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मंगलवार, 11 जून 2013

हैं सबसे मधुर वो गीत - Hain Sabse Madhur Wo Geet (Talat Mehmood, Patita)



Movie/Album: पतिता (1953)
Music By: शंकर जयकिशन
Lyrics By: शैलेन्द्र
Performed By: तलत महमूद

हैं सबसे मधुर वो गीत जिन्हें
हम दर्द के सुर में गाते हैं
जब हद से गुज़र जाती है खुशी
आँसू भी छलकते आते हैं
हैं सबसे मधुर...

काँटों में खिले हैं फूल हमारे
रंग भरे अरमानों के
नादान हैं जो इन काँटों से
दामन को बचाये जाते हैं
हैं सबसे मधुर...

जब ग़म का अन्धेरा घिर आये
समझो के सवेरा दूर नहीं
हर रात का है पैगाम यही
तारे भी यही दोहराते हैं
हैं सबसे मधुर...

पहलू में पराये दर्द बसा के
(तू) हँसना हँसाना सीख ज़रा
तूफ़ान से कह दे घिर के उठे
हम प्यार के दीप जलाते हैं
हैं सबसे मधुर...

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शुक्रवार, 18 मार्च 2011

जाएँ तो जाएँ कहाँ - Jayen To Jayen Kahan (Talat Mehmood)



Movie/Album : टैक्सी ड्राईवर (1954)
Music By : एस.डी.बर्मन
Lyrics By : साहिर लुधियानवी
Performed By : तलत महमूद

जाएँ तो जाएँ कहाँ
समझेगा, कौन यहाँ
दर्द भरे, दिल की ज़ुबां
जाएँ तो जाएँ कहाँ

मायूसियों का मजमा है जी में
क्या रह गया है इस ज़िन्दगी में
रुह में ग़म, दिल में धुआँ
जाएँ तो...

उनका भी ग़म है, अपना भी ग़म है
अब दिल के बचने की उम्मीद कम है
एक कश्ती, सौ तूफां
जाएँ तो...

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गुरुवार, 17 मार्च 2011

इतना न मुझसे तू - Itna Na Mujhse Tu (Talat, Lata)



Movie/Album : छाया (1961)
Music By : सलिल चौधरी
Lyrics By : राजेन्द्र किशन
Performed By : तलत महमूद, लता मंगेशकर

इतना न मुझसे तू प्यार बढ़ा
कि मैं एक बादल आवारा
कैसे किसी का सहारा बनूँ
कि मैं खुद बेघर बेचारा

मुझे एक जगह आराम नहीं
रुक जाना मेरा काम नहीं
मेरा साथ कहाँ तक दोगी तुम
मै देश विदेश का बंजारा

इस लिये तुझसे प्यार करूं
कि तू एक बादल आवारा
जनम-जनम से हूँ साथ तेरे
कि नाम मेरा जल की धारा

ओ नील गगन के दीवाने
तू प्यार न मेरा पहचाने
मैं तब तक साथ चलूँ तेरे
जब तक न कहे तू मैं हारा

क्यूँ प्यार में तू नादान बने
इक बादल का अरमान बने
मेरा साथ कहाँ तक दोगी तुम
मैं देस-बिदेस का बंजारा
इतना न...

मदहोश हमेशा रहता हूँ
खामोश हूँ कब कुछ कहता हूँ
कोई क्या जाने मेरे सीने में
है बिजली का भी अंगारा

अरमान था गुलशन पर बरसूँ
एक शोख के दामन पर बरसूँ
अफ़सोस जली मिट्टी पे मुझे
तक़दीर ने मेरी दे मारा
इतना न...

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बुधवार, 16 मार्च 2011

जलते हैं जिसके लिए - Jalte Hain Jiske Liye (Talat Mehmood)



Movie/Album : सुजाता (1959)
Music By : एस.डी.बर्मन
Lyrics By : मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By : तलत महमूद

जलते हैं जिसके लिए, तेरी आंखों के दीए,
ढूंढ़ लाया हूं वही, गीत मैं तेरे लिए

दिल में रख लेना इसे हाथों से ये छूटे न कहीं,
गीत नाज़ुक हैं मेरा शीशे से भी टूटे न कहीं,
गुनगुनाऊँगा वही गीत मैं तेरे लिए
जलते हैं...

