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बुधवार, 29 अगस्त 2012

फिर ले आया दिल - Phir Le Aaya Dil (Rekha Bhardwaj, Arijit Singh, Barfi)



Movie/Album: बर्फी (2012)
Music By: प्रीतम चक्रवर्ती
Lyrics By: सईद कादरी
Performed By: रेखा भारद्वाज, अरिजीत सिंह, शफ़क़त अमानत अली खान

फिर ले आया दिल मजबूर
क्या कीजे
रास न आया रहना दूर
क्या कीजे
दिल कह रहा उसे मुकम्मल कर भी आओ
वो जो अधूरी सी बात बाकी है
वो जो अधूरी सी याद बाकी है

करते हैं हम आज कुबूल
क्या कीजे
हो गयी थी जो हमसे भूल
क्या कीजे
दिल कह रहा उसे मयस्सर कर भी आओ
वो जो दबी सी आस बाकी है
वो जो दबी सी आंच बाकी है

किस्मत को है ये मंज़ूर
क्या कीजे
मिलते रहे हम बादस्तूर
क्या कीजे
दिल कह रहा है उसे मुसलसल कर भी आओ
वो जो रुकी सी राह बाकी है
वो जो रुकी सी चाह बाकी है

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मंगलवार, 21 अगस्त 2012

ओ मेरी जाँ - O Meri Jaan (K.K., Life In A Metro)



Movie/Album: लाइफ इन अ मेट्रो (2007)
Music By: प्रीतम चक्रबर्ती
Lyrics By: सईद कादरी
Performed By: के.के.

दिल खुदगर्ज़ है
फ़िसला है ये, फ़िर हाथ से
कल उसका रहा, अब है तेरा
इस रात से
ओ मेरी जाँ

तू आ गया यूँ नज़र में
जैसे सुबह दोपहर में
मदहोशी यूँ ही नहीं
दिल पे छाई
नियत ने ली अंगड़ाई
छुआ तूने, कुछ इस तरह
बदली फ़िज़ा, बदला समां
ओ मेरी जाँ...

नाता समझे ना हाँ ये दिल मेरा
जानूँ ना, जानूँ ना इसको क्या हुआ
मेरी बाहों की फिर से ढूंढे ये पनाह
तू है कहाँ, तू है कहाँ
ओ मेरी जाँ...

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सोमवार, 20 अगस्त 2012

रिश्ते - Rishtey (James, Life In A Metro)



Movie/Album: लाइफ इन अ मेट्रो (2007)
Music By: प्रीतम चक्रबोर्ती
Lyrics By: सईद कादरी
Performed By: जेम्स

रिश्ते तो नही रिश्तों की, परछाईयाँ मिले
ये कैसी भीड़ है बस यहाँ, तन्हाईयाँ मिले

इक छत के तले अजनबी हो जाते हैं रिश्ते
बिस्तर पे चादरों से चुप सो जाते हैं रिश्ते
ढूँढे से भी इनमें नहीं गरमाईयाँ मिले
ये कैसी भीड़...

जिसको भी देखिए वो अधूरा सा है यहाँ
जैसे कहीं हो और वो आधा रखा हुआ
वो जब जहाँ जुड़े वहीँ जुदाईयाँ मिले
ये कैसी भीड़...

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रविवार, 19 अगस्त 2012

बातें कुछ अनकही सी - Baatein Kuch Ankahi Si (Adnan Sami, Life In A Metro)



Movie/Album: लाईफ इन अ मेट्रो (2007)
Lyrics By: सईद क़ादरी
Music By: प्रीतम चक्रोबर्ती
Performed By: अदनान सामी

बातें कुछ अनकही सी, कुछ अनसुनी सी, होने लगी
काबू दिल पे रहा ना, हस्ती हमारी खोने लगी
शायद यही है प्यार

कह दे मुझसे दिल में क्या है
ऐसा भी क्या गुरूर
तुझको भी तो हो रहा है
थोड़ा असर ज़रूर
ये खामोशी जीने ना दे
कोई तो बात हो
शायद यही है प्यार...

तू ही मेरी रोशनी है
तू ही चिराग है
धीरे-धीरे मिट जाएगा
हल्का सा दाग है
ये ज़हर भी यूँ पीया है
जैसे शराब हो
शायद यही है प्यार...

