Life In A Metro लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
Life In A Metro लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

मंगलवार, 21 अगस्त 2012

ओ मेरी जाँ - O Meri Jaan (K.K., Life In A Metro)



Movie/Album: लाइफ इन अ मेट्रो (2007)
Music By: प्रीतम चक्रबर्ती
Lyrics By: सईद कादरी
Performed By: के.के.

दिल खुदगर्ज़ है
फ़िसला है ये, फ़िर हाथ से
कल उसका रहा, अब है तेरा
इस रात से
ओ मेरी जाँ

तू आ गया यूँ नज़र में
जैसे सुबह दोपहर में
मदहोशी यूँ ही नहीं
दिल पे छाई
नियत ने ली अंगड़ाई
छुआ तूने, कुछ इस तरह
बदली फ़िज़ा, बदला समां
ओ मेरी जाँ...

नाता समझे ना हाँ ये दिल मेरा
जानूँ ना, जानूँ ना इसको क्या हुआ
मेरी बाहों की फिर से ढूंढे ये पनाह
तू है कहाँ, तू है कहाँ
ओ मेरी जाँ...

Share:

सोमवार, 20 अगस्त 2012

रिश्ते - Rishtey (James, Life In A Metro)



Movie/Album: लाइफ इन अ मेट्रो (2007)
Music By: प्रीतम चक्रबोर्ती
Lyrics By: सईद कादरी
Performed By: जेम्स

रिश्ते तो नही रिश्तों की, परछाईयाँ मिले
ये कैसी भीड़ है बस यहाँ, तन्हाईयाँ मिले

इक छत के तले अजनबी हो जाते हैं रिश्ते
बिस्तर पे चादरों से चुप सो जाते हैं रिश्ते
ढूँढे से भी इनमें नहीं गरमाईयाँ मिले
ये कैसी भीड़...

जिसको भी देखिए वो अधूरा सा है यहाँ
जैसे कहीं हो और वो आधा रखा हुआ
वो जब जहाँ जुड़े वहीँ जुदाईयाँ मिले
ये कैसी भीड़...

Share:

रविवार, 19 अगस्त 2012

बातें कुछ अनकही सी - Baatein Kuch Ankahi Si (Adnan Sami, Life In A Metro)



Movie/Album: लाईफ इन अ मेट्रो (2007)
Lyrics By: सईद क़ादरी
Music By: प्रीतम चक्रोबर्ती
Performed By: अदनान सामी

बातें कुछ अनकही सी, कुछ अनसुनी सी, होने लगी
काबू दिल पे रहा ना, हस्ती हमारी खोने लगी
शायद यही है प्यार

कह दे मुझसे दिल में क्या है
ऐसा भी क्या गुरूर
तुझको भी तो हो रहा है
थोड़ा असर ज़रूर
ये खामोशी जीने ना दे
कोई तो बात हो
शायद यही है प्यार...

तू ही मेरी रोशनी है
तू ही चिराग है
धीरे-धीरे मिट जाएगा
हल्का सा दाग है
ये ज़हर भी यूँ पीया है
जैसे शराब हो
शायद यही है प्यार...

Share:

मंगलवार, 28 दिसंबर 2010

अलविदा - Alvida (K.K., Life In A Metro)



Movie/Album: लाइफ इन अ मेट्रो (2007)
Music By: प्रीतम चक्रबर्ती
Lyrics By: अमिताभ वर्मा
Performed By: के.के., जेम्स

चुपके से कहीं, धीमे पाँव से
जाने किस तरह किस घड़ी
आगे बढ़ गए हमसे राहों में
पर तुम तो अभी थे यहीं
कुछ भी न सुना, कब का था गिला
कैसे कह दिया अलविदा

जिनके दरमियाँ गुजरी थी अभी
कल तक ये मेरी ज़िन्दगी
लो उन बाहों को, ठंडी छाँव को
हम भी कर चले अलविदा
अलविदा अलविदा मेरी राहें अलविदा
मेरी साँसें कहती हैं अलविदा
अलविदा अलविदा अब कहना और क्या
जब तूने कह दिया अलविदा

सुन ले बेखबर यूँ आँखें फेरकर
आज तू चली जा
ढूंढेगी नज़र हमको ही मगर हर जगह
ऐसी रातों में ले के करवटें
याद हमें करना और फिर हारकर
कहना क्यों मगर कह दिया अलविदा
अलविदा अलविदा कोई पूछे तो ज़रा
क्या सोचा और कहा अलविदा
अलविदा अलविदा अब कहना और क्या
जब तूने कह दिया अलविदा

हम थे दिलजले फिर भी दिल कहे
काश मेरे संग आज
होते तुम अगर होती हर डगर गुलसितां
तुमसे हैं खफा हम नाराज़ हैं
दिल है परेशां
सोचा न सुना तूने क्यों भला कह दिया
अलविदा अलविदा कोई पूछे तो ज़रा
क्या सोचा और कहा अलविदा
अलविदा अलविदा अब कहना और क्या
जब तूने कह दिया अलविदा

अलविदा अलविदा.. क्या सोचा और कहा अलविदा
लो उन बाहों को, ठंडी छाँव को
हम भी कर चले अलविदा

Share: