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सोमवार, 26 अगस्त 2013

रजनीगंधा फूल तुम्हारे - Rajnigandha Phool Tumhare (Lata Mangeshkar, Rajnigandha)



Movie/Album: रजनीगंधा (1974)
Music By: सलिल चौधरी
Lyrics By: योगेश
Performed By: लता मंगेशकर

रजनीगंधा फूल तुम्हारे, महके यूँ ही जीवन में
यूँ ही महके प्रीत पिया की, मेरे अनुरागी मन में

अधिकार ये जब से साजन का हर धड़कन पर माना मैंने
मैं जबसे उनके साथ बँधी, ये भेद तभी जाना मैंने
कितना सुख है बंधन में
रजनीगंधा फूल तुम्हारे...

हर पल मेरी इन आँखों में बस रहते हैं सपने उनके
मन कहता है मैं रंगों की, एक प्यार भरी बदली बनके
बरसूँ उनके आँगन में
रजनीगंधा फूल तुम्हारे...

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रविवार, 25 अगस्त 2013

कई बार यूँ भी देखा है - Kai Baar Yun Bhi Dekha Hai (Mukesh, Rajnigandha)



Movie/Album: रजनीगंधा (1974)
Music By: सलिल चौधरी
Lyrics By: योगेश
Performed By: मुकेश

कई बार यूँ भी देखा है
ये जो मन की सीमा रेखा है
मन तोड़ने लगता है
अनजानी प्यास के पीछे
अनजानी आस के पीछे
मन दौड़ने लगता है

राहों में, राहों में, जीवन की राहों में
जो खिले हैं फूल, फूल मुस्कुरा के
कौन सा फूल चुरा के
रखूँ लूँ मन में सज़ा के
कई बार यूँ भी...

जानूँ ना, जानूँ ना, उलझन ये जानूँ ना
सुलझाऊं कैसे कुछ समझ ना पाऊं
किसको मीत बनाऊ
किसकी प्रीत भुलाऊं
कई बार यूँ भी...

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बुधवार, 22 मई 2013

मैं ना भूलूँगा, मैं ना भूलूंगी - Main Na Bhoolunga, Main Na Bhoolungi (Mukesh, Lata)



Movie/Album: रोटी कपड़ा और मकान (1974)
Music By: लक्ष्मीकांत प्यारेलाल
Lyrics By: संतोष आनंद
Performed By: मुकेश, लता मंगेशकर

मैं ना भूलूंगा, मैं ना भूलूंगी
इन रस्मों को, इन कसमों को
इन रिश्ते नातों को
मैं ना भूलूंगा...

चलो जग को भूले, ख़यालों में झूले
बहारों में डोले, सितारों को छू ले
आ तेरी मैं माँग सवारूँ , तू दुल्हन बन जा
माँग से जो दुल्हन का रिश्ता, मैं ना भूलूंगी
मैं ना भूलूँगा...

समय की धारा में, उमर बह जानी है
जो घड़ी जी लेंगे, वही रह जानी है
मैं बन जाऊँ साँस आखिरी, तू जीवन बन जा
जीवन से साँसों का रिश्ता, मैं ना भूलूंगी
मैं ना भूलूँगा...

बरसता सावन हो, महकता आँगन हो
कभी दिल दूल्हा हो, कभी दिल दुल्हन हो
गगन बन कर झूमें, पवन बन कर घूमे
चलो राहे मोड़ें, कभी ना संग छोड़ें
कहीं पे छुप जाना हैं, नज़र नहीं आना हैं
कहीं पे बस जायेंगे, ये दिन कट जायेंगे
अरे क्या बात चली, वो देखो रात ढली
ये बातें चलती रहें, ये रातें ढलती रहें
मैं मन को मंदिर कर डालू, तू पूजन बन जा
मंदिर से पूजा का रिश्ता मैं ना भूलूंगी
मैं ना भूलूँगा...

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मंगलवार, 9 अप्रैल 2013

आ री आजा निंदिया तू - Aa Ri Aaja Nindiya Tu (Kunwara Baap, Kishore, Lata, Mehmood)



Movie/Album: कुंवारा बाप (1974)
Music By: राजेश रोशन
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: किशोर कुमार, लता मंगेशकर, महमूद

आ री आजा
निंदिया तू ले चल कहीं
उड़नखटोले में
दूर दूर दूर, यहाँ से दूर

मेरा तो ये जीवन तमाम
मेरे यार भरा दुःख से
पर मुझको जहां में मिला
सुख कौन बड़ा तुझसे
तेरे लिए मेरी जान
ज़हर हज़ार मैं पी लूँगा
ताज दूंगा दुनिया
एक तेरे संग जी लूँगा
ओ नज़र के नूर
आ री आजा निंदिया...