जब तलक ना ये तेरे रसके भरे होठों से मिलें,
यूँ ही आवारा फिरेगा ये तेरी ज़ुल्फ़ों के तले,
गाए जाऊँगा वही गीत मैं तेरे लिए
जलते हैं...

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रविवार, 21 नवंबर 2010

ये रात सुहानी रात नहीं, ऐ चाँद-सितारों सो जाओ



Singer: Talat Mahmood

ये रात सुहानी रात नहीं, ऐ चाँद-सितारों सो जाओ
ऐ चाँद-सितारों सो जाओ, सो जाओ, सो जाओ

अरमान लुटे दीवाने के, पर टूट गए परवाने के
न मौत मिली न आज़ादी, क़िस्मत में लिखी थी बर्बादी
अब कौन कहे दुनिया को हसीँ, नाकाम बहारों सो जाओ
ऐ चाँद-सितारों सो जाओ, सो जाओ, सो जाओ

ऐ रंजो-अलम से बेगानों, तुम मेरा फसाना क्या जानो
वो चोट लगी है सीने पर, मजबूर हूँ आँसू पीने पर
दिल से न उठे तूफ़ान कहीं, बेताब नज़ारों सो जाओ
ऐ चाँद-सितारों सो जाओ, सो जाओ, सो जाओ




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रविवार, 14 नवंबर 2010

हैं सबसे मधुर वो गीत



Singer: Talat Mahmood

हैं सबसे मधुर वो गीत जिन्हें, हम दर्द के सुर में गाते हैं
हम दर्द के सुर में गाते हैं
जब हद से गुज़र जाती है ख़ुशी, आँसू भी छलकते आते हैं

काँटों में खिले हैं फूल हमारे, रंग भरे अरमानों के
रंग भरे अरमानों के
नादान हैं जो इन काँटों से, दामन को बचाये जाते हैं

जब ग़म का अंधेरा घिर आये, समझो के सवेरा दूर नहीं
समझो के सवेरा दूर नहीं
हर रात का है पग़ाम यही, तारे भी यही दोहराते हैं

पहलू में पराये दर्द बसाके, हँसना हँसाना सीख ज़रा
तू हँसना हँसाना सीख ज़रा
तूफ़ान से कह दे घिर के उठे, हम प्यार के दीप जलाते हैं




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हम से आया ना गया तुम से बुलाया ना गया



Singer: Talat Mahmood

हम से आया ना गया तुम से बुलाया ना गया
फ़ासला प्यार में दोनों से मिटाया ना गया

वो घड़ी याद है जब तुम से मुलाक़ात हुई
एक इशारा हुआ दो हाथ बढ़े बात हुई
देखते देखते दिन ढल गया और रात हुई
वो समां आज तलक दिल से भुलाया ना गया

क्या ख़बर थी के मिले हैं तो बिछड़ने के लिये
क़िस्मतें अपनी बनाईं हैं बिगड़ने के लिये
प्यार का बाग़ लगाया था उजड़ने के लिये
इस तरह उजड़ा के फिर हम से बसाया ना गया

याद रह जाती है और वक़्त गुज़र जाता है
फूल खिलता भी है और खिल के बिखर जाता है
सब चले जाते हैं कब दर्द-ए-जिगर जाता है
दाग़ जो तूने दिया दिल से मिटाया ना गया




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रविवार, 7 नवंबर 2010

जलते हैं जिसके लिये



Singers: Talat Mahmood

जलते हैं जिसके लिये तेरी आँखों के दिये
ढूँढ लाया हूँ वही गीत मैं तेरे लिये

दर्द बनके जो मेरे दिल में रहा ढल ना सका
जादू बनके तेरी आँखों में रुका चल ना सका
आज लाया हूँ वही गीत मैं तेरे लिये

दिल में रख लेना इसे हाथों से ये छूटे न कहीं
गीत नाज़ुक है मेरा शीशे से भी टूटे न कहीं
गुनगुनाऊंगा यही गीत मैं तेरे लिये

जब तलक ना ये तेरे रस के भरे होंठों से मिले
यूँ ही आवारा फिरेगा ये तेरी ज़ुल्फ़ों के तले
गाये जाऊंगा यही गीत मैं तेरे लिये