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रविवार, 12 अगस्त 2012

आदत - Aadat (Atif Aslam, Kalyug)



Movie/Album: कलयुग (2005)
Music By: रोहैल हयात, फैज़ल रफ़ी
Lyrics By: सईद कादरी
Performed By: आतिफ़ असलम

जुदा होके भी, तू मुझमें कहीं बाकी है
पलकों में बनके आंसू, तू चली आती है
जुदा होके भी...

वैसे जिंदा हूँ मैं ज़िन्दगी, बिन तेरे मैं
दर्द ही दर्द बाकी रहा है सीने में
सांस लेना भर ही यहाँ जीना नहीं है
अब तो आदत सी है मुझको ऐसे जीने में
जुदा होके भी...

साथ मेरे है तू हर पल शब के अंधेरे में
पास मेरे है तू हरदम उजले सवेरे में
दिल से धड़कन भुला देना आसां नहीं है
अब तो आदत सी है मुझको ऐसे जीने में
जुदा होके भी...

अब तो आदत सी है मुझको ऐसे जीने में
ये जो यादें हैं, सभी बातें हैं
हटा दो इन्हें, मिटा दो इन्हें...

II
न जाने कब से, उम्मीदें कुछ बाकी है
मुझे फिर भी तेरी याद, क्यूँ आती है
न जाने कब से

दूर जितना भी तुम मुझसे, पास तेरे मैं
अब तो आदत सी है मुझको ऐसे जीने में
ज़िन्दगी से कोई शिकवा भी नहीं है
अब तो जिंदा हू मैं इस नीले आसमां में

चाहत ऐसी है ये तेरी, बढ़ती जाए
आहट ऐसी है ये तेरी, मुझको सताए
यादें गहरी हैं इतनी, दिल डूब जाए
और आँखों में यह ग़म नम बन जाए

अब तो आदत सी...

सभी यादें हैं, सभी बातें हैं
भुला दो उन्हें, मिटा दो उन्हें

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शनिवार, 11 अगस्त 2012

तू ही मेरा - Tu Hi Mera (Jannat 2, Shafqat Amanat Ali Khan)



Movie/Album: जन्नत 2 (2012)
Music By: प्रीतम चक्रबर्ती
Lyrics By: सईद कादरी
Performed By: शफ़कत अमानत अली खान

तेरे इश्क में डूबा रहे, दिन रात यूँ ही सदा
मेरे ख्वाब से आँखें तेरी, इक पल ना होए जुदा
मेरा नाम तू हाथों पे अपने, लिखे बार हाँ
ऐ काश के ऐसा भी इक दिन, लाये वो खुदा
तू ही मेरा मेरा मेरा

है तेरी चाहत, मेरी ज़रुरत
सूनी है तुझ बिन, दुनिया मेरी
ना रह सकूंगा, मैं दूर इनसे
है मेरी जन्नत, गलियां तेरी
उम्मीद ये सीने में लेके, मैं हूँ जी रहा
कभी तू मिले मुझसे कहे, के मैं हूँ बस तेरा
तू ही मेरा मेरा...

तू है किस्मत, तू ही है रहमत
तुझसे ही जुड़ी है, मेरी हर ख़ुशी
तू ही मोहब्बत, तू ही है राहत
लगती भली है, तेरी सादगी
पाता हूँ खुद को हर घड़ी, तेरे बिना तन्हां
मुझे थाम ले, मुझे रोक ले
भटका हूँ, मैं भटका
तू ही मेरा...

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मंगलवार, 3 जुलाई 2012

मौला मेरे मौला - Maula Mere Maula (Anwar, Roop Kumar Rathod)



Movie/Album: अनवर (2007)
Music By: मिथुन
Lyrics By: सईद कादरी
Performed By: रूप कुमार राठोड़

मौला मेरे, मौला मेरे
मौला मेरे, मौला मेरे
आँखें तेरी, कितनी हसीं
के इनका आशिक़, मैं बन गया हूँ
मुझको बसा ले, इनमें तू
मौला मेरे...

