्यता लें
संदेश (Atom)