ये सच है कि मैं अगर
सुख चैन तेरा चाहूँ
तेरी दुनिया से मैं फिर कहीं
अब दूर चला जाऊं
नहीं मेरे डैडी
ऐसी बात फिर से न कहना
रहेगा न जब तू
फिर मुझको भी नहीं रहना
न जा तू हमसे दूर
आ री आजा निंदिया...

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बुधवार, 7 नवंबर 2012

मेरा जीवन कोरा कागज़ - Mera Jeevan Kora Kaagaz (Kishore Kumar)



Movie/Album: कोरा कागज़ (1974)
Music By: कल्याणजी-आनंदजी
Lyrics By: एम.जी.हशमत
Performed By: किशोर कुमार

मेरा जीवन कोरा कागज़ कोरा ही रह गया
जो लिखा था आँसुओं के संग बह गया
मेरा जीवन कोरा कागज़...

इक हवा का झोंका आया
टूटा डाली से फूल
ना पवन की, ना चमन की
किसकी है ये भूल
खो गई खुशबू हवा में कुछ न रह गया
मेरा जीवन कोरा कागज़...

उड़ते पंछी का ठिकाना
मेरा न कोई जहां
ना डगर है, ना खबर है
जाना है मुझको कहाँ
बन के सपना हमसफ़र का साथ रह गया
मेरा जीवन कोरा कागज़...

दुख के अन्दर सुख की ज्योती
दुख ही सुख का ज्ञान
दर्द सह के जन्म लेता
हर कोई इंसान
वो सुखी है जो खुशी से दर्द सह गया
मेरा जीवन कोरा कागज़...

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शनिवार, 3 नवंबर 2012

बहना ने भाई की कलाई - Behna Ne Bhai Ki Kalai (Suman Kalyanpur)



Movie/Album: रेशम की डोरी (1974)
Music By: शंकर-जयकिशन
Lyrics By: शैलेन्द्र
Performed By: सुमन कल्यानपुर

बहना ने भाई की कलाई से प्यार बाँधा है
प्यार के दो तार से, सँसार बाँधा है
रेशम की डोरी से सँसार बाँधा है

सुंदरता में जो कन्हैया है
ममता में यशोदा मईया है
वो और नहीं दूजा कोई
वो तो मेरा राजा भईया है
बहना ने भाई की कलाई से...

मेरा फूल है तू, तलवार है तू
मेरी लाज का पहरेदार है तू
मैं अकेली कहाँ इस दुनिया में
मेरा सारा सँसार है तू
बहना ने भाई की कलाई से...

हमें दूर भले किस्मत कर दे
अपने मन से न जुदा करना
सावन के पावन दिन भईया
बहना को याद किया करना
बहना ने भाई की कलाई से...

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बुधवार, 22 फ़रवरी 2012

भीगी-भीगी रातों में - Bheegi Bheegi Raaton Mein (Kishore Kumar, Lata Mangeshkar)



Movie/Album: अजनबी (1974)
Music By: आर.डी.बर्मन
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: किशोर कुमार, लता मंगेशकर

भीगी-भीगी रातों में, मीठी-मीठी बातों में
ऐसी बरसातों में, कैसा लगता है
ऐसा लगता है, तुम बनके बादल
मेरे बदन को भीगो के मुझे
छेड़ रहे हो, छेड़ रहे हो

अंबर खेले होली, उइमा
भीगी मोरी चोली, हमजोली, हमजोली
पानी के इस रेले में, सावन के इस मेले में
छत पे अकेले में, कैसा लगता है
ऐसा लगता है तुम बनके घटा
अपने सजन को भीगो के खेल
खेल रही हो, खेल रही हो

बरखा से बचा लूँ तुझे, सीने से लगा लूँ
आ छुपा लूँ, आ छुपा लूँ
दिल ने पुकारा देखो, रुत का इशारा देखो
उफ़ ये नज़ारा देखो, कैसा लगता है, बोलो?
ऐसा लगता है कुछ हो जाएगा
मस्त पवन के यह झोके सैयां
देख रहे हो, देख रहे हो

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सोमवार, 23 जनवरी 2012

तेरी गलियों में ना - Teri Galiyon Mein Na (Md.Rafi)



Movie/Album: हवस (1974)
Music By: उषा खन्ना
Lyrics By: सावन कुमार
Performed By: मो.रफ़ी

तेरी गलियों में ना रखेंगे कदम, आज के बाद
तेरे मिलने को न आएंगे सनम, आज के बाद

तू मेरा मिलना
तू मेरा मिलना समझ लेना एक सपना था
तुझको आखिर मिल ही गया जो तेरा अपना था
हमको दुनिया में समझना ना सनम, आज के बाद
तेरे मिलने को...

घिर के आएंगी
घिर के आएंगी घटाएं फिर से सावन की
तुम तो बाहों में रहोगी अपने साजन की
गले हम ग़म को लगाएंगे सनम, आज के बाद
तेरे मिलने को...

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सोमवार, 16 जनवरी 2012

प्यार भरे दो शर्मीले नैन - Pyar Bhare Do Sharmeele Nain (Mehdi Hassan)



Movie/Album: चाहत (1974)
Music By: डॉ.मुजीब शाद
Lyrics By: क़तील शीफाई
Performed By: मेहदी हसन

प्यार भरे दो शर्मीले नैन
जिनसे मिला मेरे दिल को चैन
कोई जाने ना क्यूं मुझसे शर्माए
कैसे मुझे तड़पाए

दिल ये कहे गीत मैं तेरे गाऊँ
तू ही सुने और मैं गाता जाऊं
तू जो रहे साथ मेरे दुनिया को ठुकराऊं
तेरा दिल बहलाऊँ
प्यार भरे दो शर्मीले...

रूप तेरा कलियों को शर्माये
कैसे कोई अपने दिल को बचाये
पास है तू फिर भी जानम कौन तुझे समझाये
सावन बीता जाये
प्यार भरे दो शर्मीले...

डर है मुझे तुझसे बिछड़ ना जाऊं
खो के तुझे मिलने की राह न पाऊँ
ऐसा न हो जब भी तेरा नाम लबों पर लाऊँ
मैं आंसूं बन जाऊं
जिनसे मिला मेरे दिल को...

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शनिवार, 31 दिसंबर 2011

रुक जाना नहीं - Ruk Jaana Nahin (Kishore Kumar)



Movie/Album: इम्तिहां (1974)
Music By: लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल
Lyrics By: मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By: किशोर कुमार

रुक जाना नहीं तू कहीं हार के
काँटों पे चल के मिलेंगे साये बहार के
ओ राही, ओ राही

सूरज देख रुक गया है
तेरे आगे झुक गया है
जब कभी ऐसे कोई मस्ताना
निकले है अपनी धुन में दीवाना
शाम सुहानी बन जाते हैं दिन इंतज़ार के
ओ राही, ओ राही...

साथी न कारवां है
ये तेरा इम्तिहां है
यूँ ही चला चल दिल के सहारे
करती है मंज़िल तुझको इशारे
देख कहीं कोई रोक नहीं ले तुझको पुकार के
ओ राही, ओ राही...

नैन आँसू जो लिये हैं
ये राहों के दीये हैं
लोगों को उनका सब कुछ दे के
तू तो चला था सपने ही ले के
कोई नहीं तो तेरे अपने हैं सपने ये प्यार के
ओ राही, ओ राही...

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गुरुवार, 20 अक्टूबर 2011

एक अजनबी हसीना से - Ek Ajnabi Haseena Se (Kishore Kumar)



Movie/Album: अजनबी (1974)
Music By: आर.डी.बर्मन
Lyrics By: आनंद बक्षी
Performed By: किशोर कुमार

एक अजनबी हसीना से, यूँ मुलाकात हो गई
फिर क्या हुआ, ये ना पूछो, कुछ ऐसी बात हो गई

वो अचानक आ गई, यूँ नज़र के सामने
जैसे निकल आया घटा से चाँद
चेहरे पे ज़ुल्फ़ें, बिखरी हुई थीं
दिन में रात हो गई
एक अजनबी हसीना से...

जान-ए-मन जान-ए-जिगर, होता मैं शायर अगर
कहता ग़ज़ल तेरी अदाओं पर
मैंने ये कहा तो, मुझसे ख़फ़ा वो
जान-ए-हयात हो गई
एक अजनबी हसीना से...

खूबसूरत बात ये, चार पल का साथ ये
सारी उमर मुझको रहेगा याद
मैं अकेला था मगर, बन गई वो हमसफ़र
वो मेरे साथ हो गई
एक अजनबी हसीना से...

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गुरुवार, 10 फ़रवरी 2011

कहीं करती होगी - Kahin Karti Hogi (Mukesh, Lata)



Movie/Album : फिर कब मिलोगी (1974)
Music By : आर.डी.बर्मन
Lyrics By : मजरूह सुल्तानपुरी
Performed By : मुकेश, लता मंगेशकर

कहीं करती होगी, वो मेरा इंतज़ार
जिसकी तमन्ना में, फिरता हूँ बेक़रार

दूर ज़ुल्फ़ों कि छाँव से, कहता हूँ मैं हवाओं से
उसी बुत की अदाओं के, अफ़साने हज़ार
वो जो बाहों में मचल जाती, हसरत ही निकल जाती
मेरी दुनिया बदल जाती, मिल जाता क़रार
कहीं करती होगी...