मुझसे ये हर घड़ी, मेरा दिल कहे
तुम ही हो उसकी आरज़ू
मुझसे ये हर घड़ी, मेरे लब कहे
तेरी ही हो सब गुफ्तगू
बातें तेरी, इतनी हसीं
मैं याद इनको, जब करता हूँ
फूलों सी आए खुशबू

रख लूँ छूपा के मैं कहीं तुझको
साया भी तेरा ना मैं दूं
रख लूँ बना के कहीं घर, मैं तुझे
साथ तेरे मैं ही रहूं
जुल्फें तेरी, इतनी घनी
देख के इनको, ये सोचता हूँ
साये में इनके मैं जियूं
मौला मेरे मौला...

मेरा दिल यही बोला, मेरा दिल यही बोला
यारा राज ये उसने है मुझ पर खोला
के है इश्क़ मोहब्बत, जिसके दिल में
उसको पसंद करता है मौला मेरा..

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गुरुवार, 28 जून 2012

ज़िन्दगी ने ज़िन्दगी भर गम दिए - Zindagi Ne Zindagi Bhar Gam Diye (The Train, Mithoon)



Movie/Album: द ट्रेन (2007)
Music By: मिथुन शर्मा
Lyrics By: सईद कादरी
Performed By: मिथुन शर्मा

ज़िन्दगी ने ज़िन्दगी भर गम दिए
जितने भी मौसम दिए सब नम दिए

जब तड़पता है कभी अपना कोई
खून के आंसू रुला दे बेबसी
जी के फिर करना क्या मुझको ऐसी ज़िन्दगी
जिसने ज़ख्मों को नहीं मरहम दिए
ज़िन्दगी ने ज़िन्दगी भर...

अपने भी पेश आये हमसे अजनबी
वक़्त की साजिश कोई समझा नहीं
बेइरादा कुछ खताएं हमसे हो गयी
राह में पत्थर मेरी हरदम दिए
ज़िन्दगी ने ज़िन्दगी भर...

इक मुकम्मल कश्मकश है ज़िन्दगी
उसने हमसे की कभी ना दोस्ती
जब मिली मुझको आंसू के वो तोहफे दे गयी
हँस सकें हम ऐसे मौके कम दिए
ज़िन्दगी ने ज़िन्दगी भर...

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सोमवार, 4 जून 2012

जन्नतें कहाँ - Jannatein Kahan (KK, Nikhil D'Souza, Jannat 2)



Movie/Album: जन्नत 2 (2012)
Music By: प्रीतम चक्रबर्ती
Lyrics By: सईद कादरी
Performed By: के.के., निखिल डी'सूज़ा

ज़रा सा, ज़रा सा
लगे तू खफ़ा सा
ज़रा सा, ज़रा सा
गिला बेवजह सा
तेरे ही लिए, तुझसे हूँ जुदा
जन्नतें कहाँ, बिन हुए फना
(ज़रा सा, ज़रा सा
मुझे है गुमा सा
ज़रा सा, ज़रा सा
अभी है नशा सा
तेरे ही लिए, तुझसे हूँ जुदा
जन्नतें कहाँ, बिन हुए फना)

निखिल डी'सूजा
(ज़रा सा, ज़रा सा
राहों में धुंआ सा
तेरे ही लिए, तुझसे हूँ जुदा
जन्नतें कहाँ, बिन हुए फना)

अब एक धुंआ सा दिखता है
जो भी लिखूं मैं मिटता है
दो पल में ही
वो बातें, वो रातें, वो यादें, किसी की
छूटती ही जा रही है
टूटती ही जा रही है
वो हर कड़ी
इन साँसों को, आहों को, मेरे गुनाहों की
मिल रही है कोई सजा
जन्नतें कहाँ...

निखिल डी'सूजा
फिर  कहाँ, फिर कहाँ
खो गया, रास्ता
यूँ तो आँखों के ही सामने था
मंजिल का पता
फिर भी जाने कैसे रह गया
ये दो कदम का फासला
ये दरमियाँ, अपने दरमियाँ
जन्नतें कहाँ...

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शनिवार, 2 जून 2012

दिल संभल जा ज़रा - Dil Sambhal Ja Zara (Murder 2)



Movie/Album: मर्डर 2 (2011)
Music By: मिथुन
Lyrics By: सईद कादरी
Performed By: मोहम्मद इरफ़ान, अरिजीत, सैम भट्ट

जब जब तेरे पास मैं आया इक सुकून मिला
जिसे मैं था भूलता आया वो वजूद मिला
जब आए मौसम गम के तुझे याद किया
जब सहमे तन्हांपन से तुझे याद किया
दिल संभल जा ज़रा फिर मोहब्बत करने चला है तू
दिल यहीं रुक जा ज़रा फिर मोहब्बत करने चला है तू
ऐसा क्यूँ कर हुआ, जानू ना, मैं जानू ना
दिल संभल जा ज़रा...