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जाएं तो जाएं कहाँ



Singer: Talat Mahmood

जाएं तो जाएं कहाँ
समझेगा कौन यहाँ
दर्द भरे दिल की ज़ुबाँ
जाएं तो जाएं कहाँ

मायूसियों का मजमा है जी में
क्या रह गया है इस ज़िंदगी में
रूह में ग़म दिल में धुआँ
जाएं तो जाएं कहाँ

उनका भी ग़म है, अपना भी ग़म है
अब दिल के बचने की उम्मीद कम है
इक कश्ती, सौ तूफ़ाँ
जाएं तो जाएं कहाँ



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रविवार, 31 अक्टूबर 2010

तेरी चमकती आँखों के आगे



Singers: Lata Mangeshkar and Talat Mahmood

तेरी चमकती आँखों के आगे ये सितारे कुछ भी नहीं
तू जो बढ़ा दे हाथ ज़रा दुनिया के सहारे कुछ भी नहीं

मान लिया दिलकश हैं बहुत ये रात हसीँ ये चाँद जवाँ
बात जो देखी है तुझ में नज़ारों में वो बात कहाँ
सामने मेरे तू हो अगर दुनिया के नज़ारे कुछ भी नहीं

साथ है मेरे तू जब तक रोशन है जीवन की राहें
क्यूँ हो मुझे मंज़िल का ग़म पतवार हैं जब तेरी बाहें
मांझी है गर तू नैय्या का तूफ़ान के धारे कुछ भी नहीं

बाँध लिया बंधन में तुम्हें बस में कर लिया बहारों को
है ये वो बंधन जो कर दे आज़ाद ग़मों के मारों को
प्यार की तेरे छाँव मिले तो ग़म के शरारे कुछ भी नहीं



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ऐ मेरे दिल कहीं और चल



Singer: Talat Mahmood

ऐ मेरे दिल कहीं और चल
ग़म की दुनिया से दिल भर गया
ढूँढ ले अब कोई घर नया

चल जहाँ ग़म के मारे न हों
झूठी आशा के तारे न हों
झूठी आशा के तारे न हों
इन बहारों से क्या फ़ायदा
जिस में दिल की कली जल गई
ज़ख़्म फिर से हरा हो गया

चार आँसू कोई रो दिया
फेर के मुँह कोई चल दिया
फेर के मुँह कोई चल दिया
लुट रहा था किसी का जहाँ
देखती रह गई ये ज़मीं
चुप रहा बेरहम आसमां



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शाम-ए-गम की कसम



Singer: Talat Mahmood

शाम-ए-ग़म की क़सम आज ग़मगीं हैं हम
आ भी जा आ भी जा आज मेरे सनम
शाम-ए-ग़म की क़सम
दिल परेशान है रात वीरान है
देख जा किस तरह आज तनहा हैं हम
शाम-ए-ग़म की क़सम

चैन कैसा जो पहलू में तू ही नहीं
मार डाले न दर्द-ए-जुदाई कहीं
रुत हंसीं है तो क्या चाँदनी है तो क्या
चाँदनी ज़ुल्म है और जुदाई सितम
शाम-ए-ग़म की क़सम

अब तो आजा के अब रात भी सो गई
ज़िन्दगी ग़म के सेहराओं में खो गई
ढूँढती हैं नज़र तू कहाँ हैं मगर
देखते देखते आया आँखों में दम
शाम-ए-ग़म की क़सम



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मंगलवार, 26 अक्टूबर 2010

आँसू तो नहीं हैं आँखों में



Singer: Talat Mahmood

आँसू तो नहीं हैं आँखों में
पहलू में मगर दिल जलता है, दिल जलता है
बूँदों पे लहू है हसरत का
जिगर पर आरा सा चलता है, दिल जलता है

जाग उठता है जब ग़म क्या कहिये
उस वक़्त का आलम क्या कहिये
उस रात गये धीरे धीरे
जब कोई कलेजा मलता है, दिल जलता है

ऐ दर्द-ए-जिगर ये बात है क्या
ये आख्रिरी अपनी रात है क्या
होती है कसक हर धड़कन में
हर साँस में खंजर चलता है, दिल जलता है

हम हार गये हैं तेरे ग़म से
देखा ही नहीं जाता हमसे
जलता है पतंगा जब कोई
और शम्मा का आँसू ढलता है, दिल जलता है



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