अरमां है कोई पास आये, इन हाथों में वो हाथ आये
फिर ख़्वाबों की घटा छाये, बरसाये खुमार
फिर उन्हीं दिन-रातों पे, मतवाली मुलक़ातों पे
उल्फ़त भरी बातों पे, हम होते निसार
कहीं करती होगी...

कहीं बैठी होगी राहों में, गुम अपनी ही बाहों में
लिये खोयी सी निगाहों में, खोया-खोया सा प्यार
छाया रुकी होगी आँचल की, चुप होगी धुन पायल की
होगी पलकों में काजल की, खोयी खोयी बहार
कहीं करती होगी...

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शुक्रवार, 4 फ़रवरी 2011

गाड़ी बुला रही है - Gaadi Bula Rahi Hai (Kishore Kumar)



Movie/Album : दोस्त (1974)
Music By : लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल
Lyrics By : आनंद बक्षी
Performed By : किशोर कुमार

गाड़ी बुला रही है, सीटी बजा रही है
चलना ही ज़िंदगी है, चलती ही जा रही है

देखो वो रेल, बच्चों का खेल, सीखो सबक जवानों
सर पे है बोझ, सीने में आग, लब पर धुंआ है जानो
फिर भी ये गा रही है, नगमें सुना रही है
गाड़ी बुला...

आगे तूफ़ान, पीछे बरसात, ऊपर गगन पे बिजली
सोचे न बात, दिन हो के रात, सिगनल हुआ के निकली
देखो वो आ रही है, देखो वो जा रही है
गाड़ी बुला...

आते हैं लोग, जाते हैं लोग, पानी के जैसे रेले
जाने के बाद, आते हैं याद, गुज़रे हुए वो मेले
यादें मिटा रही हैं, यादें बना रही हैं
गाड़ी बुला...

गाड़ी को देख, कैसी है नेक, अच्छा बुरा न देखे
सब हैं सवार, दुश्मन के यार, सबको चली ये लेके
जीना सिखा रही है, मरना सिखा रही है
गाड़ी बुला...

गाड़ी का नाम, ना कर बदनाम, पटरी पे रख के सर को
हिम्मत न हार, कर इंतज़ार, आ लौट जाएं घर को
ये रात जा रही है, वो सुबह आ रही है
गाड़ी बुला...

सुन ये पैगाम, ये है संग्राम, जीवन नहीं है सपना
दरिया को फ़ांद, पवर्त को चीर, काम है ये उसका अपना
नींदें उड़ा रही है, जागो जगा रही है
गाड़ी बुला...

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मंगलवार, 16 नवंबर 2010

ज़िन्दगी के सफ़र में गुज़र जाते हैं - Zindagi Ke Safar Mein Guzar Jaate Hain (Kishore Kumar)



Movie/Album : आप की कसम (1974)
Music By : आर. डी. बर्मन
Lyrics By : आनंद बक्षी
Performed By : किशोर कुमार

ज़िन्दगी के सफ़र में गुज़र जाते हैं जो मकाम
वो फिर नहीं आते, वो फिर नहीं आते

फूल खिलते हैं, लोग मिलते हैं
फूल खिलते हैं, लोग मिलते हैं मगर
पतझड़ में जो फूल मुरझा जाते हैं
वो बहारों के आने से खिलते नहीं
कुछ लोग एक रोज़ जो बिछड़ जाते हैं
वो हजारों के आने से मिलते नहीं
उम्र भर चाहे कोई पुकारा करे उनका नाम
वो फिर नहीं आते...

आँख धोखा है, क्या भरोसा है
आँख धोखा है, क्या भरोसा है सुनो
दोस्तों शक दोस्ती का दुश्मन है
अपने दिल में इसे घर बनाने न दो
कल तड़पना पड़े याद में जिनकी
रोक लो रूठ कर उनको जाने न दो
बाद में प्यार के चाहे भेजो हजारों सलाम
वो फिर नहीं आते...

सुबहो आती है, रात जाती है
सुबहो आती है, रात जाती है यूँ ही
वक़्त चलता ही रहता है रुकता नहीं
एक पल में ये आगे निकल जाता है
आदमी ठीक से देख पाता नहीं
और परदे पे मंज़र बदल जाता है
एक बार चले जाते हैं जो दिन-रात, सुबहो-शाम
वो फिर नहीं आते...

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