जिस राह पे, है घर तेरा
अक्सर वहाँ से हाँ मैं हूँ गुज़रा
शायद यही, दिल में रहा
तू मुझको मिल जाए क्या पता
क्या है ये सिलसिला
जानू ना, मैं जानू ना
दिल संभल जा ज़रा...

कुछ भी नहीं, जब दरमियाँ
फिर क्यूँ है दिल तेरे ही ख्वाब बुनता
चाहा की दे, तुझको भुला
पर ये भी मुमकिन हो ना सका
क्या है ये मामला
जानू ना, मैं जानू ना
दिल संभल जा ज़रा...

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सोमवार, 22 अगस्त 2011

हाल-ए-दिल - Haal-e-Dil (Murder 2)



Movie/Album: मर्डर २ (2011)
Music By: हर्षित सक्सेना
Lyrics By: सईद कादरी
Performed By: हर्षित सक्सेना

ऐ काश, काश यूँ होता
हर शाम, साथ तू होता
चुप चाप, दिल ना यूँ रोता
हर शाम, साथ तू होता

गुज़ारा हो तेरे, बिन गुज़ारा
अब मुश्किल है लगता
नज़ारा हो तेरा, ही नज़ारा
अब हर दिन है लगता

हाल-ए-दिल तुझको सुनाता
दिल अगर ये बोल पाता
बाखुदा तुझको है जाता जां
तेरे संग जो पल बिताता
वक़्त से मैं वो मांग लाता
याद करके मुस्कुराता

तू मेरी राह का सितारा
तेरे बिना हूँ मैं आवारा
जब भी तन्हाई ने सताया
तुझको बे साखता पुकारा
चाहते है मेरी ला फ़ना
पर मेरी जां दिल में हूँ रखता
हाल-ए-दिल...

ख्वाबों का कब तक लूं सहारा
अब तो तू आ भी जा खुदारा
मेरी ये दोनों पागल आँखें
हर पल मांगे तेरा नज़ारा
समझाऊं इनको किस तरह
इनपे मेरा बस नहीं चलता
हाल-ए-दिल...

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गुरुवार, 9 जून 2011

सोनियो - Soniyo (Sonu Nigam)



Movie/Album : राज़ - द मिस्ट्री कंटिन्यूज़ (2009)
Music By : राजू सिंह
Lyrics By : सईद कादरी
Performed By : सोनू निगम, श्रेया घोषाल, नीरज श्रीधर

सोनियो ओ सोनियो
तुम्हे देखता हूँ, तो सोचता हूँ, बस यही
तुम जो मेरा साथ दो
सारे गम भुला के, जी लूं मुस्कुरा के, हर घड़ी
तू दे दे मेरा साथ, थाम ले हाथ, चाहे जो भी हो बात
तू बस दे दे मेरा साथ

राहों में तनहा हूँ, साथ ले चल यूँ
संग तेरे सफ़र पूरा करूँ
क्या कहूँ ऐ ज़िन्दगी
तू है मेरी सांस, रहना तू पास हर घड़ी
तू दे दे...

तुझको जो पाया तो, है ये लगता क्यूँ
बाहों में बस तेरी महफूज़ हूँ
तुम बनो साया मेरा
ज़िन्दगी में आओ, ज़िन्दगी बिताओ, बस यही
तू दे दे...

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बुधवार, 6 अप्रैल 2011

बीते लम्हें - Beete Lamhein (K.K.)



Movie/Album : द ट्रेन (2007)
Music By : मिथुन शर्मा
Lyrics By : सईद कादरी
Performed By : के.के.

दर्द में भी ये लब मुस्कुरा जाते हैं
बीते लम्हें हमें जब भी याद आते हैं

चन्द लम्हात के वास्ते ही सही
मुस्कुरा कर मिली थी मुझे ज़िन्दगी
तेरी आगोश में दिन थे मेरे कटे
तेरी बाहों में थी मेरी रातें कटीं
आज भी जब वो पल मुझको याद आते हैं
दिल से सारे गमों को भुला जाते हैं
दर्द में...

किस कदर तेज़ रफ़्तार थी ज़िन्दगी
कहकहे हर तरफ़ थी खुशी ही खुशी
मैंने जिस दिन कही प्यार की बात थी
रुक गई थी अचानक वो बहती नदी
आज भी जब वो दिन मुझको याद आते हैं
गुज़रे लम्हें ज़हन में उभर आते हैं
दर्द में...

मेरे कांधे पे सिर को झुकाना तेरा
मेरे सीने में खुद को छुपाना तेरा
आके मेरी पनाहों में शाम-ओ-सहर
कांच की तरह वो टूट जाना तेरा
आज भी जब वो मन्ज़र नज़र आते हैं
दिल की विरानियों को मिटा जाते हैं
दर्द में...

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शुक्रवार, 20 अगस्त 2010

मादनो रे - Maadno Re (Kshitij Tarey, Chinmayee)



Movie/Album : लम्हा (2010)
Music By : मिथुन
Lyrics By : सईद कादरी
Performed By : क्षितिज तारे, चिन्मयी

है दिल को तेरी आरज़ू
पर मैं तुझे ना पा सकूँ
है दिल को तेरी आरज़ू
पर मैं तुझे ना पा सकूँ
मैं हूँ शब तू सुबह
दोनों जुड के जुदा
मैं हूँ लब तू दुआ
दोनों जुड़ के जुदा
मादनो.. माशुको.. दिलबरो.. मादनो रे

कई ख्वाब दिल तुझको लेकर सजाये
पर खौफ ये भी कहीं पर सताए
गर ये भी टूटे तो फिर होगा क्या रे
मुझे रास आती है खुशियाँ कहाँ रे
क्यूँ दिल को दुखाना बेवजह
फिर आंसू बहाना एक दफा
मैं हूँ शब...

तू ही तो हर पल बंधा है
लम्हों की इन जंजीरों में
तू ही तो हर दम रहा है
ख़्वाबों की हर ताबीरों में
तू ही तो हर दिन दिखा है
धुंधली या उजली तस्वीरों में
तेरी ही तो है खुशबू मुझे में हाँ
अब तू ही तो हरसू-हर जगह

बोचुस शब् से सुबह,
मीलिथ दोश्वयी जुदा
बोचुस लब से दुआ,
मीलिथ दोश्वयी जुदा
मादनो..

हाँ तेरा साया तो मैं हूँ
पर संग तेरे ना रह सकूँ
हाँ इस सफ़र में तो मैं हूँ
पर संग तेरे ना रुक सकूँ
मैं हूँ शब...

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सोमवार, 19 अक्टूबर 2009

तू ही हकीकत - Tu Hi Haqeeqat (Javed Ali)



Movie/Album : तुम मिले (2009)
Music By : प्रीतम चक्रबर्ती
Lyrics By : कुमार, सईद कादरी
Performed By : जावेद अली

तू ही हकीकत, ख्वाब तू
दरिया तू ही, प्यास तू
तू ही दिल की बेकरारी
तू सुकूं, तू सुकूं
जाऊ मैं अब्ब जब जिस जगह
पाऊं मैं तुझको उस जगह
साथ होके न हो तू है रूबरू, रुबुरू
तू हमसफ़र, तू हमकदम, तू हमनवा मेरा

आ तुझे इन बाहों में भर के और भी कर लूं मैं करीब
तू जुदा हो तो लगे हैं आता जाता हर पल अजीब
इस जहां में है और न होगा मुझसा कोइ भी खुशनसीब
तुने मुझको दिल दिया है में हूँ तेरे सबसे करीब
में ही तो तेरे दिल में हूँ, में ही तोह साँसों में बसूं
तेरे दिल की धड़कनों में मैं ही हूँ, मैं ही हूँ
तू हमसफ़र, तू हमकदम, तू हमनवा मेरा...

कब भला अब यह वक़्त गुजरे कुछ पता चलता ही नहीं
जबसे मुझको तू मिला है होश कुछ भी अपना नहीं
उफ़ यह तेरी पलकें घनी सी छाँव इनकी है दिलनशी
अब किसे डर धुप का है क्यूँ की है ये मुझपे बिछी
तेरे बिना न सांस लूं तेरे बिना न मैं जियूं
तेरे बिना न एक पल भी रह सकूं, रह सकूं
तू हकीकत...

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